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अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों को मिल पाएगा एक्समैन का दर्जा, सेना की तर्ज पर मिलें ये सुविधाएं
Wed, 03 Feb 2021 12:24 AM IST
Amit Mandal
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 03 Feb 2021 12:24 AM IST
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Confederation of Ex-paramilitary forces welfare association
- फोटो : अमर उजाला
कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला से मिलकर यह मांग की है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों को भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर एक्समैन का दर्जा दिया जाए। गृह सचिव को विभिन्न मागों के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा गया। बलों में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, सरदार पटेल के नाम पर अर्धसैनिक स्कूल खोलने, सेना झंडा दिवस की तर्ज पर अर्धसैनिक झंडा दिवस कोष स्थापित करने और सभी केंद्रीय बलों में वन रैंक वन पैंशन योजना लागू करने जैसी मांगें भी ज्ञापन में शामिल की गई हैं। एसोसिएशन ने एसएससी आवेदकों को लेकर भी गृह सचिव से गुहार लगाई है। उनसे आग्रह किया गया है कि इन बलों में सिपाहियों के पदों पर पिछले माह जारी हुई मेरिट सूची में सभी मेडिकल फिट उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिया जाए।
एसोसिएशन ने मंगलवार को नॉर्थ ब्लॉक में पूर्व एडीजी एचआर सिंह की अगुवाई में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को यह ज्ञापन सौंपा है। महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, हमारी प्रमुख मांगों में सैनिक स्कूल की तर्ज पर सरदार पटेल के नाम से अर्धसैनिक स्कूल खोलने, सेना झंडा दिवस की तर्ज पर अर्धसैनिक झण्डा दिवस के लिए अलग से कोष स्थापित करने, वन नेशन वन राशनकार्ड की तर्ज पर पैरामिलिट्री चौकीदारों को भी वन रैंक वन पेंशन देने व पुरानी पेंशन बहाली का फायदा देना, शामिल है। केंद्रीय गृह सचिव से मांग की गई है कि सीआईएसएफ जवान, जिन्हें मात्र 30 दिन का वार्षिक अवकाश मिलता है, उनके लिए पहले 60 दिन का वार्षिक अवकाश घोषित किए जाने की आवश्यकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी कर्मियों को एक साल में सौ दिन अपने परिवार के साथ गुजारने वाला फार्मूला दिया था। इसे सभी बलों में लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
एसोसिएशन के प्रतिनिधि जयेंद्र सिंह राणा ने कहा, देश में एक सर्वे कराया जाए। इस सर्वे में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों के परिवारों की संख्या का पता लगाए। ऐसे स्थानों पर उनकी संख्या के हिसाब से सीजीएचएस डिस्पेंसरियों का विस्तार करने की जरूरत है। इससे पैरामिलिट्री परिवार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। जीएसटी टैक्स के चलते जवानों की सीपीसी कैंटीन मार्केट रेट पर आ गई है। सेना की सीएसडी कैंटीन की तर्ज पर सीपीसी कैंटीन पर 50 प्रतिशत जीएसटी छूट देने की मांग की गई। अगर यह संभव होता है तो 20 लाख पैरामिलिट्री परिवारों को सस्ते दामों पर घरेलू सामान मिल सकेगा।
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में एसएससी के जरिए सिपाहियों के पदों पर सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। यह भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी। गत माह इसका परिणाम आया है। आवेदकों का कहना था कि नतीजा आने में हुई देरी के कारण वे ओवरएज हो गए हैं। इसके चलते उनके पास भर्ती का दूसरा मौका नहीं बचा। इन बलों में 1 लाख 11 हजार सिपाहियों के पदों की रिक्तियां हैं। यह भर्ती करीब साठ हजार पदों के लिए हुई थी। अब उसमें भी पांच छह हजार पदों की कटौती कर दी गई है। गृह सचिव के समक्ष यह मांग रखी गई कि सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। पूर्व एडीजी एचआर सिंह के अनुसार, गृह सचिव ने भरोसा दिलाया है कि अर्धसैनिक बलों की भलाई से संबंधित जायज मांगों पर सरकार जल्दी ही निर्णय लेगी।
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एसोसिएशन ने मंगलवार को नॉर्थ ब्लॉक में पूर्व एडीजी एचआर सिंह की अगुवाई में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को यह ज्ञापन सौंपा है। महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, हमारी प्रमुख मांगों में सैनिक स्कूल की तर्ज पर सरदार पटेल के नाम से अर्धसैनिक स्कूल खोलने, सेना झंडा दिवस की तर्ज पर अर्धसैनिक झण्डा दिवस के लिए अलग से कोष स्थापित करने, वन नेशन वन राशनकार्ड की तर्ज पर पैरामिलिट्री चौकीदारों को भी वन रैंक वन पेंशन देने व पुरानी पेंशन बहाली का फायदा देना, शामिल है। केंद्रीय गृह सचिव से मांग की गई है कि सीआईएसएफ जवान, जिन्हें मात्र 30 दिन का वार्षिक अवकाश मिलता है, उनके लिए पहले 60 दिन का वार्षिक अवकाश घोषित किए जाने की आवश्यकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी कर्मियों को एक साल में सौ दिन अपने परिवार के साथ गुजारने वाला फार्मूला दिया था। इसे सभी बलों में लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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एसोसिएशन के प्रतिनिधि जयेंद्र सिंह राणा ने कहा, देश में एक सर्वे कराया जाए। इस सर्वे में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों के परिवारों की संख्या का पता लगाए। ऐसे स्थानों पर उनकी संख्या के हिसाब से सीजीएचएस डिस्पेंसरियों का विस्तार करने की जरूरत है। इससे पैरामिलिट्री परिवार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। जीएसटी टैक्स के चलते जवानों की सीपीसी कैंटीन मार्केट रेट पर आ गई है। सेना की सीएसडी कैंटीन की तर्ज पर सीपीसी कैंटीन पर 50 प्रतिशत जीएसटी छूट देने की मांग की गई। अगर यह संभव होता है तो 20 लाख पैरामिलिट्री परिवारों को सस्ते दामों पर घरेलू सामान मिल सकेगा।
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में एसएससी के जरिए सिपाहियों के पदों पर सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। यह भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी। गत माह इसका परिणाम आया है। आवेदकों का कहना था कि नतीजा आने में हुई देरी के कारण वे ओवरएज हो गए हैं। इसके चलते उनके पास भर्ती का दूसरा मौका नहीं बचा। इन बलों में 1 लाख 11 हजार सिपाहियों के पदों की रिक्तियां हैं। यह भर्ती करीब साठ हजार पदों के लिए हुई थी। अब उसमें भी पांच छह हजार पदों की कटौती कर दी गई है। गृह सचिव के समक्ष यह मांग रखी गई कि सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। पूर्व एडीजी एचआर सिंह के अनुसार, गृह सचिव ने भरोसा दिलाया है कि अर्धसैनिक बलों की भलाई से संबंधित जायज मांगों पर सरकार जल्दी ही निर्णय लेगी।