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भारतीय सेना ने पाकिस्तान को जवाब देने को नौशेरा ही क्यों चुना? 5 वजहें
amarujala.com- Presented by: आनंद
Updated Tue, 23 May 2017 04:33 PM IST
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पाकिस्तान ने इस साल अब तक 71 सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं हो चुकी है। इनमें से 47 घटनाएं केवल नौशेरा सेक्टर में हुई हैं। बीते एक सप्ताह ही पाकिस्तान ने इस सेक्टर से पांच-छह बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने गत रविवार सुबह नौशेरा में सीजफायर का उल्लंघन किया था। शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे से रात दस बजे तक पाकिस्तानी सेना की ओर से नौशेरा सेक्टर में गोलाबारी की गई थी।
पाकिस्तान ने शनिवार को भी नोशेरा सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन करते हुए गोले बरसाए। भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाके को निशाना बनाया गया। हालांकि कहीं से भी नुकसान की खबर नहीं है।
जानकारी के अनुसार नियंत्रण रेखा से सटे गांव सेर, मकड़ी, कड़ाली, नभ, सरया क्षेत्र में पाकिस्तान की तरफ से छोटे और बड़े हथियारों से गोलाबारी की गई। इसका भारतीय सेना ने जवाब दिया।
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पाकिस्तान ने शनिवार को भी नोशेरा सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन करते हुए गोले बरसाए। भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाके को निशाना बनाया गया। हालांकि कहीं से भी नुकसान की खबर नहीं है।
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जानकारी के अनुसार नियंत्रण रेखा से सटे गांव सेर, मकड़ी, कड़ाली, नभ, सरया क्षेत्र में पाकिस्तान की तरफ से छोटे और बड़े हथियारों से गोलाबारी की गई। इसका भारतीय सेना ने जवाब दिया।
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नौशेरा सेक्टर जम्मू से करीब 200 किलोमीटर दू
गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से रोजाना की जा रही गोलीबारी की वजह से राजोरी जिले की एलओसी पर रहने वाले लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। अब तक 1700 लोग घर छोड़ चुके हैं।
नौशेरा सेक्टर जम्मू से करीब 200 किलोमीटर दूर है। राजोरी की एलओसी पर 64 गांव हैं।
इनमें 23 नौशेरा सब डिवीजन में है। इनमें 8 गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। 15 गांव में कम नुकसान हुआ है। पांच गांव डूंगी और 9 गांव मांजाकोट में प्रभावित हुए हैं। एलओसी के करीब होने के कारण पाकिस्तानियों की अधिकतर घुसपैठ की कोशिश यहीं से की जाती है। इसी कारण ये इलाका दोनों देश की सेना के रडार पर रहता है।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की ओर से बार-बार सीजफायर तोड़ने के पीछे आतंकवादियों की घुसपैठ की रणनीति हो सकती है। इसे देखते हुए भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर चौकसी और बढ़ा दी है।
नौशेरा सेक्टर जम्मू से करीब 200 किलोमीटर दूर है। राजोरी की एलओसी पर 64 गांव हैं।
इनमें 23 नौशेरा सब डिवीजन में है। इनमें 8 गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। 15 गांव में कम नुकसान हुआ है। पांच गांव डूंगी और 9 गांव मांजाकोट में प्रभावित हुए हैं। एलओसी के करीब होने के कारण पाकिस्तानियों की अधिकतर घुसपैठ की कोशिश यहीं से की जाती है। इसी कारण ये इलाका दोनों देश की सेना के रडार पर रहता है।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की ओर से बार-बार सीजफायर तोड़ने के पीछे आतंकवादियों की घुसपैठ की रणनीति हो सकती है। इसे देखते हुए भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर चौकसी और बढ़ा दी है।