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असम में ब्याही गई दूसरे राज्यों की महिलाओं को एनआरसी से बाहर रखा गया: मुकुल संगमा
Tue, 10 Sep 2019 10:33 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 10 Sep 2019 10:33 PM IST
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मुकुल संगमा
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल संगमा ने मंगलवार को दावा किया कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी से उन सभी महिलाओं को बाहर कर दिया गया है जो देश के दूसरे राज्यों से विवाह कर असम में आयी हैं।
मेघालय के मुख्मयंत्री रह चुके संगमा ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह उन महिलाओं की मदद करे जो मूल रूप से मेघालय की हैं लेकिन उनका विवाह असम के निवासियों से हुआ है और जिनका नाम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में नहीं है।
संगमा ने विधानसभा में चर्चा के दौरान कहा, ‘‘दूसरे राज्यों की सभी दुल्हनें (राष्ट्रीय नागरिक पंजी से) बाहर हैं। पश्चिम बंगाल, नगालैंड, बिहार और मेघालय में पैदा हुई दुल्हनों को एनआरसी से बाहर रखा गया है।’’
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मेघालय विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि इसका सबसे दुखद पहलू यह है कि वास्तविक भारतीय नागरिकों को इससे बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी पीड़िताओं के फोन लगातार उनके पास आते रहते हैं।
मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने बताया कि असम में विवाहित मेघायल की जिन महिलाओं को एनआरसी से बाहर रखा गया है उनके बारे में उन्होंने असम के अपने समकक्ष से बातचीत की है।
राष्ट्रीय नागरिक पंजी का अंतिम प्रकाशन 31 अगस्त को हुआ था जिसमें 19 लाख से अधिक लोग बाहर हो गए हैं।
संगमा ने सरकार से सतर्क रहने को कहा ताकि कोई विदेशी राज्य में घुसपैठ नहीं कर सके।
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मेघालय के मुख्मयंत्री रह चुके संगमा ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह उन महिलाओं की मदद करे जो मूल रूप से मेघालय की हैं लेकिन उनका विवाह असम के निवासियों से हुआ है और जिनका नाम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में नहीं है।
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संगमा ने विधानसभा में चर्चा के दौरान कहा, ‘‘दूसरे राज्यों की सभी दुल्हनें (राष्ट्रीय नागरिक पंजी से) बाहर हैं। पश्चिम बंगाल, नगालैंड, बिहार और मेघालय में पैदा हुई दुल्हनों को एनआरसी से बाहर रखा गया है।’’
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मेघालय विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि इसका सबसे दुखद पहलू यह है कि वास्तविक भारतीय नागरिकों को इससे बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी पीड़िताओं के फोन लगातार उनके पास आते रहते हैं।
मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने बताया कि असम में विवाहित मेघायल की जिन महिलाओं को एनआरसी से बाहर रखा गया है उनके बारे में उन्होंने असम के अपने समकक्ष से बातचीत की है।
राष्ट्रीय नागरिक पंजी का अंतिम प्रकाशन 31 अगस्त को हुआ था जिसमें 19 लाख से अधिक लोग बाहर हो गए हैं।
संगमा ने सरकार से सतर्क रहने को कहा ताकि कोई विदेशी राज्य में घुसपैठ नहीं कर सके।