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Cabinet: 'विकास भी विरासत भी' योजना को मंजूरी, गुजरात में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री विरासत कॉम्प्लेक्स

Thu, 10 Oct 2024 04:34 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 10 Oct 2024 04:34 AM IST
सार

इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने देश की सीमाओं में लगे इलाकों खासतौर पर पंजाब और राजस्थान में आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए विस्तृत निर्माण योजना का मंजूरी दी है। इसके तहत राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के 2 हजार किलोमीटर से अधिक नया रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

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World largest maritime heritage complex to be built in Lothal Gujarat Union Cabinet approved plan
केंद्रीय कैबिनेट - फोटो : एएनआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने विकास भी विरासत भी योजना को भी स्वीकृति प्रदान की है। इसका लक्ष्य भारत की नेवी क्षमताओं के सुनहरे और जीवंत इतिहास से दुनिया को परिचित करना है। इसके तहत देश की नौवहन इतिहास को सजीव करने के लिए गुजरात के लोथल में एक नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा, जो कि दो साल में साकार दिखने लगेगा। इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने देश की सीमाओं में लगे इलाकों खासतौर पर पंजाब और राजस्थान में आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए विस्तृत निर्माण योजना का मंजूरी दी है। इसके तहत राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के 2 हजार किलोमीटर से अधिक नया रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे देश के अन्य रोड नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा।

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विकास और विरासत की इस योजना में कैबिनेट ने देश की नौवहन यानी समुद्र में परिवहन की विरासत से दुनिया को परिचित कराने का बीड़ा उठाया है, इसके लिए एक विस्तृत योजना को मंजूरी दी गई है। भारत की समुद्री विरासत बहुत समृद्ध है और सबसे पुराने समुद्री साक्ष्य लगभग 4,500 साल पुराने हैं। चोल और पांड्यों के पास विशाल नौसैनिक और व्यापारिक बेड़े थे। उड़ीसा से व्यापारी जहाज श्रीलंका, बाली, जावा और गोवा तक जाते थे। गुजरात में लोथल पारंपरिक हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख शहरों में से एक था, जिसका इतिहास 2400 ईसा पूर्व का है। जहाज निर्माण, व्यापारी बेड़ा और वल्लभी विश्वविद्यालय विश्व प्रसिद्ध थे।
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भारत का जहाज निर्माण उद्योग विश्व प्रसिद्ध था। हमारी समृद्ध समुद्री विरासत को संरक्षित और विकसित करने की आवश्यकता है। इसके मद्दे नजर ही राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का विकास करने की योजना को मंजूरी मिली है। इसमें शिवाजी के जमाने से उनके नौसेनापति कन्होजी अंग्र की जलीय सुरक्षा में क्षमता से लेकर अनादिकाल से चली आ रही भारतीय समृद्ध नौवहन की विस्तृत और साझा विरासत को शोकेस किया जाएगा। इसमें लाइट हाउस और संग्रहालय होगा। जिसमें भारत की पानी के जहाज बनाने की विरासत, लोथल शहर में किस तरह से नौवहन संचालित होता था, को लोग देख सकेंगे। यह दुनिया का सबसे बड़ा मेरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स होगा। इससे प्रेरित होकर देश के अन्य राज्य नौवहन इतिहास को लेकर अपनी अपनी उपलब्धियों से भरी ऐसी ही विरासत को आकार देने के लिए प्रेरित होंगे।
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इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने सीमावर्ती गांवों को देश का आखिरी कोना न मानकर उन्हें पहले गांव की उपाधि दी है। इसके तहत पहली बार राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2280 किलोमीटर लंबा रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा, इस पर 4406 करोड़ रुपये का निवेश केंद्र सरकार करेगी। इसका मकसद राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना उन्हें मुख्य मार्ग से जोड़ना है। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है। मौजूदा सरकार ने इस विषय को लेकर सुदूर पूर्वोत्तर से लेकर पूरे देश की सीमावर्ती इलाकों में काम किया है। इसके परिणामस्वरूप सीमा पर बसे गांवों को लेकर मानसिकता में बदलाव आया है। अब यह देश के अंतिम नहीं जीवंत गांव प्रथम गांव हैं। यहां सड़कें, दूरसंचार संपर्क, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीण आजीविका में वृद्धि होगी, यात्रा आसान हो जाएगी। इससे देश के शेष राजमार्ग नेटवर्क के साथ संपर्क सुनिश्चित किया जा सकेगा। वैष्णव ने कहा सीमावर्ती इलाकों के विकास को लेकर मोदी सरकार आधुनिक सोच के साथ इनके विकास पर समग्रता के लिहाज से जोर दे रही है।

पीएम मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक में सुशासन पर दिया जोर
इसके अलावा, हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा की ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने अपने सहयोगियों को सुशासन और सार्वजनिक सेवा का संदेश दिया। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए भविष्य के एजेंडे पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने सभी को याद दिलाया कि राजनीति राष्ट्र सेवा का एक साधन है, न कि केवल सत्ता में बने रहने का। उन्होंने सभी को विनम्र रहने की सलाह दी। 


हरियाणा में भाजपा की अभूतपूर्व जीत और जम्मू-कश्मीर में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सुशासन, सर्व-समावेशी विकास और लोगों की सेवा उनका आदर्श वाक्य होना चाहिए। पीएम ने कहा मंत्रियों को आम लोगों की समस्याओं को हल करने और उनके जीवन को आसान बनाने के लिए खुद को समर्पित करना चाहिए।
 

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