फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Why a politician not become atal bihari vajpayee 

अब कोई राजनेता क्यों नहीं बनता अटल, कांग्रेस नेता की बेबाक टिप्पणी

Fri, 17 Aug 2018 09:04 PM IST
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Aug 2018 09:04 PM IST
विज्ञापन
Why a politician not become atal bihari vajpayee 

कांग्रेस की तेजतर्रार सांसद रंजीता रंजन ने शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे आधुनिक राजनीति को दिशा दिखाने वाले राजनेता थे। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में राजनेताओं के ऊपर पार्टी लाइन का अनुशरण करने का बहुत ज्यादा दबाव होता है। कोई राजनेता पार्टी की बात से असहमत होते हुए भी पार्टी की बात का समर्थन करने के लिए मजबूर होता है। 
विज्ञापन


यही कारण है कि अब किसी राजनेता का वास्तविक विचार सामने नहीं आता। लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी इस तरह की राजनीति में यकीन नहीं करते थे, उनकी विचारधारा कई बार पार्टी लाइन से अलग हुआ करती थी। यही कारण है कि उन्होंने राजनीति की दुनिया में एक ऐसी लकीर खींच दी है जिससे बड़ी लकीर खींचना किसी दूसरे के लिए मुमकिन नहीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बिहार के सुपौल से कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन ने कहा कि राजनेता वह होता है जो वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन कर सके। अटल बिहारी वाजपेयी ऐसी ही शख्सियत के स्वामी थे जिन्हें देखकर, पढ़कर और उनके भाषणों को सुनकर बहुत कुछ सीखा जा सकता है।

आज की राजनीति में गिरते हुए स्तर को देखकर आम आदमी का राजनीतिक दलों के ऊपर से विश्वास उठ रहा है, लेकिन अगर इस दौर के राजनेता अटल बिहारी वाजपेयी से कुछ सीख सकें तो काफी हद तक इस कटुता को कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अपनी पार्टी लाइन से हटकर सही कहने की उनकी क्षमता बार-बार उजागर हुई। अगर उनके पास सच कहने की क्षमता नहीं होती तो गोधरा और बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद उनका अपनी ही पार्टी लाइन से अलग बयान नहीं आता। अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री को राजधर्म निभाने की सलाह सिर्फ अटल बिहारी वाजपेयी के जैसा व्यक्तित्व ही कर सकता है। 


रंजीता रंजन ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व को समझने के लिए आने वाली पीढ़ियों को उनकी कविताओं से बहुत कुछ मदद मिलेगी। 

उन्होंने कहा कि जब तक किसी व्यक्ति में स्वयं में इतनी गहराई नहीं होगी, उसकी रचनाओं में इतनी गहराई नहीं आती। इस नज़र से देखें तो अटल बिहारी वाजपेयी भावनाओं के सागर थे, उनका विराट व्यक्तित्व उनकी रचनाओं से साफ झलकता है। स्वयं आगे बढ़ने के लिए आज के राजनेता किसी भी दूसरे को गिराने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने खुद इस तरह की राजनीति में कभी यकीन नहीं किया। 

उनकी यह सोच उनकी उन पंक्तियों में साफ झलकती है जिसमें उन्होंने कहा था कि, छोटे मन से कभी कोई बड़ा नहीं होता; टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed