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बंगाल: 'टीएमसी विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए धमका रही पुलिस', पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
Mon, 01 Jun 2026 05:31 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 01 Jun 2026 05:31 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के विधायकों को पुलिस धमका रही है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। पढ़िए रिपोर्ट-
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ममता बनर्जी, टीएमसी सुप्रीमो
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोमवार को सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस टीएमसी विधायकों को पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के लिए धमका रही है। बनर्जी ने बिना उचित पुनर्वास योजना के फेरीवालों पर की गई कार्रवाई की भी आलोचना की।
'इजाजत नहीं मिली तो दिल्ली में करूंगी विरोध प्रदर्शन'
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पुलिस राज चल रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोलकाता में टीएमसी नेताओं पर हमलों के विरोध में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो वह अपने विरोध प्रदर्शन को दिल्ली तक ले जाएंगी।
ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं-समर्थकों को किया संबोधित
पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ऑनलाइन संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि टीएमसी ने कोलकाता के रानी रश्मोनी रोड पर धरना देने की अनुमति मांगी थी। लेकिन पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। उन्होंने इस फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर वह राष्ट्रीय राजधानी में भी विरोध प्रदर्शन करेंगी।
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ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी पर अंडा फेंकने की घटना ‘नाटक’ जैसी लगी, बाबूलाल मरांडी बोले; बंगाल सीएम की तारीफ की
पुलिस पर लगाया भाजपा की मदद करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस डराने, गिरफ्तार करने और चुनावी हेरफेर के जरिये टीएमसी को कमजोर करने में भाजपा को मदद कर रही है। उन्होंने कहा, हमें धरना देने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सड़क लगभग खाली रहती है और यह सिर्फ 100 लोगों का विरोध प्रदर्शन है। हमने पुलिस को पत्र दिया था। अगर वे वहां अनुमति नहीं देना चाहते थे तो कोई दूसरा स्थान सुझा सकते थे। अगर अनुमति नहीं मिली तो मैं अकेले दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करूंगी।
हाल ही में टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर सियासी दौरों के दौरान हमले हुए हैं। इसके बाद ममता बनर्जी की ये टिप्पणियां सामने आई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी इस हमले में घायल हुए थे और फिलहाल घर पर स्वस्थ हो रहे हैं। वहीं, श्रीरामपुर से सांसद और संसद में टीएमसी की मुखर आवाज माने जाने वाले कल्याण बनर्जी भी भीड़ का निशाना बने थे।
भाजपा पर तीखा हमला करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ये हमले विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को खत्म करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा थे। उन्होंने कहा, आपने अभिषेक और कल्याण बनर्जी को मारने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस राज चल रहा है और प्रशासन सुनियोजित तरीके से टीएमसी की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा रहा है।
'एक-दो विधायकों को तोड़ने से कमजोर नहीं होगी टीएमसी'
उन्होंने कहा, पुलिस टीएमसी को बैठकें और रैलियां करने की अनुमति नहीं दे रही है। फिर भी हम और मजबूत होकर उभरेंगे। पूरी तरह कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं और एक-दो विधायकों को तोड़ लेने से टीएमसी कमजोर नहीं होगी।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्यभर में उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को राजनीतिक गतिविधियां करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारे कार्यकर्ताओं को बैठकें करने नहीं दी जा रही हैं और हमें बाहर निकलने से रोका जा रहा है। हमारे 2,500 पार्टी कार्यालय तोड़ दिए गए हैं। ईदगाहों पर कब्जा कर लिया गया है और मिशनरी संस्थानों को बंद कर दिया गया है।
टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि पार्टी समर्थकों को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा, हमारे कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है कि अगर वे बैठकों में शामिल हुए तो उनके खिलाफ अवैध हथियार और मादक पदार्थों के झूठे मामले दर्ज किए जाएंगे।
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'इजाजत नहीं मिली तो दिल्ली में करूंगी विरोध प्रदर्शन'
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पुलिस राज चल रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोलकाता में टीएमसी नेताओं पर हमलों के विरोध में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो वह अपने विरोध प्रदर्शन को दिल्ली तक ले जाएंगी।
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ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं-समर्थकों को किया संबोधित
पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ऑनलाइन संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि टीएमसी ने कोलकाता के रानी रश्मोनी रोड पर धरना देने की अनुमति मांगी थी। लेकिन पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। उन्होंने इस फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर वह राष्ट्रीय राजधानी में भी विरोध प्रदर्शन करेंगी।
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पुलिस पर लगाया भाजपा की मदद करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस डराने, गिरफ्तार करने और चुनावी हेरफेर के जरिये टीएमसी को कमजोर करने में भाजपा को मदद कर रही है। उन्होंने कहा, हमें धरना देने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सड़क लगभग खाली रहती है और यह सिर्फ 100 लोगों का विरोध प्रदर्शन है। हमने पुलिस को पत्र दिया था। अगर वे वहां अनुमति नहीं देना चाहते थे तो कोई दूसरा स्थान सुझा सकते थे। अगर अनुमति नहीं मिली तो मैं अकेले दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करूंगी।
हाल ही में टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर सियासी दौरों के दौरान हमले हुए हैं। इसके बाद ममता बनर्जी की ये टिप्पणियां सामने आई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी इस हमले में घायल हुए थे और फिलहाल घर पर स्वस्थ हो रहे हैं। वहीं, श्रीरामपुर से सांसद और संसद में टीएमसी की मुखर आवाज माने जाने वाले कल्याण बनर्जी भी भीड़ का निशाना बने थे।
भाजपा पर तीखा हमला करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ये हमले विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को खत्म करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा थे। उन्होंने कहा, आपने अभिषेक और कल्याण बनर्जी को मारने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस राज चल रहा है और प्रशासन सुनियोजित तरीके से टीएमसी की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा रहा है।
'एक-दो विधायकों को तोड़ने से कमजोर नहीं होगी टीएमसी'
उन्होंने कहा, पुलिस टीएमसी को बैठकें और रैलियां करने की अनुमति नहीं दे रही है। फिर भी हम और मजबूत होकर उभरेंगे। पूरी तरह कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं और एक-दो विधायकों को तोड़ लेने से टीएमसी कमजोर नहीं होगी।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्यभर में उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को राजनीतिक गतिविधियां करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारे कार्यकर्ताओं को बैठकें करने नहीं दी जा रही हैं और हमें बाहर निकलने से रोका जा रहा है। हमारे 2,500 पार्टी कार्यालय तोड़ दिए गए हैं। ईदगाहों पर कब्जा कर लिया गया है और मिशनरी संस्थानों को बंद कर दिया गया है।
टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि पार्टी समर्थकों को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा, हमारे कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है कि अगर वे बैठकों में शामिल हुए तो उनके खिलाफ अवैध हथियार और मादक पदार्थों के झूठे मामले दर्ज किए जाएंगे।