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Covaxin: जानिए किन देशों ने डब्ल्यूएचओ से पहले ही दे रखी है भारत की कोवाक्सीन को मान्यता
Wed, 03 Nov 2021 06:07 PM IST
सुभाष कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुभाष कुमार
Updated Wed, 03 Nov 2021 06:07 PM IST
सार
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने भी कोवाक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले भारतीयों के सर्टिफिकेट को मान्यता देने का एलान किया था। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त, बैरी ओ'फेरेल एओ ने सोमवार को यह जानकारी दी थी।
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डब्ल्यूएचओ ने भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवाक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवाक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। आज बुधवार को डब्ल्यूएचओ की हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इस फैसले पर मुहर लगा दी गई है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने भी कोवाक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले भारतीयों के सर्टिफिकेट को मान्यता देने का एलान किया था। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त, बैरी ओ'फेरेल एओ ने सोमवार को यह जानकारी दी थी।
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कोवाक्सीन को अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूरी नहीं मिल पाई थी। इस कारण कई देशों में इस वैक्सीन की डोज लगवाने वाले लोगों को यात्रा करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।डब्ल्यूएचओ द्वारा 26 अक्तूबर को भी कोवाक्सीन को मान्यता देने के लिए बैठक आयोजित की गई थी, इसमें निर्माता कंपनी भारत बायोटेक से अतिरिक्त डाटा साझा करने के लिए कहा गया था।
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हालांकि, कुछ देश डब्ल्यूएचओ से पहले ही भारत के इस स्वदेशी टीके को मंजूरी दे चुके हैं। अब तक 15 देशों ने अपने यहां भारत की कोवाक्सीन को मान्यता दी है। इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, गुयाना, ग्रीस, एस्तोनिया, ईरान, मॉरिशस, मेक्सिको, नेपाल, पराग्वे, फिलीपींस और जिम्बाब्वे शामिल है।
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मंजूरी पर क्या बोला डब्ल्यूएचओ?
कोवाक्सिन को मंजूरी देने वाले डब्ल्यूएचओ के तकनीकी सलाहकार समूह में दुनियाभर को कई नियामक विशेषज्ञ शामिल रहे। उनकी तरफ से समीक्षा के बाद कहा गया कि कोवाक्सिन कोरोनावायरस से बचाव करने में डब्ल्यूएचओ के मानकों पर खरी उतरती है और इससे होने वाले छोटे-मोटे जोखिमों पर इसके लाभ काफी भारी पड़ते हैं। इसलिए यह वैक्सीन पूरे विश्व में इस्तेमाल की जा सकती है।
कोवाक्सिन वैक्सीन की समीक्षा डब्ल्यूएचओ के स्ट्रैटिजिक एडवाइजरी ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट ऑन इम्युनाइजेशन (SAGE) ने भी की। इस पैनल ने 18 साल से ऊपर के लोगों को कोवाक्सीन दो डोजों में चार हफ्ते के अंतराल में देने के तरीके को मान्य करार दिया।
हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा है कि गर्भवती महिलाओं पर कोवाक्सिन के इस्तेमाल पर जो डेटा दिया गया, वह अभी भी अपर्याप्त है, जिसकी वजह से प्रेग्नेंसी के दौरान इसकी सुरक्षा और क्षमता को आंका नहीं जा सकता। गर्भवती महिलाओं पर यह स्टडीज सुनियोजित होती हैं।