फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Woman in front of committee who accused sexual harassment at the CJI

सीजेआई पर आरोप लगाने वाली महिला ने इनहाउस कमेटी को 3 घंटे आपबीती बताई

Sat, 27 Apr 2019 07:24 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Sat, 27 Apr 2019 07:24 AM IST
विज्ञापन
Woman in front of committee who accused sexual harassment at the CJI
जस्टिस रंजन गोगोई (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी शुक्रवार को पहली बार इनहाउस जांच समिति के सामने पेश हुई। दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस एसए बोबडे के नेतृत्व में तीन जजों की समिति ने बंद कमरे में उसका पक्ष सुना। महिला के अलावा कोई और सुनवाई का हिस्सा नहीं था। उसके साथ आए वकील भी सुनवाई में शामिल नहीं थे।

विज्ञापन


बैठक की कार्रवाई दोपहर बाद 12.30 बजे से 3.30 बजे तक चली। अगली बैठक की तारीख जल्द तय की जाएगी। समिति में पहले जस्टिस एनवी रमना और इंदिरा बनर्जी शामिल थीं। लेकिन महिला की ओर से जस्टिस रमना के नाम पर आपत्ति दर्ज करवाए जाने के बाद वह समिति से हट गए थे। उनकी जगह जस्टिस इंदु मल्हाेत्रा शामिल की गई थीं। जस्टिस बाेबडे ने बताया था कि समिति के सामने पार्टियों की ओर से वकील दलीलें नहीं रखेंगे। यह कोई औपचारिक न्यायिक कार्यवाही नहीं है। समिति की जांच के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।

विज्ञापन

कोर्ट ने कहा था- बैंकों की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करें 

सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में एक फैसले में कहा था कि आरबीआई को बैंकों की सालाना ऑडिट रिपोर्ट, एनपीए की स्थिति व उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करनी है। कोर्ट ने सूचना के अधिकार कानून के तहत एनपीए के बारे में बताने का भी निर्देश दिया था, लेकिन इसके बाद रिजर्व बैंक ने डिस्क्लोजर के नियम जारी किए। इसमें आरटीआई के तहत बैंकों की आर्थिक सेहत के बारे में जानकारी देने पर रोक लगा दी गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

आरटीआई में बैंकों की जानकारी मांगी, आरबीआई ने मना किया 

आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल व गिरीश मित्तल की अवमानना याचिका के अनुसार उन्होंने दिसंबर 2015 में आरटीआई कानून के तहत एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक व एचडीएफसी बैंक की जांच रिपोर्ट की प्रति मांगी थी। आरबीआई ने नियम का हवाला देते हुए जांच रिपोर्ट देने से मना कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed