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हाजी अली की मजार तक जा सकेंगी महिलाएं

Tue, 18 Oct 2016 12:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 18 Oct 2016 12:50 PM IST
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Women to get entry to inner sanctum of Haji Ali Mumbai
हाजी अली
हाजी अली दरगाह मैनेजमेंट ने सुप्रीम कोर्ट को ये बताने का खाका तैयार कर लिया है कि महिलाएं दरगाह के गर्भ गृह में एंट्री ले सकती हैं। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इडिया के मुताबिक, वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि उन्होंने दरगाह कमेटी को मना लिया है कि वह एक ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे महिलाएं गर्भ गृह तक पहुंच सके। हालांकि, बेंच के पास समय कम होने के कारण वह इसे विस्तार से नहीं बता पाए।
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सुब्रमण्यम ने बताया, वह सुप्रीम कोर्ट की प्रगतिशील इच्छा पर दरगार मैनेजमेंट के फैसल से प्रभावित हुए हैं। मैनेजमेंट की नई व्यवस्था से महिलाएं दरगाह के भीतरी हिस्से में भी प्रवेश कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि दरगाह मैनेजमेंट ने महिलाओं के गर्भगृह तक पहुंचने के लिए मोड और मैथड बनाने की इच्छा जताई है।
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सुब्रमण्यम ने आश्वस्त किया कि  सुप्रीम कोर्ट ने हाजी अली दरगाह के गर्भ गृह में महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटाने के फैसले पर बंबई हाई कोर्ट द्वारा लगाई गयी रोक की अवधि 17 अक्टूबर को 24 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दी है। न्यायालय इस मामले में अब 24 अक्तूबर को सुनवाई करेगा। 
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रोक की अवधी बढ़ाने का अनुरोध स्वीकार किया

Women to get entry to inner sanctum of Haji Ali Mumbai
हाजी अली
प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वाय चंद्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष यह मामला सोमवार को भी सुनवाई के लिए नहीं आ सका। इस पर हाजी अली दरगाह ट्रस्ट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने उच्च न्यायालय द्वारा 22 अगस्त के अपने फैसले पर लगायी गयी रोक की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया।

 खंडपीठ ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए रोक की अवधि सुनवाई की अगली तारीख तक बढ़ा दी। शीर्ष अदालत ने सात अक्तूबर को आशा व्यक्त की थी कि उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाला ट्रस्ट प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनायेगा।
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