फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   what is special frontier force who helped Indian Army in operation controls India China border clash

चीन से लड़ने के लिए बनाई गई थी स्पेशल फ्रंटियर फोर्स, रॉ के जरिए प्रधानमंत्री को करती है रिपोर्ट

Thu, 03 Sep 2020 06:55 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Thu, 03 Sep 2020 06:55 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
what is special frontier force who helped Indian Army in operation controls India China border clash
स्पेशल फ्रंटियर फोर्स - फोटो : iStock

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद खत्म होने की संभावना दिनोंदिन कम होती जा रही है। 29-30 अगस्त को चीन ने एक बार फिर लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की, इस बार चीनी सेना के करीब 500 सैनिकों ने लद्दाख के चुशूल के एक गांव के जरिए पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी इलाके को कब्जाने का प्रयास किया। लेकिन, वह अपनी इस नापाक कोशिश में सफल नहीं हो पाए। 


loader

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद खत्म होने की संभावना दिनोंदिन कम होती जा रही है। 29-30 अगस्त को चीन ने एक बार फिर लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की, इस बार चीनी सेना के करीब 500 सैनिकों ने लद्दाख के चुशूल के एक गांव के जरिए पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी इलाके को कब्जाने का प्रयास किया। लेकिन, वह अपनी इस नापाक कोशिश में सफल नहीं हो पाए। 




चीन की इस हरकत का जवाब भारतीय सेना की उस टुकड़ी ने बखूबी दिया, जिसे कई लोग नहीं जानते हैं। भारत की स्पेशल फ्रंटियर फोर्स ने ब्लैक टॉप पर चीन के एक कैंप पर रविवार तड़के भी कब्जा कर लिया था। एसएफएफ भारतीय सेना का हिस्सा नहीं है लेकिन सेना के तहत ही काम करती है, इसकी अपनी रैंक होती है, जिसका दर्जा भारतीय सेना की रैंक के बराबर होता है। आइए जानते हैं कि एसएफएफ के बारे में कुछ रोचक तथ्य...

क्या होती है स्पेशल फ्रंटियर फोर्स?

स्पेशल फ्रंटियर फोर्स
स्पेशल फ्रंटियर फोर्स - फोटो : iStock
साल 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध के तुरंत बाद एसएफएफ यानी स्पेशल फ्रंटियर फोर्स का गठन किया गया था। यह एक तरह से गुप्त फोर्स थी, जिसमें उस समय तिब्बती सैनिकों को शामिल किया गया था। हालांकि अब इसमें तिब्बतियों और गोरखाओं को शामिल किया जाता है, शुरुआती समय में इस फोर्स को 22 रेजिमेंट (टूटू रेजिमेंट) के नाम से जाना जाता था।

इसे 22 इसलिए कहा जाता था क्योंकि मेजर जनरल सुजान सिंह उबान इसे एसएफएफ की भूमिका में लेकर आए थे और वो 22 माउंटेन रेजिमेंट के तोपखाना अधिकारी थे। ये फोर्स अब कैबिनेट सचिवालय के तहत काम करती है। इस फोर्स का प्रमुख एक आईजी होता है, जो भारतीय सेना की मेजर जनरल की रैंक पर पदस्थ होता है। इसे विकास बटालियन नाम से भी जाना जाता है।

क्या भारतीय सेना का हिस्सा है यह फोर्स?

यह सुनने और समझने में थोड़ा अजीब है कि एसएफएफ भारतीय सेना का हिस्सा नहीं है लेकिन सेना के ऑपरेशन कंट्रोल के तहत ही काम करती हैं, हालांकि ये बात एकदम सच है। इस यूनिट की अपनी रैंक होती है और इसका दर्जा सेना की रैंक के बराबर होता है। यह रेजीमेंट आज भी बेहद गोपनीय तरीके से काम करती है।


इनके पास अलग ट्रेनिंग संस्थान होते हैं, जहां इस फोर्स में शामिल होने वाले विशेष बलों को प्रशिक्षण दिया जाता है। फ्रंटियर फोर्स के जवान प्रशिक्षित विशेष बल के जवान होते हैं, जो अलग-अलग तरह के काम करने में सक्षम होते हैं। महिलाएं भी एसएफएफ यूनिट का हिस्सा बनती हैं। इसके जवानों को अमेरिकी सेना के ‘ग्रीन बेरेट’ की तरह ट्रेनिंग दी जाती है।

एसएफएफ यूनिट की बड़ी उपलब्धियां

  • 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध 
  • अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्ल्यूस्टार 
  • कारगिल युद्ध
  • देश के आतंकवाद विरोधी अभियानों में हिस्सा
  • कई गोपनीय कामों में भी सफल भूमिका निभाई
  • ऑपरेशन मेघदूत के दौरान भी रहा योगदान

1971 के युद्ध में एसएफएफ की भूमिका

साल 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में एसएफएफ ने दमदार प्रदर्शन किया था और ऑपरेशन ईगल को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। साल 1971 में एसएफएफ ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के चटगांव पहाड़ी इलाकों में पाकिस्तानी सेना के घुसपैठ के इरादों को मिट्टी में मिला दिया। 

युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना के संचार माध्यमों को नष्ट करने के लिए एसएफएफ का इस्तेमाल किया गया और कई इलाकों में इन्हें एयरलिफ्ट भी किया गया। इसके अलावा एसएफएफ जवानों ने पाकिस्तानी सैनिकों को बर्मा (म्यांमार) तक जाने से भी रोका। इस युद्ध में विकास बटालियन के कई जवानों ने वीरता पुरस्कार जीते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed