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कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता, राज्यों के प्रभारी और अध्यक्ष कब देंगे इस्तीफा?
Sat, 29 Jun 2019 06:04 PM IST
शशिधर पाठक
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Published by: शशिधर पाठक
Updated Sat, 29 Jun 2019 06:04 PM IST
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कांग्रेस (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपना इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि राहुल के इस्तीफा वापस लेने की कोई संभावना नहीं है। मणिशंकर अय्यर के अनुसार राहुल गांधी अध्यक्ष पद से भले इस्तीफा दे दिए हों लेकिन उन्हें कांग्रेस पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करते रहना होगा।
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस बीच दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से भेंट के बाद साफ किया कि उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है, लेकिन वह कांग्रेस के नेता हैं। पार्टी को मजबूत बनाने का काम करते रहेंगे। दरअसल, अभी कांग्रेस पार्टी छुटभैया नेताओं के बाद अपने कुछ बड़े नेताओं के इस्तीफा देने का भी इंतजार कर रही है।
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मंच खाली हो
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी की मानें तो राहुल गांधी पार्टी के पदों पर बैठे नेताओं के भीतर नैतिक जिम्मेदारी लेने का भाव पैदा करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि अपनी जिम्मेदारी लेते हुए राज्यों के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य आगे आएं। कदम उठाएं। मंच पर बैठे नेता कुर्सियां खाली करें और इसके बाद कुर्सी पर सही चेहरे को बैठाने का निर्णय हो सके।
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यह राहुल गांधी की पहले की सोच है कि पार्टी को युवा बनाया जाए। युवा और वरिष्ठ नेताओं, नए चेहरों को अधिक से अधिक अवसर दिया जाए। पार्टी जमीनी राजनीति में कड़ी मेहनत करे और कांग्रेस पार्टी खड़ी हो।
बड़े नेता कब देंगे पद से इस्तीफा?
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जल्द ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि यह अभी कयास है, लेकिन राहुल गांधी देशभर के उन 17 प्रदेशों के पदाधिकारियों से इसी तरह की उम्मीद कर रहे हैं, जहां कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिल पाई। राजस्थान में भी वह चाहते हैं कि कुछ बड़े नेता हार की नैतिक जिम्मेदारी सिर पर लें।
राजस्थान के सह-प्रभारी और सचिव तरुण कुमार ने अपना इस्तीफा दे दिया है, लेकिन यह बहुत छोटी बात है। किसान कांग्रेस के अध्यक्ष और भाजपा से कांग्रेस में आए नाना पटोले ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी के कुछ नेताओं की माने तो कुछ बड़े नेताओं को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
गौरतलब है कि राहुल गांधी का कुछ दिन पहले दर्द छलकने के बाद से अब तक करीब 150 नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन इसमें से अधिकांश छुटभैये या नीचे के क्रम वाले नेता हैं। इनके पास कोई बहुत बड़ी जिम्मेदारी नहीं है। जिम्मेदार नेताओं की संख्या कम है।
मठाधीशी खत्म होगी
पार्टी के सूत्र की मानें तो बड़े और पारंपरिक नेताओं ने कांग्रेस पार्टी में एक मठाधीशी का कल्चर विकसित कर रखा है। इस कामकाज के कल्चर को लेकर राहुल और प्रियंका दोनों की भौहें तनी हैं। युवा नेताओं की स्थिति पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधि के तौर पर काम करने की है।
पार्टी के प्रचार, प्रसार, अभियान, आंदोलन तथा जमीनी तैयारी को लेकर कोई स्टैंड लेने के मामले में युवा नेता वरिष्ठों की तरफ मुंह ताकते रहते हैं। इसके सामानांतर वरिष्ठ नेताओं में जमकर गुटबाजी की संस्कृति विकसित हो गई है। बताते हैं कांग्रेस अध्यक्ष इस तरह की मठाधीशी के कल्चर से पार्टी को बाहर निकालना चाहते हैं।