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कौन है अरिहा शाह?: जिसका मुद्दा PM मोदी ने जर्मन चांसलर के सामने उठाया; पूरे मामले पर क्या बोला विदेश मंत्रालय

Mon, 12 Jan 2026 06:30 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 12 Jan 2026 06:30 PM IST
सार

पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के दौरान अरिहा शाह के मामले का जिक्र किया। अरिहा बीते चालीस महीनों से जर्मन सरकार की देखरेख में है और उसके माता-पिता उससे मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। विदेश सचिव ने इसके अलावा, ईयू-भारत एफटीए, ईरान और ग्रीनलैंड के हालात पर भी भारत का रुख सामने रखा। विस्तार से पढ़िए रिपोर्ट-

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Who is Ariha Shah PM Modi raised issue with German Chancellor; what did the MEA say on the matter?
फ्रेडरिक मर्ज, नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई

विस्तार

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के बीच विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अरिहा शाह मामला, यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौता, ईरान की स्थिति और भारत-जर्मनी सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि अरिहा की भारतीय परिवेश में परवरिश के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एफटीए वार्ता में प्रगति हुई है। 
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अरिहा शाह मामले पर क्या कहा?
अरिहा बीते चालीस महीनों से माता-पिता और परिवार से दूर जर्मनी सरकार के देखभाल में है। इसे फोस्टर केयर कहा जाता है। इस मामले को लेकर विदेश सचिव ने कहा, यह एक बहुत ही संवेदनशील विषय है। इसको लेकर हमारी काफी समय से जर्मन सरकार, जर्मनी के अधिकारियों, दिल्ली में उनके दूतावास और इससे जुड़ी उनकी एजेंसियों से बातचीत चल रही है। जैसा कि आपको ध्यान है..यह एक समय पर एक तरह से कानूनी मामला था। लेकिन हमारा मानना है कि मानवता को ध्यान में रखकर इस मामले को हल किया जाना चाहिए। 
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उन्होंने कहा, जो परिवार की व्यथा है..जो उनकी मुश्किलें हैं..हम उनको समझते हैं। लेकिन हमें इसके बारे में पूरी जानकारी है। हर समय पर हमसे जितना बन पड़ रहा है, हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि उनकी परवरिश भारतीय माहौल में हो सके। चाहे वह भारतीय लोगों के साथ उठना-बैठना हो, जर्मनी में मनाए जा रहे भारतीय त्योहारों भाग लेना हो या उसे हिंदी सिखाने का इंतजाम करना हो..इन सभी चीजों पर हमारी कोशिश चल रही है। 
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मिस्री ने कहा, कुछ और चीजों को लेकर भी अभी हाल में हमने कोशिश की है। अभी इस समय मैं उसके बारे में विस्तार से नहीं बता पाऊंगा। लेकिन आपको यह आश्वासन देना चाहता हूं कि इसको लेकर हम जर्मन सरकार के साथ पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने भी चांसलर (फ्रेडरिक) मर्ज से इस चीज का जिक्र किया। हम जर्मन सरकार के साथ इस मामले को आगे भी देखते रहेंगे। हमेशा हर कदम पर परिवार के साथ रहेंगे। आप यह मानकर चलिए कि यह जो हमारा मुद्दा है और जर्मनी के साथ जो बाकी मुद्दे हैं, हम इसे उनसे अलग हटकर नहीं देखते हैं, इसकी भी उतनी ही प्राथमिकता है, जितनी अन्य मुद्दों की है।  

फोस्टर केयर का मतलब क्या है?
किसी बच्चे को उसके माता-पिता या परिवार से दूर रखखर किसी दूसरे परिवार या व्यक्ति के साथ अस्थायी रूप से रहने दिया जाता है। यह तब किया जाता है जब बच्चे का परिवार में रहना संभव नहीं होता है। ऐसा उसकी सुरक्षा या भलाई के लिए किया जाता है। फोस्टर केयर में बच्चे को नया माहौल मिलता है, जहां उसकी देखभाल की जाती है। लेकिन यह अस्थायी होता है। उम्मीद की जाती है कि एक दिन बच्चा अपने परिवार के पास लौट सके। 

