आप के सांसद ने जब शपथ ली तो मेज थपथपाने लगे थे अरुण जेटली, मोदी ने टोका तो मिला ऐसा जवाब
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साल 2018 की बात है जब संसद भवन में राज्यसभा के नवनिर्वाचित सांसदों का शपथग्रहण समारोह चल रहा था। आम आदमी पार्टी के सांसद एनडी गुप्ता ने जब शपथ लेना शुरु किया तो अरुण जेटली मेज थपथपाने लगे। उनके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी बैठे थे। मोदी ने हैरानी भरी नजरों से देखा कि एनडी गुप्ता के शपथ ग्रहण के दौरान अरुण जेटली मेज थपथपा रहे हैं। उन्होंने जब अरुण जेटली के हाथ पर अपना हाथ रखा तो जेटली को माजरा समझ आ गया। उन्होंने धीरे से कहा, गुप्ता जी तो अपने ही आदमी हैं। उनके इस जवाब से मोदी मुस्कुरा उठे। बाद में जब एनडी गुप्ता पीएम मोदी से मिलने आए तो वहां जेटली भी मौजूद थे। शपथग्रहण समारोह की बात पर तीनों अपने अपने अंदाज में मुस्कुरा रहे थे।
बता दें कि जब आप के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता निर्वाचित हुए तो कई दिनों तक यह कहा जाता रहा कि वे तो कांग्रेस के आदमी हैं। कोई कहता, ये नहीं हो सकता, उनके तो भाजपा के साथ बहुत करीबी रिश्ते हैं। बाकी बचे लोगों ने उन्हें केजरीवाल का समर्थक बताया। इस बाबत खुद एनडी गुप्ता ने कहा कि उनके सभी लोगों के साथ अच्छे संबंध थे, इसलिए सभी दलों को लगा कि मैं फलां पार्टी का आदमी हूं। बतौर एनडी गुप्ता, अरुण जेटली एक बहुत ही व्यावहारिक आदमी थे। उनके पास कोई भी व्यक्ति काम लेकर पहुंचता तो वह खाली हाथ नहीं लौटता था। उसका काम हो जाता था। अपने शपथ ग्रहण समारोह को याद करते हुए उन्होंने कहा, जेटली जी ने जब ताली बजाई तो पीएम मोदी हैरान रह गए थे। उन्हें लगा कि मैं तो दूसरी पार्टी का सांसद हूं, इस पर जेटली इतनी खुशी क्यों दिखा रहे हैं। जेटली ने जब मोदी को चुपके से कहा ये तो अपने आदमी हैं। इस पर मोदी बहुत मुस्कुराए थे।
चूंकि अरुण जेटली अपने मन में किसी के प्रति द्वेष नहीं रखते थे, इसलिए वे किसी को भी माफ कर देते थे। दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन को लेकर अरविंद केजरीवाल व उनकी पार्टी के दूसरे नेताओं द्वारा कथित तौर पर जेटली के खिलाफ वित्तीय अनियमित्तताएं बरतने के आरोप लगाए गए थे। इससे नाराज होकर जेटली ने केजरीवाल पर 10 करोड़ रुपये का मानहानि का केस कर दिया। अदालत में सुनवाई भी शुरू हो गई। बतौर एनडी गुप्ता, अरविंद केजरीवाल ने कहा, देख लें अब बहुत हो गया है। अगर जेटली जी से कोई बात हो सकती है तो देखें। इसके बाद मैंने संसद भवन में ही अरुण जेटली से इस बाबत बातचीत की। मैंने कहा, अब इस मामले को लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए। इस पर वे बोले, अच्छा तुम बताओ क्या चाहते हो। मैने कहा, केजरीवाल माफी मांग लेंगे तो आप ये केस वापस ले लो। ठीक है जैसा तुम ठीक समझो। उसके बाद केजरीवाल के माफी मांगते ही जेटली ने तुरंत केस उठा लिया। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अरुण जेटली कितने व्यवहारिक आदमी थे।