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अमर उजाला पोलः पाटीदार-दलित आंदोलन के चलते गई आनंदीबेन की कुर्सी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Aug 2016 05:31 PM IST
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गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जल्द ही उनके उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा भी हो जाएगी। लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहने वाली आनंदीबेन को अचानक पद छोड़ने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ा?
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हालांकि खुद आनंदीबेन का कहना है कि बढ़ती उम्र के कारण ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर ढेरों चर्चाएं हैं। इन्हीं चर्चाओं के बीच अमर उजाला ने अपने ऑनलाइन पोल में पाठकों से आनंदीबेन के इस्तीफे पर उनकी राय जानी थी। पोल में पाठकों को तीन विकल्प दिए गए थे।
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जिनमें पहला पाटीदार-दलित आंदोलन में विफलता, दूसरा बीजेपी की अंदरूनी राजनीति और तीसरा उनकी बढ़ती उम्र था। पोल में कुल 5,037 पाठकों ने भाग लिया। इनमें से 40.56 फीसदी यानि कुल 2,043 पाठकों की राय थी कि दलित पाटीदार आंदोलन में निपटने में विफल रहने के कारण ही उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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राजनीतिक गलियारों में भी सबसे ज्यादा चर्चा इसी मुद्दे को लेकर थी। पहले पाटीदार आंदोलन और उसके बाद दलित आंदोलन से निपटने में विफल रहने के कारण गुजरात सरकार को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। वहीं 31.27 फीसदी यानि 1,575 पाठकों ने माना कि आनंदीबेन पटेल भाजपा की अंदरूनी राजनीति का शिकार हो गईं। तीसरे विकल्प यानि बढ़ती उम्र के कारण कुर्सी छोड़ने के पक्ष में 28.17 फीसदी लोगों ने वोट किया।