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डब्ल्यूएचओ का सुझाव: दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दें
Sun, 10 Oct 2021 01:49 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 10 Oct 2021 01:49 AM IST
सार
डब्ल्यूएचओ ने एक बयान में कहा कि पिछले साल महामारी की शुरुआत के बाद से मानसिक स्वास्थ्य सेवा की मांग बढ़ी है लेकिन यह सेवा या तो प्रभावित है या किसी कारण से रुक गई है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन
- फोटो : Twitter
विस्तार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र के देश (ब्रुनेई, पूर्व मलयेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस) की बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर दें।
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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की पूर्व संध्या पर डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 की वजह से पैदा हुई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की बात कही।
डब्ल्यूएचओ में दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि निम्न व मध्यम आय वाले देशों में मानसिक स्वास्थ्य समस्या से गुजर रहे अधिकांश लोगों को पर्याप्त इलाज उपलब्ध नहीं हो पाता है। मौजूदा महामारी संकट ने चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। इससे प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले निपटना होगा।
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बयान में कहा गया कि लोगों का अलग-थलग पड़ना, आय के स्रोत का खत्म होना, बेचैनी और डर ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया और जो पहले से ही इसके शिकार थे, उनकी स्थिति और भी खराब हो गई। सिंह ने कहा कि डब्ल्यूएचओ सदस्य देशों को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्पन्न अंतर को खत्म करने में मदद कर रहे हैं।
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