प्रधानमंत्री मोदी से मिले विश्वबैंक के प्रमुख, दोहराई 24 अरब डॉलर देने की प्रतिबद्धता
- भारत दौरे पर आए विश्व बैंक के प्रमुख डेविड मलपास ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की
- विश्व बैंक ने देश में चल रही 97 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आर्थिक मदद देने का वादा दोहराया
- मलपास ने वित्तीय क्षेत्र को आगे बढ़ाने और भारत में विकास दर बढ़ाने के कई तरीकों पर चर्चा की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत दौरे पर आए विश्व बैंक के प्रमुख डेविड मलपास ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएमओ ने दोनों की मुलाकात की फोटो ट्वीट की। हालांकि पीएमओ ने यह नहीं बताया कि दोनों के बीच किन मुद्दों पर वार्ता हुई। मालूम हो कि विश्वबैंक के प्रमुख ने इसी महीने कहा था कि अपने भारत दौरे के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर वित्तीय क्षेत्र में आ रही चुनौतियों पर चर्चा करेंगे जहां प्रगति की जा सकती है, ताकि भारत और तेजी से विकास कर सके। इसके साथ ही मलपास कई और नेताओं से मिलने का भी कार्यक्रम है।
President of the @WorldBank, Mr. David Malpass met PM @narendramodi. pic.twitter.com/EujJV4SFMP
— PMO India (@PMOIndia) October 26, 2019
97 परियोजनाओं में भारत की मदद का वादा पूरा करेगा विश्व बैंक
विश्व बैंक ने एक बार फिर देश में चल रही 97 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आर्थिक मदद देने का वादा दोहराया है। इस वैश्विक वित्तीय संस्थान के अध्यक्ष डेविड मलपास ने शनिवार को कहा कि विश्व बैंक इन परियोजनाओं के लिए भारत को 24 अरब डॉलर उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है।
यहां मीडिया से वार्ता के दौरान मलपास ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि यह कार्यक्रम जारी रहेगा और भारत में चल रही परियोजनाओं और सुधारों के तौर पर प्रतिबिंबित होगा। उन्होंने कहा, यह मदद 5 से 6 अरब डॉलर प्रतिवर्ष रहेगी। बता दें कि विश्व बैंक के अध्यक्ष इस समय भारत के दौरे पर हैं। इससे पहले शनिवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की।
मीडिया से मुलाकात में उन्होंने इस बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान हमने वित्तीय क्षेत्र को आगे बढ़ाने और भारत में विकास दर बढ़ाने के कई तरीकों पर चर्चा की। भारत की आर्थिक तरक्की की प्रशंसा करते हुए मलपास ने कहा, भारत के वित्तीय क्षेत्र ने संपत्तियों की निगरानी, दिवालिया प्रक्रिया, बैंकिंग सिस्टम को और सुदृढ़ बनाने तथा आगे बढ़ने के कई तरीकों के मामले में तरक्की की है।