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SC के फैसले पर AIMPLB बोला- जो तीन तलाक मंजूर करती हैं उनका क्या?

Tue, 22 Aug 2017 02:19 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक तिवारी
amarujala.com- Presented by: अभिषेक तिवारी Updated Tue, 22 Aug 2017 02:19 PM IST
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What will happen to those Muslim women who accept Talaq after judgement says Zafaryab jilani
zafaryab jilani - फोटो : ANI
तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ के फैसले के बाद इस मसले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने मुस्लिम महिलाओं के तीन तलाक को मंजूर करने पर सवाल उठाया है। 
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 उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह देखना होगा कि उन मुस्लिम महिलाओं का क्या होगा, जो फैसले के बाद भी तीन तलाक को मंजूर करती हैं। जिलानी ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हमने पहले भी सम्मान किया है, और आज के फैसले के बारे में भी हम सोचेंगे। वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हम फैसले का सम्मान करते हैं।
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पढ़ें- इन महिलाओं ने दायर की थी सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ याचिका


मामले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बीजेपी सभी तरह के तलाक को खत्म कर देना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन इसे जमीन पर उतारना मुश्किल काम है। 




गौरतलब है कि तीन तलाक के महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ के तीन जजों ने इसे असंवैधानिक बताया है। जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस फली नरीमन, जस्टिस जोसेफ कुरियन ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए कहा- इससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होता है। जबकि इससे पहले चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि तीन तलाक धार्मिक प्रक्रिया और भावनाओं से जुड़ा मामला है, इसलिए इसे एकदम से खारिज नहीं किया जा सकता। 

खेहर ने कहा कि इस मुद्दे पर सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है संसद और केंद्र सरकार, उन्हें ही इस पर कानून बनाना चाहिए। सरकार को कानून बनाकर इस पर एक स्पष्ट दिशा निर्देश तय करने चाहिए। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने इसके लिए केंद्र सरकार को छह महीने का समय दिया। खेहर ने कहा कि छह महीने तक के लिए कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए तीन तलाक पर तत्काल रोक लगाती है। इस अवधि में देशभर में कहीं भी तीन तलाक मान्य नहीं होगा। 
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