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भड़काऊ संदेश का सोर्स पता लगाने का तंत्र विकसित करेगा व्हाट्सएप : रविशंकर प्रसाद
Sat, 27 Jul 2019 05:40 AM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Sat, 27 Jul 2019 05:40 AM IST
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व्हाट्सएप पर आतंक और हिंसा फैलाने के इरादे से भेजे गए भड़काऊ संदेशों की शुरुआत (सोर्स) कहां से हुई यह जानने के लिए कंपनी तंत्र विकसित करेगी। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप के वैश्विक प्रमुख विल काथकार्ट से मुलाकात के दौरान ऐसे संदेशों का सोर्स पता करने के लिए विशेष तंत्र बनाने को कहा। काथकार्ट ने भरोसा दिलाया कि कंपनी इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाएगी।
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रविशंकर ने कहा कि इन संदेशों की शुरुआत कहां से हुई सरकार इसको लेकर गंभीर है और विल काथकार्ट को स्पष्ट किया गया है कि यह पता लगाना कंपनी की जिम्मेदारी है। किसी घटना या हिंसा के बाद तेजी से ऐसे भड़काऊ संदेश प्रसारित होते हैं। यह खतरनाक स्थिति बन सकती है।
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व्हाट्सएप के भारत में 40 करोड़ उपभोक्ता हैं। कंपनी अब तक सरकार की इस मांग का विरोध करती रही है। कंपनी का तर्क था कि इससे एंड टू एंड इंक्रिप्शन करना होगा और इससे उपभोक्ता की निजता का हनन होगा। प्रसाद ने काथकार्ट से भारत में शिकायत अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा है, अभी व्हाट्सएप से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण अमेरिका में बैठा अधिकारी करता है।
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