World Health Day : दुनिया भर में बढ़ रहा है तंबाकू का सेवन, फिर भी भारत में ऐसे हुआ कम
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तंबाकू खाना सेहत के लिए हानिकारक होता है ये बात तो सभी जानते हैं। फिर भी इसका सेवन करने वालों की संख्या दुनिया भर में बढ़ती जा रही है। इसमें शामिल जहरीले पदार्थ श्वास नली से होते हुए शरीर के बाकी अंगों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन भारत में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से तंबाकू सेवन में काफी कमी आई है। ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वे (जीएटीएस) के मुताबिक भारत में 81 लाख लोगों ने धूम्रपान करना बंद कर दिया है।
उन्होंने ऐसा ही एक सर्वे साल 2010 में भी किया था। उनके पुराने और नए आंकड़ों से पता चला कि धूम्रपान करने वालों की संख्या में 6 फीसदी की कमी आई है। बता दें कि जीएटीएस अपने सर्वे में योजनाबद्ध तरीके से तंबाकू रोकथाम सूचकों का इस्तेमाल करते हुए उन एडल्टों पर नजर रखता है जो तंबाकू का सेवन करते हैं। उनके हाल ही के सर्वे में देश भर के 74,037 लोग शामिल हुए थे।
अगस्त 2016 - फरवरी 2017 तक चले इस सर्वे में 15 साल की उम्र से अधिक के एडल्टों को चुना गया। उनके सर्वे में यह बात भी सामने आई कि भारत में तंबाकू उत्पादों पर चेतावनी का इस्तेमाल बढ़ा है और इन पर कर की मात्रा भी बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही भारत में तंबाकू उत्पाद के इस्तेमाल को रोकने के लिए जागरुकता अभियान भी चलाए गए हैं। जिसकी वजह से इसके सेवन में कमी आई है। सर्वे के मुताबिक 15-24 वर्ष के लोगों में तंबाकू सेवन 33 फीसदी कम हो गया है। वहीं 15-17 वर्ष के लोगों में इसका सेवन 54 फीसदी तक कम हो गया है।
इसके अलावा भारत सरकार की नेशनल हेल्थ पॉलिसी में भी तंबाकू इस्तेमाल को कम करने के लिए उद्देश्य रखे गए हैं। जिसमें 2020 तक 15 फीसदी और 2025 तक 30 फीसदी तक तंबाकू सेवन कम करने का उद्देश्य रखा गया है।
इतने फीसदी लोग करते हैं तंबाकू सेवन
- 15 साल और इससे अधिक के 28.6 फीसदी एडल्ट।
- 19.9 करोड़ एडल्ट ग्रामीण क्षेत्रों में और 6.8 करोड़ शहरी क्षेत्रों में।
- 19.9 करोड़ में हर पांचवां एडल्ट धुंआ रहित तंबाकू का सेवन करता है।
- 10.0 करोड़ में हर दस्वां एडल्ट धूम्रपान के जरिए तंबाकू का सेवन करते हैं।
अध्ययन में यह भी पता चला है कि भारतीय पुरुष आमतौर पर खैनी, बीड़ी और गुटखे का सेवन करते हैं। जबकि महिलाएं प्राथमिक तौर पर पान, तंबाकू और खैनी का सेवन करती हैं। सर्वे के अनुसार 19 फीसदी पुरुष, 2 फीसदी महलाएं और 10.7 फीसदी लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। जिनमें से 29.6 फीसदी पुरुष, 12.8 फीसदी महिलाएं और 21.4 फीसदी एडल्ट धुआं रहित तंबाकू का सेवन करते है।
जीएटीएस-1 सर्वे के अनुसार 15-24 वर्ष के 18.4 फीसदी लोग तंबाकू सेवन करते थे। यह संख्या जीएटीएस-2 में कम होकर 12.4 फीसदी हो गई। वहीं 15-17 के नाबालिगों में तंबाकू सेवन 54 फीसदी कम हुआ है और 18-24 साल के युवाओं में यह संख्या 28 फीसदी तक कम हुई है।
वहीं इस सर्वे में एक और अच्छा परिणाम भी आया है। पहले सर्वे के मुताबिक आमतौर पर 17.9 साल की आयु से लोग तंबाकू सेवन शुरू करते थे जिनकी उम्र दूसरे सर्वे के मुताबिक 18.8 साल हो गई है। इससे यह साबित होता है कि सरकार के प्रयास कारगर सिद्ध हो रहे हैं।
तंबाकू से शरीर को होने वाले नुकसान
- केैंसर जैसी बीमारियों को बढ़ावा देता है।
- दांत ढीले और कमजोर करता हैं।
- शरीर के एंजाइम्स पर बुरा प्रभाव डालता है।
- जीभ, जबड़े और गालों के अंदर सेंसिटिव सफेद पेच बनते हैं जिससे कैंसर शुरू होता है।
- डीएनए को भारी नुकसान होता है।
- कैंसर श्वास नली से होता हुआ फेंफड़ों तक पहुंच जाता है।
- पेट में दर्द और असलर जैसी बीमारियां होती हैं।
- एसिडिटी होती है।
- गर्भवती महिलाओं के तंबाकू सेवन करने पर बच्चों पर बुरा पड़ता है।