फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Will BSF break the record of not getting regular DG? Despite having dozens of IPS and cadre officers

BSF: क्या टूटेगा बीएसएफ को नियमित DG न मिलने का रिकार्ड? दर्जनों IPS और कैडर अफसर होने पर भी किसी को अवसर नहीं

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 01 May 2023 06:45 PM IST
विज्ञापन
सार
BSF: पिछले दिनों बीएसएफ के पूर्व डीजी एवं पुलिस सुधारों के लिए अथक प्रयास करने वाले प्रकाश सिंह ने बीएसएफ में स्थायी डीजी न होने को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा था कि बीएसएफ में कई माह से कोई नियमित डीजी नहीं है। यह बहुत निराशाजनक है और बल की प्रशासनिक दक्षता के लिए ठीक नहीं है...
loader
Will BSF break the record of not getting regular DG? Despite having dozens of IPS and cadre officers
BSF - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

जब देश की सबसे बड़ी 'बॉर्डर गार्ड फोर्स' 'बीएसएफ' को अभी तक स्थायी डीजी नहीं मिल सका है। ये पद पहली जनवरी से रिक्त है। सीआरपीएफ डीजी डॉ. एसएल थाउसेन, बीएसएफ डीजी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं। इससे पहले 2020 में 150 से ज्यादा दिन तक बीएसएफ को अपने नियमित डीजी के लिए इंतजार करना पड़ा था। बल के मौजूदा और रिटायर्ड अफसर कह रहे हैं, इस बार देखने वाली बात यह है कि पुराना रिकार्ड कायम रहता है या टूट जाएगा। केंद्र में डीजी या इसके समकक्ष पद के लिए मनोनयन 'एंपेनल्ड' सूची में दर्जनभर से ज्यादा आईपीएस अधिकारी मौजूद हैं, लेकिन उनमें से सरकार को कोई पसंद नहीं आ रहा। दूसरी तरफ बीएसएफ में 35 साल या उससे अधिक समय तक सेवा दे चुके अनुभवी कैडर अधिकारी हैं, मगर केंद्र सरकार उन्हें अस्थायी डीजी की जिम्मेदारी देने को भी तैयार नहीं है।

मनोनयन सूची में पर्याप्त अफसर, लेकिन पसंद नहीं

केंद्र सरकार में डीजी या इसके समकक्ष पद ग्रहण करने योग्य आईपीएस अधिकारियों की मनोनयन 'एंपेनल्ड' सूची को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने गत दस फरवरी को मंजूरी प्रदान की थी। इसमें 1988 बैच से लेकर 1990 बैच तक के 20 आईपीएस का नाम शामिल था। इससे पहले 11 जुलाई 2022 को भी 1989 बैच के 14 आईपीएस अधिकारियों को उक्त सूची में शामिल किए जाने को मंजूरी दी गई थी। इसके बावजूद केंद्र सरकार में बीएसएफ डीजी के लिए कोई उपयुक्त आईपीएस अधिकारी नहीं मिल रहा। बल के गठन के बाद दूसरी बार ऐसा हो रहा है कि इतनी लंबी अवधि तक बीएसएफ को स्थायी डीजी नहीं मिल सका। 31 दिसंबर 2022 को पंकज कुमार सिंह रिटायर हुए थे, तभी से सीआरपीएफ डीजी डॉ. एसएल थाउसेन, इस पद का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं।

यह भी पढ़ें: BSF: बीएसएफ में क्यों नहीं बन सकी चार 'ड्रोन बटालियन', कैसे करेंगे चीनी मिलिट्री सैटेलाइट और यूएवी का मुकाबला?

पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह ने उठाया था सवाल

पिछले दिनों बीएसएफ के पूर्व डीजी एवं पुलिस सुधारों के लिए अथक प्रयास करने वाले प्रकाश सिंह ने बीएसएफ में स्थायी डीजी न होने को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा था कि बीएसएफ में कई माह से कोई नियमित डीजी नहीं है। यह बहुत निराशाजनक है और बल की प्रशासनिक दक्षता के लिए ठीक नहीं है। फोर्स के मनोबल के लिए यह बुरा है। बीएसएफ के रिटायर्ड कैडर अधिकारी बताते हैं कि सरकार केवल आईपीएस को ही डीजी पद पर बैठाती है। कम से कम जब इस पद के लिए कोई नियमित डीजी नहीं मिल रहा हो, तो उस वक्त कैडर अधिकारी को बल की कमान सौंपी जा सकती है। बता दें कि प्रकाश सिंह, पूर्व डीजी पंकज कुमार सिंह के बेटे हैं।

काबिल अफ़सरों का टूट रहा मनोबल

इस पद के लिए योग्य अधिकारियों का कहना है, बीएसएफ डीजी जैसे अहम पद को लंबे समय तक खाली रखना ठीक नहीं है। इससे उन अफसरों का मनोबल टूट जाता है, जो इस पद के काबिल हैं। सरकार, उन्हें जिम्मेदारी देने से क्यों बच रही है। इससे पहले भी एक ही आईपीएस को चार-पांच बलों का कार्यभार दिया जाता रहा है। सरकार का यह कदम, समकक्ष अफसरों की मानसिक पीड़ा को बढ़ाता है। साल 2018 में एसएस देसवाल को आईटीबीपी का डीजी बनाया गया। उनके पास एसएसबी का अतिरिक्त प्रभार भी रहा। उन्हें सीआरपीएफ डीजी का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। इसके बाद बीएसएफ के डीजी का पद भी उन्हें मिल गया। कुछ समय बाद राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के डीजी के रूप में भी उन्हें तैनात कर दिया गया। केंद्र में डीजी या उसके समकक्ष आईपीएस अधिकारी होने के बाद एक ही डीजी को इतने बलों का प्रमुख बना दिया जाता है। जब यह बात पहले से ही मालूम होती है कि कौन सा अधिकारी कब रिटायर होगा, तो सरकार के पास नए अधिकारी के चयन के लिए पर्याप्त समय रहता है।

