कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया अमेरिका यात्रा एक बार फिर विवादों में आ गई है। भाजपा ने उनकी इस यात्रा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने एक तस्वीर साझा करते हुए दावा किया है कि राहुल गांधी ने इस दौरे के दौरान देश विरोधी लोगों से मुलाकात की। भाजपा ने जॉर्ज सोरोस और सुनीता विश्वनाथ के साथ उनकी कथित मुलाकात पर सवाल खड़े किए हैं।
Rahul Vs BJP: राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा पर क्यों उठ रहे हैं सवाल, भाजपा के क्या हैं आरोप? जानें सबकुछ
Rahul Vs BJP: सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के अमेरिका दौरे पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इस यात्रा के दौरान देश विरोधी लोगों के साथ मुलाकात की।
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कहां से मामले ने तूल पकड़ा
दरअसल, भाजपा के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए एनीमेटेड वीडियो ट्वीट किया और कैप्शन में लिखा- क्या राहुल गांधी विदेशी ताकतों का मोहरा? इसके बाद उनके खिलाफ कर्नाटक में प्राथमिकी दर्ज की गई। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के सदस्य रमेश बाबू ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मालवीय ने कांग्रेस और राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर माहौल बिगाड़ने और लोगों को उकसाने का काम किया। प्राथमिकी के अनुसार, मालवीय ने वीडियो के साथ में लिखा कि राहुल गांधी खतरनाक हैं और वे प्रपंच कर रहे हैं। सैम पी जैसे लोग अधिक खतरनाक हैं जो ‘रागा’ का राग अलाप रहे हैं। वे भारत के कट्टर विरोधी हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शर्मिंदा करने के लिए विदेशों में भारत को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। इसके बाद से भाजपा कांग्रेस पर हमलावर हो गई।
क्या हैं भाजपा के आरोप
अमित मालवीय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भाजपा ने भी राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेस कर राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी की ओर से जिस सवाल का जवाब नहीं आया है, वह यह है कि क्या यह सच है कि राहुल गांधी अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान सुनीता विश्वनाथ से मिले थे?... जब यह हर भारतीय के लिए स्पष्ट है कि जॉर्ज सोरोस क्या करने का इरादा रखते हैं, तो राहुल गांधी उन लोगों के साथ मेलजोल क्यों कर रहे हैं जिन्हें सोरोस द्वारा वित्त पोषित किया जाता है? यह भी स्पष्ट है कि यह एकमात्र सोरोस कनेक्शन नहीं है। यहां तक कि कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा में जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित ओपन सोसाइटी फाउंडेशन के वैश्विक उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पाए गए थे। बेहद परेशान करने वाली बात यह है कि इसका संबंध उत्तरी अमेरिका के इस्लामिक सर्कल से है। जो लोग इस बात पर शोध करेंगे कि न्यूयॉर्क में राहुल गांधी के साथ एनआरआई बातचीत के लिए पंजीकरण प्रक्रिया कैसे शुरू हुई, उन्हें तजीम अंसारी के संपर्क का पता चलेगा जिसका जमात-ए-इस्लामी के साथ संबंध है।"
जमात-ए-इस्लामी और तंजीम अंसारी के बारे में भी जानिए
स्वतंत्रता से पहले साल 1941 में एक संगठन बनाया गया जिसका नाम जमात-ए-इस्लामी था। जमात-ए-इस्लामी का गठन इस्लामी धर्मशास्त्री मौलाना अबुल अला मौदुदी ने किया था और यह इस्लाम की विचारधारा को फैलाने का काम करता था। हालांकि, देश को स्तवंत्रता मिलने के बाद जमात-ए-इस्लामी कई धड़ों में बंट गया। जिसमें जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान और जमात-ए-इस्लामी हिंद शामिल है। यह जमात-ए-इस्लामी का असर था कि इससे प्रेरणा लेकर कई और संगठन भी बने, जिसमें जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश, जमात-ए-इस्लामी कश्मीर, जमात-ए-इस्लामी ब्रिटेन और जमात-ए-इस्लामी अफगानिस्तान कुछ प्रमुख नाम हैं। जमात-ए-इस्लामी पार्टियां दुनियाभर के मुस्लिम समूहों के साथ सक्रिय तौर पर संबंध बनाए रखती हैं। वहीं, तंजीम अंसारी की बात करें तो भाजपा का दावा है कि वह चार जून को न्यूयॉर्क में राहुल के कार्यक्रम के आयोजनकर्ताओं में से एक हैं। फेकन्यूज का पर्दाफाश करने वाली संस्था डिसिन्फोलैब के मुताबिक तंजीम इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (आईसीएनए) से जुड़े हुए हैं। यह संस्था जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के साथ संबंध है।
सुनीता विश्वनाथ कौन हैं
सुनीता विश्वनाथ 'हिंदू फॉर ह्यमून राइट्स' की सह-संस्थापक हैं और 'इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल' (आईएएमसी) जैसे संगठनों के साथ कई कार्यक्रमों की सह-मेजबानी करती हैं। आईएएमसी पर आरोप लगते रहे हैं कि यह आईएसआई की सांठगांठ का हिस्सा है और भारत में सामाजिक उथल-पुथल को बढ़ाना चाहता है। भाजपा का दावा है कि सुनीता विश्वनाथ के संगठन 'वुमन अफगान वीमेन' को सोरोस ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से फंडिंग मिलती है। पार्टी ने उन्हें जॉर्ज सोरोस की प्रतिनिधि बताया है।