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Hindi News ›   India News ›   Wreckage of IAF's AN-32 aircraft traced, seven-and-a-half years after it went missing

IAF: भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान का मलबा मिला, आठ साल पहले बंगाल की खाड़ी में हुआ था गायब; सवार थे 29 लोग

Fri, 12 Jan 2024 07:45 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 12 Jan 2024 07:45 PM IST
सार

IAF: भारतीय वायुसेना के एक मालवाहक विमान का मलबा मिला है। यह विमान साल 2016 में बंगाल की खाड़ी के ऊपर से लापता हो गया था। तब विमान में 29 लोग सवार थे। 

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Wreckage of IAF's AN-32 aircraft traced, seven-and-a-half years after it went missing
भारतीय वायुसेना का लापता मालवाहक विमान एएन-32 - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

करीब साढ़े सात साल बाद भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के एक मालवाहक विमान का मलबा मिला है। यह मलबा बंगाल की खाड़ी में करीब 3.4 किलोमीटर की गहराई पर पाया गया। 22 जुलाई 2016 को विमान जब लापता हुआ था, तब उसमें चालक दल के छह सदस्यों समेत 29 लोग सवार थे। 

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तैनात किया गया था एयूवी
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (एयूवी) तैनात किया गया था। उसके द्वारा हाल ही में ली गई तस्वीरों की जांच की गई। जिसमें पाया गया कि यह मलबा मालवाहक विमान एएन-32 का है। मलबा चेन्नई तट से 310 किलोमीटर की दूरी पर है। 

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एएन-32 से मेल खा रहा मलबा
मंत्रालय ने कहा कि इन तस्वीरों की जांच की गई और पाया गया कि ये एएन-32 विमान से मेल खाती हैं। जिस जगह पर मलबा पाया गया है, इतिहास में उस इलाके (संभावित दुर्घटना स्थल) में किसी अन्य विमान के लापता होने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। मलबे से लग रहा है कि यह आईएएफ का दुर्घटनाग्रस्त एएन-32 विमान का है। 

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विमान में सवार थे 29 कर्मी
वायुसेना का विमान एएन-32 एक मिशन के दौरान 22 जुलाई 2016 को बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था। इस विमान की पंजीकरण संख्या के-2743 थी। इसमें 29 कर्मी सवार थे। विमान के लापता होने के बाद बड़े पैमाने खोज और बचाव अभियान चलाया गया था। लेकिन, उस समय मलबे का पता नहीं लगा। राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान ने हाल ही में गहरे समुद्र एयूवी तैनात किया था। एयूवी को लापता एएन-32 विमान के अंतिम ज्ञात स्थान पर गहरे समुद्र में तैनात किया गया था। 

एनआईओटी के वैज्ञानिकों ने क्या कहा
चेन्नई स्थित राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी) के वैज्ञानिकों को दिसंबर में महासागर मानचित्रण (सीबेड मैपिंग) के लिए अपने नए  एयूवी के उपकरणों का परीक्षण करने के दौरान इस लापता मालवाहक विमान के मलबे का पता चला था। पिछले साल 9-10 दिसंबर को एक परीक्षण अभियान के दौरान एयूवी के उपकरणों से  3,400 मीटर की गहराई पर समुद्र तल से मजबूत संकेत (सिग्नल) मिले थे। इन सिग्नल ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने समुद्र तल की और गहराई तक जाने का फैसला किया। 

एनआईओटी के निदेशेक जीए रामदास ने बताया कि इसके बाद उन्होंने और गहराई तक छानबीन की और कुछ तस्वीरें लीं। इन तस्वीरों को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के जरिए वायुसेना के साथ साझा किया गया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद वायुसेना ने पुष्टि की कि मलबा एएन32 विमान का है। जो सात साल पहले लापता हो गया था। एक अन्य वैज्ञानिक ने बताया कि शुरू में इसे जहाज का मलबा माना जा रहा था। लेकिन, बारीकी से जांच करने के बाद शोधकर्ताओं ने भारतीय वायुसेना के विमान पर तिरंगे की पहचान की। 

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