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Sudner Pichai Birthday: खुद का कम्प्यूटर तक नहीं, अमेरिका भेजने में लग गई पापा की पूरी सैलरी, जानें वो सुंदर पिचाई कैसे बने गूगल CEO
Fri, 10 Jun 2022 03:00 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 10 Jun 2022 03:00 PM IST
सार
ऐसा भी कहा जाता है कि सुंदर पिचाई को अपनी कंपनी में लाने के लिए ट्विटर और माइक्रोसॉफ्ट ने काफी जोर लगाया, लेकिन हर बार गूगल ने उनकी सैलरी में भारी-भरकम इजाफा करके उन्हें रोक लिया। आज उनका जन्मदिन है, तो हम आपको बता रहे हैं कि शून्य से शिखर तक उनका सफर कैसे तय हुआ...
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सुंदर पिचाई
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दुनिया के कुछ बड़े आईटी दिग्गजों की बात होगी तो सुंदर पिचाई का नाम सबसे पहले आएगा। वह उन चंद भारतीयों में से हैं, जो सिलिकॉन वैली के दिग्गज बन गए और दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनी गूगल के सीईओ कहलाने लगे। जिसके पास खुद का कम्प्यूटर तक नहीं था, वह सुंदर पिचाई इस समय आईटी क्रांति के सबसे बड़े पायदान पर बैठे हैं। आज उनका जन्मदिन है, तो हम आपको बता रहे हैं कि शून्य से शिखर तक उनका सफर कैसे तय हुआ...
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तमिलनाडु में हुआ जन्म
भारतीय मूल के सुंदर पिचाई का वास्तविक नाम सुंदराजन है। उनका जन्म मदुरै (तमिलनाडु) में 1972 में हुआ था। लेकिन वो चेन्नई में पले-बढ़े। उनकी मां लक्ष्मी एक स्टेनोग्राफर और पिता रघुनाथ पिचाई इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। सुंदर पिचाई ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई सीबीएसई से मान्यता प्राप्त जवाहर विद्यालय से और 12वीं वना वाणी स्कूल से की।
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आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग
12वीं करने के बाद पिचाई ने आईआईटी खड़गपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बैचलर की डिग्री प्राप्त की। अपने बैच में उन्हें सिल्वर मेडल मिला। स्कॉलरशिप की मदद से अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मैटीरियल साइंस में एमएस किया, और इसके बाद पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री ली। खबरों के मुताबिक, पिचाई के12वीं में 75 प्रतिशत नंबर आए थे।
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अमेरिका आने से पहले नहीं था खुद का कम्प्यूटर
सुंदर ने एक इंटरव्यू में बताया है कि अमेरिका जाने से पहले उनके पास अपना कम्प्यूटर भी नहीं था। उनके परिवार को टेलीफोन कनेक्शन के लिए पांच साल इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि जब उनके घर में फोन लगा तो लगा मानो वह सामुदायिक कनेक्शन हो गया हो। पड़ोसी अपने बच्चों को कॉल करने के लिए आते थे। ऐसी ही बातों से सुंदर की तकनीक की ताकत समझ आई। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया था कि उनको अमेरिका भेजने के लिए उनके पिता की पूरी सैलरी लग गई थी। यह सुंदर पिचाई की पहली विमान यात्रा भी थी।
2004 में गूगल से जुड़े पिचाई
सुंदर पिचाई ने अपनी पहली नौकरी एक कंपनी में बतौर प्रोडक्ट मैनेजर की थी। इसके बाद दूसरी कंपनी में कंसल्टेंट के रूप में काम किया। फिर अप्रैल, 2004 में वे गूगल से जुड़े। गूगल में सुंदर पिचाई पहला प्रोजेक्ट प्रोडक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन शाखा में दिया गया। यहां उन्हें गूगल के सर्च टूल को बेहतर बनाने और दूसरे ब्रॉउजर के यूजर्स को गूगल पर लाने का काम दिया गया था। इसी दौरान सुंदर ने कंपनी को सुझाव दिया कि गूगल को अपना ब्राउजर लॉन्च करना चाहिए। अपने काम और इनोवेशन के दम पर वह गूगल के संस्थापक लैरी पेज की नजरों में आए। इसके बाद उन्हें गूगल में प्रोडक्ट चीफ, एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम प्रमुख जैसे पदों पर रहने के बाद साल 2015 में उन्हें कंपनी का सीईओ बनाया गया।
जान लीजिए कितना कमाते हैं पिचाई
गूगल सीईओ के तौर पर पिचाई को साल 2018 में 47 करोड़ डॉलर यानी करीब 3,337 करोड़ रुपये मिले थे। बता दें कि इसमें उनके सभी तरह के भत्ते भी शामिल हैं। फॉक्स न्यूज के अनुसार, एक हफ्ते में सुंदर पिचाई अगर 40 घंटे काम करते है, तो ऐसे में उनकी हर घंटे की सैलरी 2,25,961 डॉलर यानी करीब 1.60 करोड़ रुपये बैठती है। 2019 में उन्हें गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट का सीईओ नियुक्त किया गया, यानि वे कंपनी के सबसे सर्वोच्च पद पर पहुंच गए। ऐसा भी कहा जाता है कि सुंदर पिचाई को अपनी कंपनी में लाने के लिए ट्विटर और माइक्रोसॉफ्ट ने काफी जोर लगाया, लेकिन हर बार गूगल ने उनकी सैलरी में भारी-भरकम इजाफा करके उन्हें रोक लिया।