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कौन हैं श्रीकांत पुरोहित, कैसे आए NIA के शिकंजे में? SC से 9 साल बाद मिली जमानत

Mon, 21 Aug 2017 01:43 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम Updated Mon, 21 Aug 2017 01:43 PM IST
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Who is Colonel Shrikant Purohit and what is his connection with malegaon blast 2008

भारत की शीर्ष अदालत ने 29 सितंबर 2008 में हुए मालेगांव बम ब्लास्ट के मामले में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को जमानत दे दी। NIA ने शीर्ष अदालत में पुरोहित को जमानत देने का विरोध किया। उसका कहना था कि लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को दोषी ठहराने के पर्याप्त कारण हैं। सुप्रीम कोर्ट मामले के अन्य प्रमुख आरोपियों साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और असीमानंद को भी जमानत दे चुका है।

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पुणे में जन्में श्रीकांत पुरोहित का जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ। श्रीकांत के पिता बैंक में नौकरी करते थे उनकी एजुकेशन पुणे में ही हुई। 1994 में पुरोहित को मराठा लाइट इन्फेन्ट्री के लिए सलेक्ट किया गया था। जम्मू-कश्मीर में काम करते वक्त वो बीमार हो गए, जिस वजह से उन्हें मेडिकली डाउनग्रेड कर दिया गया। इस वक्त उन्हें मिलिट्री इंटेलीजेंस में शिफ्ट किया गया।
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पढ़ें: मालेगांव ब्लास्ट केस: जब पहली बार आया 'हिंदू आतंकवाद' का नाम
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2002 और 2005 के बीच जम्मू-कश्मीर में पुरोहित बेहद महत्वपूर्ण आतंक-विरोधी ऑपरेशन का हिस्सा बने। इस वक्त उन्हें MI-25 इंटेलीजेंस फील्ड सिक्योरिटी यूनिट में तैनाती मिली। इस यूनिट की जिम्मेदारी बॉर्डर के आस-पास दुश्मन पर नजर रखना होता है। कहा जाता है कि नासिक के नजदीक दिओली में लाइसन यूनिट ऑफीसर रहते वक्त वो रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय के संपर्क में आए।

ऐसे मालेगांव केस में हुई गिरफ्तारी

Who is Colonel Shrikant Purohit and what is his connection with malegaon blast 2008

कहा जाता है कि उपाध्याय ने एक अतिवादी हिंदूवादी संगठन अभिनव भारत बनाया, जिसके पुरोहित बाद में हिस्सा बने। उपाध्याय भी मालेगांव केस में जेल में हैं। पुरोहित पर ये भी आरोप लगे कि उन्होंने सेना का 60 किलो आरडीएक्स भी चुराया था, जिसमें से कुछ का इस्तेमाल मालेगांव ब्लास्ट में किया गया।

पढ़ें: बम ब्लास्ट के आरोपी की नाम के आगे ‘श्री’ लगाने की मांग खारिज

उनपर हिंदूवादी संगठन अभिनव भारत को फंडिंग और समूह के लोगों की ट्रेनिंग कराने का भी आरोप लगा। पुरोहित जब आर्मी एजुकेशन कॉर्प्स ट्रेंनिंग कॉलेज सेन्टर पंचमढ़ी, मध्यप्रदेश में तैनात थे और अरबी सीख रहे थे, उस वक्त पुलिस ने कुछ एसएमएस को डिकोड किया जो कि मालेगांव ब्लास्ट के बाद पुरोहित की तरफ से उपाध्याय को भेजे गए थे।

जिसके बाद उन्हें मामले में पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। श्रीकांत उस वक्त से जेल में ही थे।

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