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WHO: ट्रांस फैट नियंत्रण से सालाना बचाईं 1.83 लाख जानें, भारत सहित दुनिया के 370 करोड़ लोगों को पहुंचाया फायदा
Thu, 27 Jun 2024 06:20 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 27 Jun 2024 06:20 AM IST
सार
रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ट्रांस फैट पर पाबन्दी लगाने के लिए देशों द्वारा उठाए कदमों की जानकारी दी है। साथ ही इसके उन्मूलन के लिए क्या कुछ किया जा सकता है उससे जुड़े सिफारिशें पेश की हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दुनिया भर में खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट को नियंत्रित करने की वजह से हर साल करीब एक लाख 83 हजार लोगों की जान बचाने में मदद मिली है। वर्तमान में 53 देशों में यह नीतियां अमल में लाई जा रही हैं, जिसमें भारत भी शामिल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ट्रांस फैट को खत्म करने में हुई वैश्विक प्रगति पर जारी अपनी नई रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है।
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डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार इन नीतियों से दुनिया की 46 फीसदी आबादी यानी 370 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचा है। 2018 की तुलना में यह एक बड़ा सुधार है, जब केवल छह फीसदी आबादी यानी महज 50 करोड़ लोग ही इन नीतियों के दायरे में थे। डब्ल्यूएचओ ने इस रिपोर्ट में 2018 से 2023 के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। इस रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ट्रांस फैट पर पाबन्दी लगाने के लिए देशों द्वारा उठाए कदमों की जानकारी दी है। साथ ही इसके उन्मूलन के लिए क्या कुछ किया जा सकता है उससे जुड़े सिफारिशें पेश की हैं।
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फैटी एसिड से दिल के दौरे व मृत्यु का जोखिम अधिक
रिपोर्ट के अनुसार ट्रांस फैट या ट्रांस फैटी ऐसिड की वजह से धमनियां अवरुद्ध हो जाती है, नतीजन दिल के दौरे व मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। ट्रांस फैट ह्रदय, दिमाग और लीवर के लिए बड़ा खतरा है, साथ ही इससे डायबिटिज होने की आशंका भी बनी रहती है। इसके अत्यधिक सेवन की वजह से सालाना करीब 3 लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गवां देते हैं।
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भारत में बढ़ी जागरूकता
जंक या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के सेवन के प्रति भारत में भी जागरूकता बढ़ने लगी है। खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने भारत में ट्रांस फैट की सीमा निर्धारित करते हुए नियम जारी किए थे। इसके अनुसार सभी वसा और तेलों में ट्रांसफैटी एसिड की मात्रा दो फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
पांच देशों को सम्मान
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2024 में डब्ल्यूएचओ ने औद्योगिक स्तर पर निर्मित ट्रांस फैट को खत्म करने की दिशा में हुई प्रगति के लिए पांच देशों को सम्मानित किया था। इनमें डेनमार्क, लिथुएनिया, पोलैंड, सऊदी अरब, थाईलैंड शामिल थे।