रिटायरमेंट के अगले ही दिन नए डीजी आने का चलन

केएफ रुस्तमजी ने 21 जुलाई 1965 को बीएसएफ के पहले महानिदेशक का कार्यभार संभाला था। वे 30 सितंबर 1974 तक बल प्रमुख रहे। उनके बाद अश्वनी कुमार ने एक अक्तूबर 1974 को डीजी का पदभार ग्रहण किया। वे 31 दिसंबर 1978 तक रहे। श्रवण टंडन ने 1 जनवरी 1979 को बीएसएफ की कमान संभाली और 30 नवंबर 1980 तक बने रहे। उनके बाद के. राममूर्ति ने एक दिसंबर 1980 को डीजी का पदभार ग्रहण किया। वे 31 अगस्त 1982 तक इस पद पर रहे। बीरबल नाथ ने 02 अक्तूबर 1982 से 30 सितंबर 1984 तक डीजी का पद संभाला। एमसी मिश्रा, एक अक्तूबर 1984 से लेकर 31 जुलाई 1987 तक डीजी के पद पर बने रहे। एचपी भटनागर ने एक अगस्त 1987 को डीजी की कमान संभाली और 31 जुलाई 1991 तक इस पद बने रहे। टी. अनंथाचारी ने एक अगस्त 1991 को बीएसएफ डीजी का कार्यभार संभाला। वे 31 मई 1993 तक इस पद पर रहे।

यह भी पढ़ें: Pakistani drone: हथियार और ड्रग्स लाने वाले पाकिस्तानी ड्रोन का खेल होगा खत्म, बॉर्डर पर लगेगा ये खास सिस्टम

प्रकाश सिंह ने संभाली थी बीएसएफ डीजी की कमान

प्रकाश सिंह ने 09 जून 1993 को डीजी की कमान संभाली और वे 31 जनवरी 1994 तक बने रहे। उनके बाद डीके आर्य को एक फरवरी 1994 को बल प्रमुख बनाया गया। उन्होंने 04 दिसंबर 1995 तक इस अपनी सेवाएं दी। अरुण भगत को चार दिसंबर 1995 को बल का कार्यभार सौंपा गया। वे एक अक्तूबर 1996 तक इस पद पर बने रहे। एके टंडन को एक अक्तूबर 1996 को बल प्रमुख बनाया गया। उन्होंने 4 दिसंबर 1997 तक अपनी सेवाएं दी। उनके बाद ईएन राममोहन ने 4 दिसंबर 1997 को बल की कमान संभाली और वे 30 नवंबर 2000 तक इस पद पर बने रहे। गुरबचन सिंह जगत को 30 नवंबर 2000 को बल की कमान सौंपी गई। वे 30 जून 2002 तक डीजी बने रहे। अजय राज शर्मा ने एक जुलाई 2002 को डीजी पद संभाला और 31 दिसंबर 2004 तक इस पद पर बने रहे। आरएस मूशाहरे ने दस जनवरी 2005 को बल की कमान संभाली और 27 फरवरी 2006 तक बने रहे। एके मित्रा को 27 फरवरी 2006 को बल की कमान सौंपी गई। उन्होंने 30 सितंबर 2008 तक इस पद पर कार्य किया। एमएल कौमावत ने 01 अक्तूबर 2008 से लेकर 31 जुलाई 2009 तक इस पद पर कार्य किया। रमन श्रीवास्तव ने एक अगस्त 2009 को बल प्रमुख का कार्यभार संभाला। वे 31 अक्तूबर 2011 तक इस पद पर बने रहे।

2020 और 2023 में नए डीजी की नियुक्ति में हुई देरी

एक नवंबर 2011 से लेकर 30 नवंबर 2012 तक यूके बंसल ने बल की कमान संभाली। सुभाष जोशी ने 19 दिसंबर 2012 से 28 फरवरी 2014 तक बल का नेतृत्व किया। डीके पाठक को 08 अप्रैल 2014 को बल प्रमुख बनाया गया। वे 29 फरवरी 2016 को सेवानिवृत्त हुए। उनके बाद केके शर्मा ने एक मार्च 2016 को डीजी का पदभार ग्रहण किया। वे 30 सितंबर 2018 तक इस पद पर बने रहे। रजनीकांत मिश्रा ने 01 अक्तूबर 2018 को बल प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। वे 31 अगस्त 2019 तक इस पद पर बने रहे। वीके जौहरी ने एक सितंबर 2019 से लेकर 11 मार्च 2020 तक डीजी का पदभार संभाला। उसके बाद लंबे समय तक बल को स्थायी डीजी नहीं मिल सका। आईटीबीपी डीजी एसएस देसवाल को 12 मार्च 2020 से लेकर 17 अगस्त 2020 तक बीएसएफ डीजी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। 18 अगस्त 2020 से लेकर 28 जुलाई 2021 तक राकेश अस्थाना को डीजी बनाया गया। 31 अगस्त 2021 से लेकर 31 दिसंबर 2022 तक पंकज कुमार सिंह ने बल प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed