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महिलाओं को मिलता है पुरुषों से 16 फीसदी कम वेतन, भारत की स्थिति कई मामलों में वैश्विक औसत से बेहतर
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Fri, 27 Apr 2018 07:31 PM IST
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working women
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देश में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में औसतन 16.1 फीसदी कम वेतन मिलता है। इस मामले में वैश्विक औसत भी इतना ही है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि ऊंचे वेतन वाली नौकरियों में महिलाओं की प्रतिभागिता कम है। यह बात कॉर्न फेरी की एक रिपोर्ट में कही गई है। कॉर्न फेरी जेंडर पे इंडेक्स के मुताबिक पूरी दुनिया में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले औसतन 16.1 फीसदी कम कमाती हैं। पुरुषों और महिलाओं के वेतन का यह फासला हालांकि तब काफी कम रह जाता है, जब विश्लेषण समान स्तर की नौकरी, समान कंपनी और समान जिम्मेदारी के लिए किया जाता है।
समान स्तर की नौकरी और समान कंपनी के मामले में महिलाओं और पुरुषों के वेतन का अंतर
वैश्विक औसत : 1.5 फीसदी
भारतीय औसत : 0.4 फीसदी
समान स्तर की नौकरी, समान कंपनी और समान जिम्मेदारी के मामले में वेतन का अंतर
वैश्विक औसत : 0.5 फीसदी
भारतीय औसत : 0.2 फीसदी
वैश्विक स्तर पर समान स्तर की नौकरी और समान कंपनी की जब बात की जाती है, तब महिलाओं और पुरुषों के वेतन का फासला घटकर 1.5 फीसदी रह जाता है। वहीं समान स्तर की नौकरी, समान कंपनी और समान जिम्मेदारी के मामले में जब बात की जाती है, तब वैश्विक स्तर पर महिलाओं और पुरुषों के वेतन का फासला और घटकर 0.5 फीसदी रह जाता है।
भारत में देखा जाए तो जब एक समान स्तर की नौकरी के आधार पर विश्लेषण किया जाता है, तब महिलाओं और पुरुषों के वेतन का अंतर चार फीसदी है। बात जब समान स्तर की नौकरी और समान कंपनी के नजरिए से होती है, तो महिलाओं और पुरुषों के वेतन का अंतर घटकर 0.4 फीसदी रह जाता है। वहीं बात जब समान स्तर की नौकरी, समान कंपनी और एक समान जिम्मेदारी के नजरिए से विश्लेषण किया जाता है, तो महिलाओं और पुरुषों के वेतन का फासला और घटकर 0.2 फीसदी रह जाता है।
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समान स्तर की नौकरी और समान कंपनी के मामले में महिलाओं और पुरुषों के वेतन का अंतर
वैश्विक औसत : 1.5 फीसदी
भारतीय औसत : 0.4 फीसदी
समान स्तर की नौकरी, समान कंपनी और समान जिम्मेदारी के मामले में वेतन का अंतर
वैश्विक औसत : 0.5 फीसदी
भारतीय औसत : 0.2 फीसदी
वैश्विक स्तर पर समान स्तर की नौकरी और समान कंपनी की जब बात की जाती है, तब महिलाओं और पुरुषों के वेतन का फासला घटकर 1.5 फीसदी रह जाता है। वहीं समान स्तर की नौकरी, समान कंपनी और समान जिम्मेदारी के मामले में जब बात की जाती है, तब वैश्विक स्तर पर महिलाओं और पुरुषों के वेतन का फासला और घटकर 0.5 फीसदी रह जाता है।
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भारत में देखा जाए तो जब एक समान स्तर की नौकरी के आधार पर विश्लेषण किया जाता है, तब महिलाओं और पुरुषों के वेतन का अंतर चार फीसदी है। बात जब समान स्तर की नौकरी और समान कंपनी के नजरिए से होती है, तो महिलाओं और पुरुषों के वेतन का अंतर घटकर 0.4 फीसदी रह जाता है। वहीं बात जब समान स्तर की नौकरी, समान कंपनी और एक समान जिम्मेदारी के नजरिए से विश्लेषण किया जाता है, तो महिलाओं और पुरुषों के वेतन का फासला और घटकर 0.2 फीसदी रह जाता है।
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53 देशों के आंकड़ों का हुआ विश्लेषण
इस अध्ययन में रिसर्चरों ने कॉर्न फेरी के वेतन संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद कॉर्न फेरी जेंडर पे इंडेक्स का निर्माण किया। यह इंडेक्स 53 देशों की 14,284 कंपनियों में काम कर रहे 1.23 करोड़ से अधिक महिला और पुरुष कर्मचारियों के वेतन का एक विश्लेषण है। कॉर्न फेरी में रिवार्ड्स एंड बेनिफिट्स सॉल्यूशंस के प्रमुख बॉब वेसलकैंपर ने कहा कि यद्यपि अनेक कंपनियां हैं, जो महिलाओं को एक समान जिम्मेदारी के बावजूद कम वेतन देती हैं, फिर भी औसतन जब हमने एक समान जिम्मेदारी में महिलाओं और पुरुषों की तुलना की तो पाया कि उनके वेतन का फासला काफी कम हो गया है।
उच्च वेतन वाली नौकरियों में बढ़ाना होगा महिलाओं का अनुपात
वेसलकैंपर ने कहा कि वेतन के एक इस फासले को कम किया जा सकता है और इसके लिए संगठनों को आंतरिक स्तर पर वेतन की असमानताओं को दूर करना होगा और लगातार श्रम बाजार के सर्वोत्तम वेतन वाले हिस्से में महिलाओं का औसत बढ़ाने की कोशिश करनी होगी, जिनमें वरिष्ठतम पद और इंजीनियरिंग तथा अन्य तकनीकी कार्य वाले क्षेत्र शामिल हैं।
वेतन का अंतर चीन में भारत से है कम
भारत में महिलाओं और पुरुषों के वेतन का औसत फासला चीन के मुकाबले अधिक है। चीन में यह फासला औसत 12.1 फीसदी है। ब्राजील में यह वेतन फासला 26.2 फीसदी, फ्रांस में 14.1 फीसदी, जर्मनी में 16.8 फीसदी, ब्रिटेन में 23.8 फीसदी और अमेरिका में 17.6 फीसदी है।
उच्च वेतन वाली नौकरियों में बढ़ाना होगा महिलाओं का अनुपात
वेसलकैंपर ने कहा कि वेतन के एक इस फासले को कम किया जा सकता है और इसके लिए संगठनों को आंतरिक स्तर पर वेतन की असमानताओं को दूर करना होगा और लगातार श्रम बाजार के सर्वोत्तम वेतन वाले हिस्से में महिलाओं का औसत बढ़ाने की कोशिश करनी होगी, जिनमें वरिष्ठतम पद और इंजीनियरिंग तथा अन्य तकनीकी कार्य वाले क्षेत्र शामिल हैं।
वेतन का अंतर चीन में भारत से है कम
भारत में महिलाओं और पुरुषों के वेतन का औसत फासला चीन के मुकाबले अधिक है। चीन में यह फासला औसत 12.1 फीसदी है। ब्राजील में यह वेतन फासला 26.2 फीसदी, फ्रांस में 14.1 फीसदी, जर्मनी में 16.8 फीसदी, ब्रिटेन में 23.8 फीसदी और अमेरिका में 17.6 फीसदी है।