फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Who is the first patient of coronavirus, Search of Patient Zero fast in China, How Covid 19 spread

कौन है कोरोनावायरस का पहला मरीज, क्या चीन ने दी गलत जानकारी? 'पेशेंट जीरो' की तलाश तेज

Mon, 09 Mar 2020 02:55 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Mon, 09 Mar 2020 02:55 PM IST
सार

  • चीन में कोरोनावायरस के पहले मरीज की तलाश जारी
  • क्या कोरोनावायरस को लेकर चीन ने दी गलत जानकारी?
  • चीन में पहले मरीज को लेकर अभी भी बना हुआ है संदेह 
  • पहले मरीज पर चीनी प्रशासन और विशेषज्ञों की बीच मतभेद

विज्ञापन
Who is the first patient of coronavirus, Search of Patient Zero fast in China, How Covid 19 spread
कोरोनावायरस से बचने के लिए मास्क पहने हुए लोग - फोटो : PTI

विस्तार

चीन में कोरोनावायरस की वजह से सोमवार को 22 और लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 नए मामले सामने आए हैं। चीन में कोरोनावायरस के कारण अब तक 3,119 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 80,700 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। वहीं, चीन ने अब उस शख्स की तलाश तेज कर दी है जो इस बीमारी का पहला मरीज था। 

विज्ञापन



 

किसे कहते हैं 'पेशेंट जीरो'?

मेडिकल के क्षेत्र में तकनीकी भाषा में किसी भी बीमारी के पहले मरीज को 'पेशेंट जीरो' कहा जाता है। चीन उसी पेशेंट जीरो को तलाश कर रहा है। पहले चीन ने कहा था कि यह वायरस सांपों से लोगों में आया बाद में बताया गया कि यह चमगाड़क लोगों में फैला है। 

विज्ञापन

पहले मरीज को लेकर अभी भी संदेह

चीन में पहले मरीज को लेकर अभी भी संदेह की स्थिति बनी हुई है। दिसंबर 2019 में चीनी सरकार ने जानकारी दी थी कि कोरोनावायरस के शुरुआती मरीजों में निमोनिया जैसे लक्षण सामने आए थे। चीन की तरफ से बताया गया था कि पहला मामला वुहान शहर के सी-फूड मार्केट से जुड़ा हुआ है। कहा गया था कि पहला मरीज सी-फूड मार्केट के आस-पास रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

चीनी सरकार के दावे से विशेषज्ञ सहमत नहीं

चीनी सरकार के दावे से उलट विशेषज्ञों का मानना है कि पेशेंट जीरो का मीट मार्केट से कोई लेना-देना नहीं था। लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना का पहला मामला एक दिसंबर 2019 को ही सामने आ गया था। जिस व्यक्ति में ये संक्रमण पहली बार पाया गया उसका सी-फूड मार्केट से कोई संपर्क नहीं था। 

रिपोर्ट पर यकीन किया जाए तो यह तारीख वुहान में कोराना के फैलने से काफी पहले की है। ऐसे में चीनी सरकार के दावों पर उंगली उठनी लाजिमी हैं। फरवरी में चीनी मीडिया में छपी एक रिपोर्ट में भी कहा था कि कोरोना की उत्पत्ति का केंद्र वुहान का सी-फूड मार्केट नहीं है। 

चीन में पहले ही फैल चुका था संक्रमण

चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस और चाइनीज इंस्टिट्यूट ऑफ ब्रेन के रिसर्च में यह दावा किया गया था। डॉ. यू वेनबिन की अगुवाई में डॉक्टरों की एक टीम ने जिनोमिक डाटा के विश्लेषण में पाया कि सी-फूड मार्केट से पहले ही कोरोना का संक्रमण फैल चुका था। इस  विश्लेषण में तो कोरोना की शुरुआत को नवंबर महीने से पहले की बताई गई है। 

चीनी प्रशासन और विशेषज्ञों की बीच मतभेद

चीनी प्रशासन और विशेषज्ञों की बीच पेशेंट जीरो को लेकर अभी भी मतभेद है। माना जा रहा है कि कोरोना से संक्रमित हुए पहले व्यक्ति की तलाश के साथ ही इसके इलाज को लेकर भी बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है। इससे ये भी पता लगाया जा सकेगा कि वायरस की शुरुआता कब, कहां और कैसे हुई।

कैसे फैला वायरस? ठोस जानकारी नहीं

कोरोनावायरस की शुरुआत को लेकर अभी तक कई तरह के शोध सामने आए हैं। सबसे पहले शोध में यह बताया गया था कि ये वायरस चीन के जहरीले सांप से विकसित हुआ है। बाद में इसकी उत्पत्ति का कारण चमगादड़ को माना गया। हालांकि, अब तक शोधकर्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन अभी शुरुआती राय पर ही टिका हुआ है और उसका मानना है कि ये संक्रमण किसी जहरीले जानवर से ही इंसानों में फैला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed