Post Poll Violence: बंगाल से लौटी BJP की समिति ने नड्डा को सौंपी रिपोर्ट; सिहराने वाले तथ्य मिलने का दावा
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के मामले में जांच के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने फैक्ट फाइंडिंग समिति का गठन किया था। इस टीम में पूर्व सीएम, पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और दो राज्यसभा सांसद शामिल थे। टीम ने आज नड्डा से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट सौंपी।
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सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से असंतुष्ट लोगों को धमकियां दी जा रहीं हैं
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बंगाल में सरकारी मशीनरी का घोर दुरुपयोग हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस पर गुंडागर्दी के आरोप लगाते हुए भाजपा की समिति ने दावा किया है कि पार्टी समर्थकों और TMC से असंतुष्ट लोगों को धमकियां दी जा रही हैं। हिंसा और हमले जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। समिति का कहना है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
महिलाओं के साथ हुई क्रूरता पर सीएम ममता का मौन शर्मनाक
समिति के संयोजक और त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देब ने एक्स पर रिपोर्ट सौंपने के बाद लिखा, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सत्तापोषित गुंडों ने प्रदेश में हिंसा फैलाने का काम किया है। प्रशासन का राजनीतिकरण हो चुका है और इन लोगों ने आमजन का जीवन दूभर कर दिया है। बिप्लब ने कहा, 'ममता बनर्जी व उनके साथी दलों ने बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा व महिलाओं के साथ हुई क्रूरता पर मौन साध रखा है, जोकि अत्यंत निंदनीय है।'
'दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं; विरोधियों के खिलाफ सत्ता का दुरुपयोग'पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के पश्चात हुई व्यापक हिंसा की जाँच के लिए बनाई गई समिति ने आज पार्टी अध्यक्ष श्री @JPNadda जी से मिलकर अपनी जाँच रिपोर्ट सौंपी।
टीएमसी के सत्तापोषित गुंडों ने प्रदेश में हिंसा फैलाने का काम किया है। प्रशासन का राजनीतिकरण हो चुका है और इन लोगों ने… pic.twitter.com/MA6Wh7O1hh — Biplab Kumar Deb (@BjpBiplab) June 28, 2024
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, तथ्यान्वेषी समिति ने दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी का विरोध करने वालों पर तृणमूल के "गुंडों" का हमला और अत्याचार सामान्य बात है। यह बेहद शर्मनाक है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए भाजपा के दल ने रिपोर्ट में कहा कि ऐसे राज्य में जिसकी बागडोर एक महिला के हाथों में हो, वहां अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं पर सार्वजनिक रूप से क्रूर हमले हो रहे हैं। उनका यौन उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। भाजपा पैनल ने आरोप लगाया कि राज्य में हर चुनाव के दौरान विरोधियों के खिलाफ सत्ता का दुरुपयोग होता है, जिसमें पुलिस और प्रशासन टीएमसी का हिस्सा बनकर काम करते हैं।
चुनाव में मिली हार से ध्यान भटकाने के लिए नाटक कर रही भाजपा: तृणमूल
भाजपा के तथ्यान्वेषी दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बंगाल का एक बड़ा हिस्सा आज अवैध अप्रवासियों और रोहिंग्याओं से भर गया है। तृणमूल की मिलीभगत से राज्य उनके लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन गया है। हालांकि, पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा की ओर से गठित चार सदस्यीय समिति को नाटक करार दिया। टीएमसी ने रिपोर्ट को हाल ही में मिली चुनावी हार से ध्यान भटकाने का प्रयास बताते हुए खारिज कर दिया। बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में राज्य की 42 सीटों में से 29 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि 2019 के आम चुनावों में जीती गई भाजपा की 18 सीटें घटकर 12 रह गई।
NCW ने महिला कार्यकर्ता पर कथित हमले का संज्ञान लिया
चुनाव बाद हिंसा के अलावा राज्य भाजपा से जुड़े एक अन्य अहम घटनाक्रम में बंगाल के भाजपा कार्यकता पर हमले का महिला आयोग ने संज्ञान लिया। आयोग ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा महिला कार्यकर्ता पर कथित हमले का संज्ञान लिया। आयोग ने तीन दिन के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि उसने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
कूचबिहार जिले में हुई घटना पर बीजेपी आक्रामक
भाजपा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में उनकी पार्टी का समर्थन करने पर रोसोनारा खातून नाम की एक मुस्लिम महिला को निर्वस्त्र कर पीटा गया। भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि यह घटना कूचबिहार जिले के माथाभांगा विधानसभा के रामथेंगा बाजार में हुई। उन्होने कहा, भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा की सदस्य रोसोनारा खातून को बाल पकड़कर खींचा गया और गंभीर शारीरिक हमला किया गया। इस क्रूर घटना ने मुस्लिम समुदाय को झकझोर कर रख दिया। चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद से वह दहशत में थीं और अपना घर छोड़ने से कतरा रही थीं। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं।