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Abhijeet Dipke: 'छात्र प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाना बंद करें', CJP संस्थापक बोले- युवा बदल सकते हैं सरकार

Wed, 29 Jul 2026 10:41 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 29 Jul 2026 10:41 PM IST
सार

Why Abhijeet Dipke Warn Government Again: नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बड़ी जीत बताने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार को नई चेतावनी दी। इस बार उन्होंने ये तक कह दिया कि युवा सरकार बदल देंगे। इसके साथ अमित शाह पर भी निशाना साधा। आइए, विस्तार से जानते हैं कि सरकार को इस बार दीपके ने चेतावनी क्यों दी...

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Why Abhijeet Dipke Warn Government Again he Says Youth will Change Government Targets Amit Shah
अभिजीत दीपके ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का किया विरोध - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी बड़ी जीत बताने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। छत्रपति संभाजीनगर लौटने के बाद उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पेलेट गन चलाना गलत था। उन्होंने आगे ये भी कहा कि छात्रों का गुस्सा अभी खत्म नहीं हुआ है और यदि उन्हें लगातार परेशान किया गया तो वे सरकार बदलने तक का आंदोलन कर सकते हैं।
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दीपके ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि एक महीने तक नई दिल्ली में चले आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म होने के बाद भी कई राज्यों में पुलिस छात्र कार्यकर्ताओं के घर पहुंच रही है और उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी जा रही है। दीपके ने कहा कि सरकार अब छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार करे। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों का खून सड़कों पर बहा और अब भी उन्हें परेशान किया जा रहा है, जो उचित नहीं है।
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पेलेट गन को लेकर दीपके ने क्या मांग की?

अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन इस्तेमाल करने के आदेश देने वाले अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चाहे वह कोई भी व्यक्ति क्यों न हो, जिसने पेलेट गन चलाने का आदेश दिया, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि देश का भविष्य हैं। यदि देश के भविष्य के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा तो छात्र फिर से पहले से बड़ा आंदोलन शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह न माने कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों का गुस्सा खत्म हो गया है।
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सरकार, प्रधानमंत्री और नए कानून पर क्या बोले?

  • अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि सरकार छात्रों को परेशान करना बंद नहीं करती तो छात्र फिर से आंदोलन करेंगे। उनका दावा था कि छात्रों का गुस्सा केवल एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी सरकार के खिलाफ है। 
  • उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफा देकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने की सलाह भी दी और कहा कि यह काम वह अच्छी तरह करते हैं। 
  • उन्होंने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 की भी आलोचना करते हुए कहा कि केवल कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, जब तक उन्हें लागू करने वाले लोग ईमानदारी से काम नहीं करेंगे। 
  • उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का भरोसा दिया था, लेकिन पहले ही मामले की सुनवाई सीबीआई के वकील के उपस्थित नहीं होने के कारण टल गई। 
  • दीपके ने यह भी कहा कि आंदोलन के बाद कार्यकर्ताओं द्वारा जीत का जश्न मनाने में कुछ भी गलत नहीं था। उनके अनुसार, कार्यकर्ता 36 दिन तक धूप और बारिश में बैठे रहे थे और उन्होंने किसी सड़क को जाम भी नहीं किया। 
  • उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों की आत्महत्या के बाद संसद में धर्मेंद्र प्रधान का सम्मान किए जाने पर क्या भाजपा को शर्म नहीं आई।

घर लौटने के बाद दीपके ने और क्या कहा?

दीपके ने कहा कि वह करीब 40 दिन बाद अपने घर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि भारत आने के बाद वह लगातार आंदोलन में शामिल रहे और करीब 36 दिन तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे रहे। उन्होंने आंदोलन को सफल बताते हुए कहा कि इस संघर्ष में देश के छात्रों की जीत हुई है। अपने गृह नगर पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उसके बाद वालुज एमआईडीसी स्थित अपने घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता से मिलने को लेकर खुश हैं।
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