West Bengal: हुमायूं कबीर का यू-टर्न, 24 घंटे में ही बालीगंज से उम्मीदवार को दिखाया बाहर का रास्ता; जानिए वजह
पश्चिम बंगाल में नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने बालीगंज सीट से घोषित उम्मीदवार को 24 घंटे के भीतर हटा दिया। सोशल मीडिया तस्वीरों को कारण बताया गया, जबकि उम्मीदवार ने धर्म के आधार पर हटाए जाने का आरोप लगाया।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नवगठित जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के संस्थापक और तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बालीगंज विधानसभा सीट से घोषित उम्मीदवार निशा चटर्जी को महज 24 घंटे के भीतर हटा दिया। इस फैसले को लेकर सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। हुमायूं कबीर ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आई निशा चटर्जी की कुछ तस्वीरें और रील्स पार्टी की छवि के अनुकूल नहीं हैं और इससे जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है।
पार्टी प्रमुख का बयान
जन उन्नयन पार्टी के प्रमुख हमायूं कबीर ने कहा कि बालीगंज इलाके में करीब 49 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। इसी वजह से उन्होंने वहां से मुस्लिम पुलिस अधिकारी हसन को उम्मीदवार बनाया है। हमायूं कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी सभी सीटों पर उम्मीदवार घोषित करेगी। उन्होंने कहा कि वह भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दोनों को चुनौती मानते हैं और दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। हमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी में बड़ी संख्या में हिंदू उम्मीदवार भी होंगे। कुल 200 सीटों में से सिर्फ 90 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार होंगे, जबकि बाकी 110 सीटों पर हिंदू उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे।
#WATCH | Kolkata, West Bengal | Jan Unnayan Party Chief Humayun Kabir says, "... Muslims constitute 49% of the population of Ballygunge. This is why I have nominated a Muslim Police officer, Hassan, as a candidate from there. I will declare candidates on all seats... I am taking… pic.twitter.com/ApyH9tAnkm
— ANI (@ANI) December 24, 2025
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निशा को उम्मीदवार इसलिए नहीं बनाया गया क्योंकि उनका एक वीडियो वायरल हो गया था, जिससे पार्टी की छवि खराब हो रही थी। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि वह हमारी पार्टी की उम्मीदवार नहीं हो सकतीं। इससे जनता में गलत संदेश जाएगा। यह फैसला लेने का मुझे पूरा अधिकार है।
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उम्मीदवार का पलटवार, धर्म के आधार पर हटाने का आरोप
वहीं, निशा चटर्जी ने हुमायूं कबीर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी से इसलिए हटाया गया, क्योंकि वह हिंदू हैं। उन्होंने कहा अचानक मेरे वीडियो को लेकर बातें होने लगीं। लोग तरह-तरह की बातें कह रहे हैं। हुमायूं काकू ने ही मुझसे उम्मीदवार बनने को कहा था। अब वही मेरे चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। निशा चटर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पार्टी सच में धर्मनिरपेक्ष होती, तो उनके साथ ऐसा नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम से सामाजिक तौर पर अपमानित महसूस कर रही हैं और जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी कर सकती हैं।
बाबरी मस्जिद जैसे ढांचे को लेकर पहले ही विवादों में कबीर
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर पहले से ही विवादों में घिरे हुए हैं। दिसंबर की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसे ढांचे के निर्माण की घोषणा के बाद पार्टी से निलंबित कर दिया था। 6 दिसंबर को, बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन, कबीर ने रेजिनगर में मस्जिद की आधारशिला रखी थी, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा हो गया था। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उनका हर कदम सियासी विवादों को और हवा दे रहा है।
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