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भारत की पाक को दो टूक, आतंकियों के सफाए के लिए फिर क्रॉस करेंगे LoC
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 10 Oct 2016 01:04 PM IST
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फाइल फोटोः PM नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ
- फोटो : Getty Images
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सीमा पार से जारी आतंकवाद के खिलाफ भारत ने पाकिस्तान के समक्ष अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि आतंकियों को ठिकाने लगाने के लिए भारतीय सेना एलओसी के पार जाकर कार्रवाई करती रहेगी। मोदी सरकार में शीर्ष स्तर पर मौजूद सूत्रों के मुताबिक भारत ने इस बारे में पाकिस्तान को इशारा कर दिया है। 28 सितंबर को भारतीय सेना ने एलओसी पारकर पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड को नष्ट करने के साथ 30 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था।
एलओसी और सीमा पार से आतंकवाद पर भारत का मौजूदा रुख 1999 से बिल्कुल अलग है। करगिल युद्ध ने पाकिस्तान को एलओसी का सम्मान करने के लिए बाध्य कर दिया। करगिल युद्ध के समय पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा को अपने तरीके से परिभाषित करने की कोशिश की और भारत के हाथों मात खाने के बाद उसे वापस जाना पड़ा। इस पर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा था कि सीमा रेखा को खून से दोबारा नहीं खींचा जाना चाहिए।
आतंक का निर्यात करने वाले पाकिस्तान ने एलओसी पर आतंकियों को पनाह देकर इसका उल्लंघन किया है। ऐसे में नई दिल्ली ने पाकिस्तान को इशारा कर दिया है कि भारत भी आतंकवादियों को मारने के लिए एलओसी क्रॉस करता रहेगा। 6 जनवरी 2004 को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के साथ समझौते में यह तय हुआ था कि भारत के खिलाफ हमले के लिए पाकिस्तान आतंकियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा। भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का तात्कालिक लक्ष्य यह बताना था कि पाकिस्तानी आर्मी की छाया में भी आतंकी सुरक्षित नहीं है।
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एलओसी और सीमा पार से आतंकवाद पर भारत का मौजूदा रुख 1999 से बिल्कुल अलग है। करगिल युद्ध ने पाकिस्तान को एलओसी का सम्मान करने के लिए बाध्य कर दिया। करगिल युद्ध के समय पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा को अपने तरीके से परिभाषित करने की कोशिश की और भारत के हाथों मात खाने के बाद उसे वापस जाना पड़ा। इस पर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा था कि सीमा रेखा को खून से दोबारा नहीं खींचा जाना चाहिए।
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आतंक का निर्यात करने वाले पाकिस्तान ने एलओसी पर आतंकियों को पनाह देकर इसका उल्लंघन किया है। ऐसे में नई दिल्ली ने पाकिस्तान को इशारा कर दिया है कि भारत भी आतंकवादियों को मारने के लिए एलओसी क्रॉस करता रहेगा। 6 जनवरी 2004 को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के साथ समझौते में यह तय हुआ था कि भारत के खिलाफ हमले के लिए पाकिस्तान आतंकियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा। भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का तात्कालिक लक्ष्य यह बताना था कि पाकिस्तानी आर्मी की छाया में भी आतंकी सुरक्षित नहीं है।
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'दो शरीफों' पर है भारत की नजर
एलओसी पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान लगातार एलओसी से सटी सीमा पर छोटे-छोटे हमले करवा रहा है। भारत में घुसपैठ करने वाले आतंकियों को पाकिस्तानी आर्मी कवर फायर के जरिए सहयोग देती है। बीते शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में घुसपैठ की तीन घटनाएं हुई हैं। पिछले सप्ताह भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बातचीत में पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर जंजुआ ने तनाव घटाने की बात कही थी, लेकिन सरकार के टॉप लेवल का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान आतंकी हमले करवा सकता है।
भारत को अब दो चीजें देखनी हैं। पहली यह कि पाकिस्तान उड़ी अटैक जैसा ही बड़ा हमला करता है या छोटे-छोटे हमलों की रणनीति को बनाए रखता है। जैसा कि हंदवाड़ा, बारामुला, पंपोर और जम्मू कश्मीर के अन्य इलाकों में उसने हाल फिलहाल किए हैं।
दूसरा यह कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ नवंबर में रिटायर होते हैं या उनके कार्यकाल को बढ़ाया जाता है। भारत का मानना है कि अगर जनरल राहील शरीफ को रिटायर नहीं किया जाता है, तो इसका मतलब है कि पाकिस्तान, भारत के साथ लंबी लड़ाई की तैयारी में है।
भारत को अब दो चीजें देखनी हैं। पहली यह कि पाकिस्तान उड़ी अटैक जैसा ही बड़ा हमला करता है या छोटे-छोटे हमलों की रणनीति को बनाए रखता है। जैसा कि हंदवाड़ा, बारामुला, पंपोर और जम्मू कश्मीर के अन्य इलाकों में उसने हाल फिलहाल किए हैं।
दूसरा यह कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ नवंबर में रिटायर होते हैं या उनके कार्यकाल को बढ़ाया जाता है। भारत का मानना है कि अगर जनरल राहील शरीफ को रिटायर नहीं किया जाता है, तो इसका मतलब है कि पाकिस्तान, भारत के साथ लंबी लड़ाई की तैयारी में है।