रीता, मिनीता, देवयानी बनीं भुक्कड़ रेसिपी चैलेंज की विजेता
- अमर उजाला व बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज की ओर से किया गया आयोजन
- 10 फाइनलिस्ट को मिला मास्टरशेफ पंकज भदौरिया से रू-ब-रू होने का मौका
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अमर उजाला व बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित भुक्कड़ रेसिपी चैलेंज के ग्रैंड फिनाले में सोमवार को तीन विजेताओं की घोषणा की गई। जिसमें दिल्ली की रीता अरोड़ा को उनकी शानदार रेसिपी के लिए पहले स्थान पर चुना गया, जबकि अहमदाबाद (गुजरात) की मिनीता चोपड़ा को दूसरा और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की डॉ. देवयानी पाठक को तीसरा स्थान मिला। इस मौके पर सभी टॉप 10 फाइनलिस्ट को भारत की पहली मास्टरशेफ पंकज भदौरिया से रू-ब-रू होने का मौका मिला। ग्रैंड फिनाले का लाइव प्रसारण अमर उजाला के फेसबुक पेज व यूट्यूब चैनल पर किया गया।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर के होम कुक को साझा मंच देकर उनकी प्रतिभा को उजागर करना था। मास्टरशेफ पंकज भदौरिया पहले दिन से ही भुक्कड़ रेसिपी चैलेंज से जुड़ी रहीं। इस प्रतियोगिता की खास बात यह थी कि 18 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी प्रतिभागी इसका हिस्सा बन सकता था। भारत से 6000 से अधिक एंट्रीज को जांचने के बाद जूरी पैनल व मास्टरशेफ ने टॉप 10 फाइनलिस्टर को चुना।
मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने कहा कि हजारों की संख्या में से जो दस फाइनलिस्ट चुने गए, निश्चित तौर पर उन्होंने अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हम जब खाना खाते हैं तो सबसे पहले हमारी आंखें फिर नाक और फिर जुबान तक पहुंचता है। डिश में प्रयोग की गई सामग्री, उसको पेश करने का तरीका और प्रतिभागी की सोच को आधार बनाकर तीन विजेताओं का चयन किया गया। बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज के वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) स्वर्णदीप सिंह ने सभी फाइनलिस्ट को संबोधित करते हुए कहा कि हर गृहणी अपने आप में एक मास्टरशेफ है।
हमारे देश में कुकिंग शोक नहीं बल्कि पेशन है। ऐसे लोगों की प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए भुक्कड़ रेसिपी चैलेंज का मंच दिया गया। उन्होंने सभी 109 सेमी फाइनलिस्ट को बधाई देते हुए इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया। मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने सभी फाइनलिस्ट के सवालों का जवाब दिया और उनका मार्गदर्शन किया। विजेताओं सहित सभी 109 सेमीफाइनलिस्ट और फाइनलिस्ट को अमर उजाला व बीएल एग्रो की ओर से डिजिटल सर्टिफिकेट व आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिया जाएगा।
- प्रथम पुरस्कार- दिल्ली की रीता अरोड़ा को उनकी डिश खीर पन्ना कोटा विद सेफरोन सोस एंड पिस्ताचियो तुली के लिए 25 हजार रुपये नकगद पुरस्कार, डिजिटल सर्टिफिकेट और आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिया गया।
- द्वितीय पुरस्कार- अहमदाबाद की मिनीता चोपड़ा को उनकी डिश खांडवी रविओली विद मेंगो सोस के लिए 15 हजार रुपये नगद पुरस्कार, डिजिटल सर्टिफिकेट और आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिया गया।
- तृतीय पुरस्कार- सहारनपुर की डॉ. देवयानी पाठक को उनकी डिश बिरयानी वेफल विद स्मोक्ड कलर्ड पिकल्ड ऑनीयन ककंबर के लिए 11 हजार रुपये नगद पुरस्कार, डिजिटल सर्टिफिकेट और आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिया गया।
हजारों प्रतिभागियों में से टॉप-10 में पहुंचने पर ही मैंने अपने आप को विजेता मान लिया था। इतना बड़ा मंच मिलने पर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं है। अमर उजाला और बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज ने मेरे जैसी हजारों गृहणियों को मंच देकर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मौका दिया है। सबसे अच्छा लगा कि इस प्रतियोगिता में उम्र की कोई सीमा नहीं रखी गई। मेरी ओर से सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई। -रीता अरोड़ा, दिल्ली-प्रथम पुरस्कार विजेता
मैं निशब्द हूं और बहुत खुश हूं कि इतनी कम उम्र में इतने बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। जिसको फूड के बारे में ज्यादा जानकारी भी नहीं हो, उसको भी इतना शानदार मौका दिया जाना बड़ी बात है। मास्टरशेफ पंकज भदौरिया से रूबरू होना मेरे लिए सपने जैसा है। इस सपने को पूरा करने के लिए अमर उजाला और बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज का धन्यवाद करती हूं। -मिनीता चोपड़ा, अहमदाबाद-गुजरात, द्वितीय पुरस्कार विजेता
डॉक्टरी छोड़कर मैंने कुकिंग को अपना पेशन बनाया। कभी सोचा नहीं था कि इतना बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा। इस सफलता के बाद हौसला बढ़ा है कि कुकिंग को भी करियर बनाया जा सकता है। मेरी इस सफलता के पीछे परिवार का बड़ा योगदान है। देशभर के छह हजार प्रतिभागियों में प्रथम तीन विजेताओं में चुना जाने पर बहुत खुश हूं। अमर उजाला, बीएल एग्रो और सभी प्रतिभागियों को मेरी ओर से शुभकामनाएं। -डॉ. देवयानी पाठक, सहारनपुर उत्तर प्रदेश, तृतीय पुरस्कार विजेता