अरिहा शाह कौन हैं और यह मामला क्या है?
अरिहा शाह गुजरात के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भावेश शाह और उनकी पत्नी धारा शाह की बेटी हैं। दोनों 2018 में बर्लिन रहने के लिए चले गए। 2021 में इस जोड़े ने अरिहा को जन्म दिया। परिवार के मुताबिक, अरिहा जब सात महीने की थी, तब उसके एक प्राइवेट पार्ट पर एक आकस्मिक चोट लगी। जब अरिहा को अस्पताल ले जाया गया, तो जर्मन अधिकारियों ने इसे यौन हमले का मामला समझ लिया। इसके बाद जर्मनी के युवा कल्याण कार्यालय की निगरानी में रखा गया। जहां उसके माता-पिता को हर हफ्ते केवल दो बार मिलने की अनुमति थी। परिवार के आग्रह पर भारत सरकार ने लगातार जर्मन अधिकारियों के सामने कई बार इस मुद्दे को उठाया। बच्ची का फोस्टर केयर में रहना द्विपक्षीय संबंधों में तनाव का कारण भी बना। 

माता-पिता पर लगे आरोप हटे, लेकिन वापस नहीं की बच्ची
इसके बाद जर्मन अधिकारियों ने यौन हमले के आरोप हटा दिए। लेकिन लापरवाही के लिए उसके माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया। माता-पिता के खिलाफ 2022 में सभी आरोप बंद कर दिए गए और औपचारिक तरीके से कोई आरोप नहीं लगाए गए। हालांकि, अरिहा को अभी भी उसके माता-पिता को वापस नहीं दिया गया है। बच्चों के कल्याण को बढ़ावा देने वाली एजेंसी जगेनडाम्प्ट ने अरिहा की देखभाल के लिए मामला दायर किया था। भारत सरकार ने कई बार यह कहते हुए बच्ची की जल्द वापसी के लिए जोर दिया है कि बच्ची का उसके भाषाई, धार्मिक, सांस्कृति और सामाजिक वातावरण में रहना महत्वपूर्ण है। 

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Who is Ariha Shah PM Modi raised issue with German Chancellor; what did the MEA say on the matter?
विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : एएनआई (फाइल)
अमेरिकी टैरिफ का दबाव कम करेगा ईयू-भारत एफटीए?
विदेश सचिव जब पूछा गया कि क्या यूरोपीय संघ और भारत के बीच एफटीए अमेरिकी टैरिफ का दबाव कम करेगा, तो उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में इस समझौते को जल्द पूरा करने की जरूरत बढ़ गई है। फरवरी में यूरोपीय संघ के आयुक्तों के भारत दौरे के दौरान शीर्ष स्तर पर राजनीतिक निर्णय लिया गया कि एफटीए को जल्द पूरा किया जाए। मिस्री ने बताया कि तबसे दोनों पक्षों के बीच कई दौर की गहन वार्ता हुई है और काफी प्रगति हुई है। उनका कहना था कि यह प्रयास भारत के बाजार का विस्तार करने के लिए किया जा रहा है, क्योंकि दुनिया के अन्य बाजार दबाव में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ चर्चाएं जारी हैं।

ईरान और ग्रीनलैंड के हालात पर क्या कहा?
विदेश सचिव ने ईरान और ग्रीनलैंड के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि वह दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा का पूरा विवरण साझा नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि भारत ईरान में हो रही घटनाओं पर नजर रख रहा है।  ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और छात्र हैं। उन्होंने कहा कि सीमाओं और प्रतिबंधों के बावजूद भारत का दूतावास छात्रों और नागरिकों तक पहुंच बना रहा है और वे सुरक्षित हैं। उन्होंने सभी भारतीयों को सलाह दी कि वे संघर्ष वाले इलाके में न जाएं और खुद को परेशानी में न डालें।

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भारत-जर्मनी सुरक्षा सहयोग और रूस पर निर्भरता
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के इस बयान पर कि भारत-जर्मनी सुरक्षा सहयोग बढ़ाने से भारत की रूस पर निर्भरता कम होगी, मिस्री ने कहा कि जर्मनी की यह नीति रक्षा और सुरक्षा संबंधी दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा सामग्री खरीदने की नीति राष्ट्रीय हितों पर आधारित है, न कि किसी विचारधारा पर। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी एक देश से खरीद, दूसरे से खरीद से जुड़ी नहीं है। अगर भारत विदेश से रक्षा उपकरण खरीद रहा है और घरेलू निर्माण नहीं कर रहा है, तो यह देखा जाता है कि दुनिया में कहां से इसे सबसे सुविधाजनक तरीके से प्राप्त किया जा सकता है।

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