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क्या चुनाव की सियासी पिच पर जीत हासिल कर पाएंगे गौतम गंभीर, इनसे है मुकाबला
Wed, 24 Apr 2019 09:47 PM IST
अमर शर्मा
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 24 Apr 2019 09:47 PM IST
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गौतम गंभीर
- फोटो : अमर उजाला
पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से भाजपा ने क्रिकेटर गौतम गंभीर को मैदान में उतारा है। लेकिन भारत को विश्वकप जिताने वाली क्रिकेट टीम में शामिल रहे गौतम गंभीर के लिए पूर्वी दिल्ली की लोकसभा सीट से जीत हासिल करना आसान नहीं होगा क्योंकि इस सियासी पिच पर उनका सामना कांग्रेस के दिग्गज नेता अरविंदर सिंह लवली से है। वे स्थानीय नेता हैं और पूर्वी दिल्ली के व्यवसायियों और अल्पसंख्यक वर्ग में अच्छी पकड़ रखते हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी की तरफ से आतिशी भी हैं जिनके पास एक अच्छा खासा वोट बैंक है। तीनों उम्मीदवारों के मजबूत पक्षों को इस प्रकार से समझा जा सकता है-
पूर्वी दिल्ली में गौतम गंभीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीलिंग को लेकर मिल सकती है। इस लोकसभा क्षेत्र में गांधीनगर का वह इलाका भी आता है जो कपड़े के व्यापार के लिए पूरे एशिया में जाना जाता है। नोटबंदी और सीलिंग के कारण व्यापारियों को यहां भारी नुकसान हुआ है। वे गौतम गंभीर के खिलाफ भले न हों, लेकिन वे भाजपा के खिलाफ मतदान कर सकते हैं।
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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदेश वर्मा के मुताबिक अब तक के तीन चरणों में हुए चुनाव से यह स्पष्ट हो गया है कि मतदान नरेंद्र मोदी के चेहरे और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर हो रहा है। ऐसे में गौतम गंभीर जैसे स्टार का शामिल होना उनके लिए अतिरिक्त फायदा है। उन्होंने कहा कि गौतम गंभीर रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करने में कामयाब रहेंगे।
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गौतम गंभीर
भाजपा उम्मीदवार गौतम गंभीर का सबसे मजबूत पक्ष उनकी क्रिकेट स्टार वाली छवि है। लगभग 16 लाख वोटरों वाले इस लोकसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या उन युवा वोटरों की है जिन्हें उनकी क्रिकेट स्टार वाली छवि लुभा सकती है। भाजपा के महेश गिरी ने पिछले लोकसभा चुनाव में यहां से पौने छह लाख से अधिक वोट हासिल किए थे। गौतम गंभीर को इसका फायदा भी मिल सकता है। पंजाबी समुदाय से आने वाले गौतम गंभीर को यहां पर अपने वर्ग से भी खास समर्थन मिल सकता है।
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पूर्वी दिल्ली में गौतम गंभीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीलिंग को लेकर मिल सकती है। इस लोकसभा क्षेत्र में गांधीनगर का वह इलाका भी आता है जो कपड़े के व्यापार के लिए पूरे एशिया में जाना जाता है। नोटबंदी और सीलिंग के कारण व्यापारियों को यहां भारी नुकसान हुआ है। वे गौतम गंभीर के खिलाफ भले न हों, लेकिन वे भाजपा के खिलाफ मतदान कर सकते हैं।
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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदेश वर्मा के मुताबिक अब तक के तीन चरणों में हुए चुनाव से यह स्पष्ट हो गया है कि मतदान नरेंद्र मोदी के चेहरे और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर हो रहा है। ऐसे में गौतम गंभीर जैसे स्टार का शामिल होना उनके लिए अतिरिक्त फायदा है। उन्होंने कहा कि गौतम गंभीर रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करने में कामयाब रहेंगे।
इन दिग्गजों से हैं मुकाबला
आतिशी, अरविंदर सिंह लवली
- फोटो : Amar Ujala
अरविंदर सिंह लवली
दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली पूर्वी दिल्ली के स्थानीय निवासी हैं। वे पूर्वी दिल्ली की गांधीनगर सीट से विधायक और शीला दीक्षित सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री सहित कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अनुभवी राजनेता अरविंदर सिंह लवली की सिख समुदाय के लोगों के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदाय में भी अच्छी साख है जिसके कारण यह वर्ग उन्हें वोट करता रहा है।सीलिंग से नाराज व्यापारियों के लिए लवली ने पूर्व में कई बार आंदोलन किया था और इस वजह से इस वर्ग का उन्हें विशेष समर्थन मिल सकता है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के कारण अल्पसंख्यक समुदाय और दलित आबादी में पैदा हुआ आकर्षण उनके लिए अतिरिक्त लाभ का सौदा साबित हो सकता है।
आतिशी
आप प्रत्याशी आतिशी का सबसे मजबूत पक्ष उनका पढ़ी-लिखी महिला होना है। आम आदमी पार्टी की शिक्षा पर बनी नीतियों में हमेशा उनकी राय महत्त्वपूर्ण मानी जाती रही है। इस क्षेत्र से दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आते हैं जो इस इलाके के निम्न तबकों में अपनी अच्छी पैठ बना चुके हैं। लोगों के बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में उनकी अहम भूमिका ने आम आदमी पार्टी के लिए एक अच्छा वोट बैंक तैयार किया है।पिछली बार आम आदमी पार्टी ने इस सीट से राजमोहन गांधी को मैदान में उतारा था। अपने आप में वे एक बड़े नाम थे। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि हार के बाद भी उन्हें 3,81,789 वोट हासिल हुए थे जो उस समय की आम आदमी पार्टी की ताकत दिखाता है। अब आतिशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती गौतम गंभीर और अरविंदर सिंह लवली के जैसे हाई प्रोफाइल नेताओं का होना है।
हालांकि, आतिशी का चुनाव प्रबंधन संभाल रहे अक्षय मराठे के मुताबिक हमने आम आदमी के चहरों के साथ 2015 के विधानसभा चुनाव में दिग्गज नेताओं को मात दी है। इस बार भी आम चेहरों के साथ हम खास चेहरों को मात देने में कामयाब रहेंगे।