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Women Quota: लागू हुआ 2023 का महिला आरक्षण कानून, संविधान संशोधन पर चर्चा के बीच ही अधिसूचना जारी; लाभ कब से?

Thu, 16 Apr 2026 11:52 PM IST
Nitin Gautam पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Nitin Gautam Updated Thu, 16 Apr 2026 11:52 PM IST
सार

संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा चल रही है। अभी चर्चा के लिए कल का भी दिन बचा है, लेकिन सरकार ने गुरुवार को ही नोटिफिकेशन जारी महिला आरक्षण कानून को लागू कर दिया है। 

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women reservation act 2023 comes into force law ministry issue notification
2023 के महिला आरक्षण कानून को लागू करने की अधिसूचना जारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 गुरुवार से लागू हो गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है हालांकि, यह साफ नहीं है कि जब संसद में इस कानून पर चर्चा चल ही रही है तो फिर इसे आज से ही लागू क्यों किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1(2) के तहत केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को इस कानून के लागू होने की तिथि निर्धारित की है।
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सितंबर 2023 में संसद ने दी थी मंजूरी
सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण कानून के नाम से जाना जाता है। इसे विधायिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना गया था। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।
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2029 तक नहीं मिल सकेगा आरक्षण का फायदा
हालांकि, 2023 के इस कानून के अनुसार आरक्षण का फायदा 2029 से पहले नहीं मिल सकेगा, क्योंकि इसे 2027 की जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। वर्तमान में लोकसभा में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा चल रही है, उनका उद्देश्य महिला आरक्षण को 2029 से लागू करना है। अधिकारियों के मुताबिक, कानून लागू हो जाने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में यह आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसके लिए अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
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संसद में इन संशोधन विधेयकों पर चर्चा जारी
संसद के विशेष सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन संशोधन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा चल रही है। इन विधेयकों में लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। परिसीमन विधेयक के तहत जनसंख्या की परिभाषा में बदलाव किया जाएगा ताकि 2011 की जनगणना को आधार बनाया जा सके। 

महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े संशोधनों पर चर्चा के दौरान गुरुवार को पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है और वादा है। पीएम मोदी ने कहा, 'हम भ्रम में न रहें, हम अहंकार में न रहें। यहां मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं। हम हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं। ये उनका हक है। और हमने कई दशकों से उनको रोका है। आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है।'


गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि 3 बिलों से दक्षिण के राज्यों की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी। उन्होंने कहा, 'लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं। परिसीमन के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएंगी। तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी।'

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