गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार थलसेना, नौसेना और वायुसेना की एक महिला टुकड़ी कर्तव्य पथ पर कदमताल करते नजर आएगी। इस बार परेड महिलाओं पर केंद्रित होगी। जिसकी थीम 'विकसित भारत' और 'भारत-लोकतंत्र मातृका' होगी। जिसका आगाज सौ महिला कलाकार शंख, नगाड़ा और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ करेंगी।
2 of 5
गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय नौसेना की महिला टुकड़ी (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
इस महिला टुकड़ी का नेतृत्व छब्बीस वर्षीय कैप्टन संध्या करेंगी। एक अभ्यास सत्र के बाद बातचीत में उन्होंने कहा, 'यह अवसर पाकर मैं खुद को भाग्यशाली महसूस कर रही हूं। यह मेरे और साथ ही टीम के प्रत्येक सदस्य के लिए गर्व का क्षण है।'
3 of 5
भारतीय सेना की महिला टुकड़ी (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
महिला सैनिकों का दल दिसंबर की शुरुआत से दिल्ली में है। उससे पहले उन्होंने अपने-अपने स्थानों पर दो महीने तक अभ्यास किया। कैप्टन संध्या ने बताया, 'तीनों सेनाओं के अभ्यास और प्रक्रियाओं में अंतर है। इसके बावजूद इस दल ने एक लक्ष्य के साथ एक इकाई के रूप में प्रशिक्षण लिया।' कैप्टन संध्या साल 2017 के गणतंत्र दिवस परेड में पहले एनसीसी कैडेट के रूप में भी भाग ले चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य यह है कि हम हर कदम पर नारी शक्ति के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दें।'
4 of 5
तीनों सेनाओं की महिला सैनिक
- फोटो : एएनआई (फाइल)
कैप्टन संध्या ने बताया कि नौसेना और वायुसेना से आने वाली महिला सैनिकों को शुरू में यह काम थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगा, क्योंकि तीनों सेनाओं में अभ्यास और प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं। उन्होंने बताया, 'पहला अंतर सलामी के साथ आता है। वायुसेना में नौसेना और थल सेना की तुलना में हाथ का कोण अलग होता है। इसी तरह तलवार का कोण भी अलग होता है।' कैप्टन संध्या ने बताया, 'लेकिन हम सभी ने अच्छे से अभ्यास किया है और हम 23 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल के लिए तैयार हैं।'
5 of 5
गणतंत्र दिवस परेड (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने आगे कहा, 'देश की प्रगति में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके पास असीम क्षमता है।' उन्होंने कहा, 'महिलाएं अर्द्धसैनिक बल में आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं। सरकार ने रक्षा सेवाओं में भी महिला सैनिकों को शामिल करना शुरू कर दिया है। मुझे इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनने का मौका मिला है।' उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार है जब तीनों सेनाओं की महिलाएं एकत्रित हुई हैं और वे गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगी।