WHO: रेबीज खत्म करने के लिए कुत्तों की 70% आबादी का टीकाकरण जरूरी, डब्ल्यूएचओ ने की सिफारिश
रिपोर्ट में कहा गया है कि नई सिफारिशों को अपनाकर, देश अपने यहां कुत्तों में रेबीज नियंत्रण कार्यक्रमों को बढ़ा सकते हैं। साल 2030 तक रेबीज से होने वाली मौतों के वैश्विक लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी काम कर सकते हैं।
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रेबीज खत्म करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुत्तों की 70 फीसदी आबादी के टीकाकरण की सिफारिश की है। उसकी नई रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी में एक बार लक्षण दिखने के बाद रेबीज लगभग 100% घातक होता है। 99% मामलों में घरेलू कुत्ते मनुष्यों में रेबीज वायरस के संचरण के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसे रोकने के लिए टीकाकरण ही सबसे अधिक किफायती रणनीति है।
खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ), डब्ल्यूएचओ और पशु स्वास्थ्य के लिए विश्व संगठन (डब्ल्यूओएएच) ने रेबीज के खिलाफ कुत्तों के ओरल टीकाकरण पर अपडेट जारी किए हैं। इसे ‘कुत्तों में रेबीज नियंत्रण कार्यक्रमों में क्षेत्रीय प्रयोग को एक साथ लाने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार ओरल रेबीज टीकाकरण (ओआरवी) एक आशाजनक विकल्प है, जो क्षेत्रीय वन्यजीव आबादी के बीच उन्मूलन प्रयासों में प्रभावी साबित हुआ है। वन्य जीवन में इसकी सफलता के बावजूद कुत्तों में रेबीज को नियंत्रित करने के लिए ओआरवी को व्यापक रूप से लागू नहीं किया गया है।
नए निर्देशों से वैश्विक लक्ष्य हासिल करने में मिलेगी मदद
रिपोर्ट में कहा गया है कि नई सिफारिशों को अपनाकर, देश अपने यहां कुत्तों में रेबीज नियंत्रण कार्यक्रमों को बढ़ा सकते हैं। साल 2030 तक रेबीज से होने वाली मौतों के वैश्विक लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी काम कर सकते हैं।