क्या आलोक वर्मा के हटते ही वापस होंगे ट्रांसफर-पोस्टिंग के फैसले?
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सीबीआई सेलेक्शन कमेटी के सीबीआई निदेशक अलोक वर्मा को पद से हटाने के बाद बड़ा सवाल पैदा हो गया है कि उनके किए ट्रांसफर पोस्टिंग भी वापस लिए जाएंगे। इनमें दो ज्वाइंट डायरेक्टर, दो डीआईजी और एक असिस्टेंट डायरेक्टर शामिल हैं। इससे पहले सीबीआई निदेशक की कुर्सी संभालने के बाद आलोक वर्मा ने बड़े संख्या में ट्रांसफर पोस्टिंग के आदेश जारी किए थे। आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के बाद 1986 बैच के ओडिशा काडर के आईपीएस अधिकारी नागेश्वर राव को 23 अक्टूबर, 2018 को सीबीआई निदेशक के दायित्व और कार्य सौंपे गए थे।
गुरुवार को बड़े घटनाक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विपक्षी दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस सिकरी की तीन सदस्यीय चयन समिति ने ढाई घंटे की मैराथन बैठक के बाद तकरीबन 36 घंटे सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ वोटिंग की। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जस्टिस सीकरी ने ओलोक वर्मा के खिलाफ वोटिंग की, जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनके पक्ष में वोट किया। जिसके बाद वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया गया। 77 दिन बाद बुधवार को सीबीआई की कमान दोबारा संभालने वाले सीबीआई निदेशक कामकाज संभालने के बाद आलोक वर्मा ने देर रात बड़े पैमाने पर ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर अपने चहेते अफसरों को वापस बुलाने के आदेश जारी कर दिए थे। वहीं उनके पद से हटने के अंतरिम निदेशक के तौर पर कार्य कर रहे नागेश्वर राव को फिर से उनके पद पर बहाल कर दिया गया है।
अब सीबीआई में चर्चा है कि नागेश्वर राव के दोबारा पदभार संभालने के बाद वर्मा के द्वारा दिए गए ट्रांसफर आदेशों का क्या होगा। राव ने वर्मा के हटने के बाद उनकी टीम के 10 सीबीआई अफसरों के ट्रांसफर किए थे। वर्मा ने अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव द्वारा किये गये सभी तबादले रद्द करते हुए अस्थाना के खिलाफ मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार रोधी इकाई-तीन का संयुक्त निदेशक वी मुरुगेसन को बनाया गया। वहीं डीआईजी एमके सिन्हा को एसी-तीन इकाई भेजा गया था, लेकिन उन्होंने वर्मा और अस्थाना के बीच जारी टकराव को लेकर हालिया घटनाक्रम के कारण ‘एसी-3’ इकाई से खुद को अलग कर लिया।
वहीं वर्मा ने जॉइंट डायरेक्टर अजय बटनागर, डीआईजी तरुण गौबा, जॉइंट डायरेक्टर मुरुगेषण और अडिशनल डायरेक्टर एके शर्मा का तबादला किया। वर्मा ने स्पेशल यूनिट वन का जिम्मा अब केआर चौरसिया को दिया था, जबकि अनीश प्रसाद डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) को उनके पद पर बने रहने के लिए कहा गया था।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक की शक्तियों से वंचित कर अवकाश पर भेजने का केंद्र सरकार का आदेश रद्द कर दिया था। कोर्ट ने आदेश दिया था कि वर्मा की बहाली के बाद सीबीआई प्रमुख का चयन करने वाली उच्चाधिकार समिति के उनकी शक्तियां छीनने के मुद्दे पर विचार करने तक वह कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। सीबीआई निदेशक के तौर पर वर्मा का दो वर्ष का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा था।