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डरा रहे हैं जनरल रावत और वायुसेनाध्यक्ष भदौरिया या सचमुच हैं हालात नाजुक?

Sun, 08 Nov 2020 11:42 AM IST
अनवर अंसारी शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 08 Nov 2020 11:42 AM IST
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Why is General Rawat and Air Chief Marshal Bhadauriya scared so much on border issue on India China
सरहद पर तैनात भारतीय सेना का जवान (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

दो दिन के भीतर देश के दो सैन्य जनरलों सीडीएस बिपिन रावत व वायुसेनाध्यक्ष राकेश भदौरिया ने सीमा पर गंभीर हालात और संघर्ष छिड़ जाने जैसी आशंकाएं जताई हैं। छह नवंबर को सीडीएस जनरल विपिन रावत ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ संघर्ष छिड़ने की आशंका जताई और कहा कि तनाव में कोई कमी नहीं आई है तथा हालात गंभीर बने हुए हैं। क्या सीमा पर सचमुच हालात नाजुक हैं या कोरी आशंकाएं हैं? इस पर रक्षा विशेषज्ञ क्या कहते हैं, यह जानना जरूरी है। 

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वर्चुअल संगोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए जनरल रावत ने इस दौरान चीन को कड़ी चेतावनी भी दी। जनरल रावत के सात नवंबर को पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल राकेश भदौरिया ने भी सेनाओं को किसी भी चुनौती से निबटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
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वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल ने एनडीए (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) के 139 वें पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करने के बाद कहा कि आधुनिक युद्ध क्षेत्र बहुआयामी और बहुत जटिल है। इसमें सुरक्षा परिदृश्य बहुत अप्रत्याशित है और ऐसे में बलों को विभिन्न मोर्चे पर विदेशी सरकारों तथा अन्य तत्वों से पैदा हो रहे खतरों से निबटने के लिए तैयार रहना चाहिए। रक्षा मामलों के जानकार सीडीएस जनरल रावत और वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल भदौरिया के बयानों को जोड़कर देख रहे हैं।
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क्या एलएसी पर ज्यादा खराब हैं हालात?
रक्षा मामलों के जानकार रंजीत कुमार का कहना है कि सीडीएस जनरल रावत के वक्तव्य से यही लग रहा है कि चीन से लगी एलएसी पर सीडीएस रावत का यह वक्तव्य काफी कड़ा है। जनरल रावत ने अपने वक्तव्य में जहां वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव और खतरे का जिक्र किया, वहीं पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और पड़ोसी देश से आसन्न खतरे की तरफ इशारा करना भी नहीं भूले। 

बड़ी संख्या में सेना हथियारों के साथ तैनात
वायुसेना से रिटायर पूर्व वाइस एयर मार्शल एनबी सिंह का कहना है कि पूर्वी लद्दाख में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे है। दोनों देशों की बड़ी संख्या में सेनाएं और युद्धकाल में इस्तेमाल होने वाले अस्त्र-शस्त्र तैनात हैं। भारत ने भी 50 हजार से अधिक सैनिकों की तैनाती कर रखी है। 


दो माह में तीन बार हिंसक झड़प
वायुसेना के पूर्व अधिकारी का कहना है कि मई से जून तक दोनों देशों के सैनिकों में तीन बार हिंसक झड़प हो चुकी है। इसलिए अगली कोई चिंगारी भड़कने पर बड़ा रूप ले सकती है। एनबी सिंह का कहना है कि सशस्त्र बल हमेशा हर चुनौती से निबटने के लिए तैयार रहता है और शीर्ष सैन्य कमांडर हमेशा उसे इसका संदेश देते रहते हैं। रहा सवाल खतरे का तो वह भी गंभीर बना हुआ है।  

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