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WB: सीएम ममता का अनुरोध ठुकराकर पीड़ितों से मिले राज्यपाल बोस, NHRC और NCW की टीमों ने मालदा जिले का किया दौरा

Fri, 18 Apr 2025 10:56 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 18 Apr 2025 10:56 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मालदा जिले में पहुंचकर मुर्शिदाबाद जिले के पीड़ितों से मुलाकात की है। जबकि राज्य की सीएम ममता बनर्जी ने उनसे अपील की थी कि वे फिलहाल के लिए ये दौरा टाल दें। राज्यपाल के साथ-साथ महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की है।

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Guv Bose defies Mamata, meets riot victims in Malda alongside NHRC, NCW teams, News in Hindi
मालदा पहुंचे राज्यपाल बोस / हिंसा पीड़ितों से मिलीं NCW की टीम - फोटो : PTI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के बैष्णवनगर में परलालपुर हाई स्कूल राहत शिविर में शुक्रवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दंगा पीड़ितों से मुलाकात की। यह राहत शिविर मुर्शिदाबाद जिले में हुए सांप्रदायिक हिंसा के बाद बेघर हुए सैकड़ों लोगों के लिए बनाया गया है। राज्यपाल के साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की टीमें भी वहां पहुंचीं। राज्यपाल बोस का यह दौरा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस अनुरोध के बावजूद हुआ, जिसमें उन्होंने राज्यपाल से कहा था कि वे फिलहाल वहां ना जाएं। इस पर तृणमूल कांग्रेस (टीएम) ने आरोप लगाया कि राज्यपाल का यह कदम राजनीति से प्रेरित है और इससे माहौल और बिगड़ सकता है।

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प्रभावी कदम उठाए जाएंगे- राज्यपाल
राज्यपाल बोस ने इस दौरान शिविर में मौजूद महिलाओं, बच्चों और पुरुषों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा, 'मैंने पीड़ित परिवारों से बात की, उनकी तकलीफों को समझा। उन्होंने मुझे विस्तार से अपनी समस्याएं बताईं। अब इस पर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।' राज्यपाल ट्रेन से कोलकाता से मालदा पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वे हालात का खुद आकलन करेंगे और जरूरत पड़ने पर अस्पताल, प्रभावित इलाके और अन्य राहत शिविरों का भी दौरा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल शनिवार को मुर्शिदाबाद के दंगा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं।
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NHRC और NCW की टीमों का दौरा
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया और अपनी टीम को मौके पर भेजा। टीम ने शिविर में रह रहे पीड़ितों से बात कर स्थिति का जायजा लिया। आयोग ने राज्य सरकार से तीन हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने महिलाओं और बच्चों की हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा- यहां की स्थिति बहुत खराब है। महिलाएं और बच्चे बेहद कठिन हालात में रह रहे हैं। उन्हें जबरन घरों से निकाला गया और वे गंभीर मानसिक आघात में हैं।


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'क्या टीएमसी सरकार बंगाल को बांग्लादेश बना देना चाहती है?'
महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ की गई है। 'राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने सवाल उठाया कि, क्या टीएमसी सरकार बंगाल को बांग्लादेश बना देना चाहती है?'। आयोग की टीम रात मालदा में बिताएगी और शनिवार को मुर्शिदाबाद जाएगी। रविवार को वे कोलकाता में गवर्नर, मुख्य सचिव और डीजीपी से मिलेंगी।

मुर्शिदाबाद हिंसा में 274 से ज्यादा गिरफ्तार
8 से 11 अप्रैल के बीच मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज, सुत्ती, धुलियान और जंगीपुर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में हिंसा हुई थी। यह हिंसा वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की थी। इस हिंसा में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और 274 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालात को काबू में रखने के लिए 17 कंपनियां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

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