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Andhra Temple Stampede: इतने लोग एक साथ आ जाएं तो मैं क्या करूं? वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के संस्थापक का बयान
Sun, 02 Nov 2025 04:55 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कसीबुग्गा (आंध्र प्रदेश)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कसीबुग्गा (आंध्र प्रदेश)
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 02 Nov 2025 04:55 PM IST
सार
Andhra Temple Stampede: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ की घटना को लेकर मंदिर के संस्थापक मुकुंद पांडा ने कहा कि वह इस हादसे के जिम्मेदार नहीं हैं, क्योंकि श्रद्धालु अपने आप लाइन से आगे बढ़ गए थे। वहीं, पुलिस ने बताया कि मंदिर निजी जमीन पर बिना अनुमति के चल रहा था और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया, जिस पर मामला दर्ज किया गया है।
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आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हादसा
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ में नौ श्रद्धालुओं की मौत के बाद मंदिर के संस्थापक मुकुंद पांडा ने कहा कि इस हादसे के लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं। उनका कहना है कि श्रद्धालु अपने आप ही एक साथ आगे बढ़ गए, जिससे यह घटना हुई।
'भगदड़ में नौ लोगों की हुई मौत, कई घायल'
मंदिर के संस्थापक ने बताया कि उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी थी, क्योंकि उन्हें लगा कि सब कुछ सामान्य रहेगा और किसी भी दूसरे दिन की तरह ही पूजा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। शनिवार को श्रीकाकुलम जिले के इस मंदिर में भगदड़ की घटना हुई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई। जिनमें आठ महिलाएं और एक बच्चा शामिल है, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह मंदिर पुजारी मुकुंद पांडा ने अपनी जमीन पर स्वयं बनाया था।
ये भी पढ़ें: 'दिनाजपुर में दो साल से रह रहे दो बांग्लादेशी घुसपैठिए, ममता सरकार के आदेश पर नहीं हुई कोई कार्रवाई', सुकांत का दावा
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'बहुत भीड़ थी, मुझे नहीं पता क्या हुआ'
यह हादसा उस दिन हुआ, जब एकादशी और कार्तिक महीने का त्योहार एक साथ पड़ा, इसलिए बहुत सारे लोग दर्शन करने मंदिर आ गए थे। मंदिर के पुजारी मुकुंद पांडा ने कहा, इतने लोग एक साथ आ जाएं तो मैं क्या करूं? मैं आमतौर पर सभी को लाइन में भेजता हूं, लेकिन कल बहुत भीड़ थी। मुझे नहीं पता क्या हुआ, मैंने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी।
'ऐसी स्थिति बन गई तो मैं क्या करूं'
उन्होंने आगे कहा, मैंने पुलिस को नहीं बताया। मुझे हिम्मत थी, मैंने सभी से कहा कि वे कतार में जाएं। लोग दर्शन के लिए आए थे। अगर वे अचानक दौड़ पड़े और स्थिति ऐसी बन गई, तो मैं क्या कर सकता हूं? पांडा ने बताया कि वह दोपहर तीन बजे तक वहीं मौजूद थे और बिना खाना खाए भीड़ को संभालने की कोशिश कर रहे थे, बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
ये भी पढ़ें: CM स्टालिन का एलान- SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे; मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर विवाद गहराया
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर एक निजी संस्था है और बिना आवश्यक मंजूरियों के संचालित हो रहा था। आयोजक सुरक्षा नियमों का पालन करने में विफल रहे। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
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'भगदड़ में नौ लोगों की हुई मौत, कई घायल'
मंदिर के संस्थापक ने बताया कि उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी थी, क्योंकि उन्हें लगा कि सब कुछ सामान्य रहेगा और किसी भी दूसरे दिन की तरह ही पूजा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। शनिवार को श्रीकाकुलम जिले के इस मंदिर में भगदड़ की घटना हुई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई। जिनमें आठ महिलाएं और एक बच्चा शामिल है, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह मंदिर पुजारी मुकुंद पांडा ने अपनी जमीन पर स्वयं बनाया था।
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'बहुत भीड़ थी, मुझे नहीं पता क्या हुआ'
यह हादसा उस दिन हुआ, जब एकादशी और कार्तिक महीने का त्योहार एक साथ पड़ा, इसलिए बहुत सारे लोग दर्शन करने मंदिर आ गए थे। मंदिर के पुजारी मुकुंद पांडा ने कहा, इतने लोग एक साथ आ जाएं तो मैं क्या करूं? मैं आमतौर पर सभी को लाइन में भेजता हूं, लेकिन कल बहुत भीड़ थी। मुझे नहीं पता क्या हुआ, मैंने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी।
'ऐसी स्थिति बन गई तो मैं क्या करूं'
उन्होंने आगे कहा, मैंने पुलिस को नहीं बताया। मुझे हिम्मत थी, मैंने सभी से कहा कि वे कतार में जाएं। लोग दर्शन के लिए आए थे। अगर वे अचानक दौड़ पड़े और स्थिति ऐसी बन गई, तो मैं क्या कर सकता हूं? पांडा ने बताया कि वह दोपहर तीन बजे तक वहीं मौजूद थे और बिना खाना खाए भीड़ को संभालने की कोशिश कर रहे थे, बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
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पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर एक निजी संस्था है और बिना आवश्यक मंजूरियों के संचालित हो रहा था। आयोजक सुरक्षा नियमों का पालन करने में विफल रहे। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।