फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Will Alok Verma departure be back only after the transfer-posting decisions?

क्या आलोक वर्मा के हटते ही वापस होंगे ट्रांसफर-पोस्टिंग के फैसले?

Fri, 11 Jan 2019 02:58 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Fri, 11 Jan 2019 02:58 AM IST
विज्ञापन
Will Alok Verma departure be back only after the transfer-posting decisions?
आलोक वर्मा

सीबीआई सेलेक्शन कमेटी के सीबीआई निदेशक अलोक वर्मा को पद से हटाने के बाद बड़ा सवाल पैदा हो गया है कि उनके किए ट्रांसफर पोस्टिंग भी वापस लिए जाएंगे। इनमें दो ज्वाइंट डायरेक्टर, दो डीआईजी और एक असिस्टेंट डायरेक्टर शामिल हैं। इससे पहले सीबीआई निदेशक की कुर्सी संभालने के बाद आलोक वर्मा ने बड़े संख्या में ट्रांसफर पोस्टिंग के आदेश जारी किए थे। आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के बाद 1986 बैच के ओडिशा काडर के आईपीएस अधिकारी नागेश्वर राव को 23 अक्टूबर, 2018 को सीबीआई निदेशक के दायित्व और कार्य सौंपे गए थे।    

विज्ञापन


गुरुवार को बड़े घटनाक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विपक्षी दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस सिकरी की तीन सदस्यीय चयन समिति ने ढाई घंटे की मैराथन बैठक के बाद तकरीबन 36 घंटे सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ वोटिंग की। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जस्टिस सीकरी ने ओलोक वर्मा के खिलाफ वोटिंग की, जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनके पक्ष में वोट किया। जिसके बाद वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया गया। 77 दिन बाद बुधवार को सीबीआई की कमान दोबारा संभालने वाले सीबीआई निदेशक कामकाज संभालने के बाद आलोक वर्मा ने देर रात बड़े पैमाने पर ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर अपने चहेते अफसरों को वापस बुलाने के आदेश जारी कर दिए थे। वहीं उनके पद से हटने के अंतरिम निदेशक के तौर पर कार्य कर रहे नागेश्वर राव को फिर से उनके पद पर बहाल कर दिया गया है।
विज्ञापन


अब सीबीआई में चर्चा है कि नागेश्वर राव के दोबारा पदभार संभालने के बाद वर्मा के द्वारा दिए गए ट्रांसफर आदेशों का क्या होगा। राव ने वर्मा के हटने के बाद उनकी टीम के 10 सीबीआई अफसरों के ट्रांसफर किए थे। वर्मा ने अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव द्वारा किये गये सभी तबादले रद्द करते हुए अस्थाना के खिलाफ मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार रोधी इकाई-तीन का संयुक्त निदेशक वी मुरुगेसन को बनाया गया। वहीं डीआईजी एमके सिन्हा को एसी-तीन इकाई भेजा गया था, लेकिन उन्होंने वर्मा और अस्थाना के बीच जारी टकराव को लेकर हालिया घटनाक्रम के कारण ‘एसी-3’ इकाई से खुद को अलग कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं वर्मा ने जॉइंट डायरेक्टर अजय बटनागर, डीआईजी तरुण गौबा, जॉइंट डायरेक्टर मुरुगेषण और अडिशनल डायरेक्टर एके शर्मा का तबादला किया। वर्मा ने स्पेशल यूनिट वन का जिम्मा अब केआर चौरसिया को दिया था, जबकि अनीश प्रसाद डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) को उनके पद पर बने रहने के लिए कहा गया था।


इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक की शक्तियों से वंचित कर अवकाश पर भेजने का केंद्र सरकार का आदेश रद्द कर दिया था। कोर्ट ने आदेश दिया था कि वर्मा की बहाली के बाद सीबीआई प्रमुख का चयन करने वाली उच्चाधिकार समिति के उनकी शक्तियां छीनने के मुद्दे पर विचार करने तक वह कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। सीबीआई निदेशक के तौर पर वर्मा का दो वर्ष का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed