अमर्त्य सेन के विचारों से केंद्र सरकार खफा, इसलिए निशाना बना रही भाजपा : ममता बनर्जी
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पश्चिम बंगाल में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का कर्मस्थल शांति निकेतन स्थित विश्व भारती यूनिवर्सिटी और ममता सरकार के बीच तनातनी का केंद्र बन गया है। यूनिवर्सिटी ने शांति निकेतन की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों की जो सूची जारी की है, उसमें नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन का नाम भी शामिल है। वहीं इस पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के विचार केंद्र सरकार के खिलाफ हैं, इसलिए भाजपा उन्हें निशाना बना रही है।
ममता बनर्जी ने पिछले सप्ताह सेन का एक पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने सेन के विश्व भारती की ओर से अमर्त्य सेन के परिवार पर जमीन कब्जा करने के आरोप लगाए जाने को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी।
ममता ने लगाया केंद्र पर आरोप : ममता बनर्जी ने बोलपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि अमर्त्य सेन के विचार केंद्र सरकार के खिलाफ हैं, इसलिए भाजपा उनको निशाना बना रही है। ठीक उसी तरह जैसे मेरे राजनीतिक विचारों के लिए मुझे पर हमला किया जा रहा है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। ममता ने कहा कि अभिजीत बनर्जी हों या अमर्त्य सेन, उनका समाज में एक अलग स्थान है। हमारे शिक्षाविदों को निशाना बनाया जा रहा है। ममता ने कहा कि उन्होंने (भाजपा) नेताजी पर इतने वर्षों में कुछ नहीं कहा, लेकिन अब वे उनके बारे में बात कर रहे हैं।
I'm targetted politically. Be it Abhijit Banerjee or Amartya Sen, they've a different place in society. Our educationists are being targeted. Now they're feeling isolated. In all these years, they (BJP) didn’t say anything on Netaji. Now they are talking about him: West Bengal CM pic.twitter.com/oim6TgyyBy
— ANI (@ANI) December 28, 2020
सेन ने समर्थन के लिए आभार जताया
सेन ने समर्थन देने के लिए ममता बनर्जी का शुक्रिया अदा किया। साथ ही कहा कि बनर्जी की मजबूत आवाज ताकत का एक जबरदस्त स्रोत है। इसके साथ ही प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने विश्व भारती के कुलपति पर केंद्र के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
ममता ने जमीन वापस लेने के आदेश दिए
ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ लोगों ने डीएम से शिकायत की है, जिसमें कहा है कि विश्व भारती यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी की जमीन पर निर्माण किया है। इससे उनके रास्ते रोक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने एक आदेश पर हस्ताक्षकर कर दिए हैं और हम इसे वापस ले रहे हैं।
Some people have written to DM alleging that Visva Bharati University administration has constructed a boundary wall on PWD land & blocked their path. I have signed an order & we are getting it back: West Bengal CM Mamata Banerjee in Bolpur pic.twitter.com/F3z1194fAH
— ANI (@ANI) December 28, 2020
सेन के पास 13 डेसिमल ज्यादा जमीन : यूनिवर्सिटी
विश्व भारती यूनिवर्सिटी का दावा है कि लीज के तहत अमर्त्य सेन के पास 125 डेसिमल जमीन होनी चाहिए, लेकिन अभी उनके पास 138 डेसिमल जमीन है। यानी उन्होंने 13 डेसिमल जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। बीते गुरुवार को इस बारे में यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार को पत्र भी लिखा, जिसमें कहा कि उसके दर्जनों प्लॉट पर अवैध कब्जा किया गया है। अवैध कब्जाधारकों में अमर्त्य सेन भी शामिल हैं। इसके बाद ममता ने सेन को पत्र लिखा है।
सेन के नाना यूनिवर्सिटी की स्थापना में शामिल थे
रवींद्रनाथ टैगोर ने अमर्त्य सेन के नाना क्षितिमोहन सेन को वर्ष 1908 में शांति निकेतन में आमंत्रित किया था। क्षितिमोहन सेन संस्कृत के विद्वान थे। टैगोर के समय ही यहां कई विद्वानों को 99-99 साल की लीज पर प्लॉट दिए गए। एक प्लॉट क्षितिमोहन सेन के दामाद और अमर्त्य सेन के पिता को भी दिया गया। सेन शांति निकेतन में मौजूद घर में पले-बढ़े। इतना ही नहीं, उन्हें अमर्त्य नाम भी टैगोर ने ही दिया था। वर्ष 1951 में विश्व भारती को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाया गया।
कहा, हम किसानों के साथ हैं
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक महीने से दिल्ली में हो रहे किसाना आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा, हम किसानों के साथ हैं। हम मांग करते हैं कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।
We are with the farmers. We demand the three draconian agriculture laws be withdrawn: West Bengal CM Mamata Banerjee pic.twitter.com/HQ9mOfEECq
— ANI (@ANI) December 28, 2020