{"_id":"66f61014785afba22b011d6e","slug":"west-bengal-why-intimidation-culture-in-medical-colleges-high-court-reprimands-the-govt-order-affidavit-2024-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: 'मेडिकल कॉलेजों में धमकी संस्कृति क्यों', हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार; हलफनामा देने का आदेश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: 'मेडिकल कॉलेजों में धमकी संस्कृति क्यों', हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार; हलफनामा देने का आदेश
Fri, 27 Sep 2024 07:23 AM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 27 Sep 2024 07:23 AM IST
सार
West Bengal: मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में परीक्षा के उत्तर पत्रों के लीक, भ्रष्टाचार और उत्पीड़न जैसे आरोप सामने आ रहे हैं। अदालत इस पर बहुत चिंतित है।
विज्ञापन
कलकत्ता हाई कोर्ट
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में धमकी संस्कृति (थ्रेट कल्चर) को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने पूछा कि आखिर बंगाल के मेडिकल कॉलेजों में धमकी संस्कृति जारी क्यों है। उत्तर बंगाल के एक विशेष समूह (लॉबी) के खिलाफ राज्य के मेडिकल कॉलेजों में धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस शिवगनम और जस्टिस विभास पटनायक की डिविजन बेंच ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण आरोप है। आरजी कर-कांड के संदर्भ में आरोप है कि उत्तर बंगाल, बर्धमान और मालदा सहित राज्य के कई अस्पतालों में डर का माहौल बना हुआ है। आरोप हैं कि इस धमकी का शिकार जूनियर डॉक्टर हो रहे हैं। इन अस्पतालों में एक विशेष समूह के लोग इस तरह के कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भ्रष्टाचार के आरोपों से अदालत चिंतित
मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में परीक्षा के उत्तर पत्रों के लीक, भ्रष्टाचार और उत्पीड़न जैसे आरोप सामने आ रहे हैं। अदालत इस पर बहुत चिंतित है। राज्य के वकील ने बताया कि इन आरोपों के सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मामले में क्या कदम उठाए गए हैं, इस बारे में नेशनल मेडिकल काउंसिल और राज्य सरकार को हलफनाम दाखिल कर जानकारी देनी होगी।