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बंगाल: शुभेंदु अधिकारी के करीबियों का दावा, नहीं हुई तृणमूल नेतृत्व के साथ सुलह

Thu, 03 Dec 2020 02:06 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 03 Dec 2020 02:06 AM IST
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West bengal: People close to Suvendu Adhikari says claim of reconciliation with Trinamool leadership is wrong
शुभेंदु अधिकारी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात कर सभी गलतफहमी दूर कर ली गई है। अब अधिकारी पार्टी नहीं छोड़ेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने कहा कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मंगलवार रात को बातचीत कर उन्हें मना लिया। गौरतलब है कि अधिकारी ने नाराज होकर सोमवार को ममता कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। टीएमसी ने अपने वरिष्ठ नेताओं सौगत रॉय और सुदीप बंदोपाध्याय को अधिकारी से बैक चैनल वार्ता की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने कहा कि सभी मसले सुलझा लिए गए हैं।

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वहीं, शुभेंदु अधिकारी के करीबी लोगों ने पार्टी नेतृत्व से उनके सुलह होने के दावे को गलत करार दिया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि अधिकारी की नाराजगी कायम है क्योंकि उनकी शिकायतों को दूर नहीं किया गया है।
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उन्होंने बताया कि शुभेंदु अधिकारी भारी जनाधार वाले प्रभावशाली नेता हैं, जिन्होंने राज्य मंत्रिमंडल और अन्य पदों से इस्तीफा दे दिया था, जो कुछ दिन पहले तक उनके पास थे। करीबियों ने बताया कि अधिकारी इस बात पर कायम हैं कि उनके लिए पार्टी के साथ काम करना मुश्किल है।

टीएमसी नेताओं के दावों से नाराज अधिकारी

ऐसा कहा जा रहा है कि जिस तरह से तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया कि मंगलवार को पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी, सौगत रॉय और सुदीप बंदोपाध्याय के अलावा चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ हुई बैठक के बाद वे सभी मतभेद दूर हो गए हैं, उससे अधिकारी नाराज हैं।

सूत्रों ने बताया कि अधिकारी पर्दे के पीछे हुई बैठक में क्या बात हुई, वह मीडिया में लीक नहीं करना चाहते हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बैठक के बाद से अधिकारी से संपर्क नहीं हो पा रहा है।, उन्हें मंगलवार और बुधवार को बार-बार फोन किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि अधिकारी ने पार्टी नेतृत्व को संदेश दिया है, ‘उनके लिए पार्टी के साथ मिलकर काम करना मुश्किल होगा क्योंकि नेताओं ने उनके द्वारा उठाई की समस्याओं का समाधान किए बिना और उन्हें बोलने का मौका दिए बिना मीडिया में झूठे दावे किए हैं।’

नए सिरे से बातचीत की कोई संभावना नहीं

तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य नेता ने पहचान गोपनीय रखते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी इस बात से नाराज हैं कि रॉय ने मंगलवार रात को जल्दबाजी करते हुए दावा कर दिया कि सभी मुद्दों का समाधान हो गया है। जबकि छह दिसंबर को संवाददाता सम्मेलन का आयोजन होना था।

शुभेंदु अधिकारी के करीबी नेता ने कहा, ‘शुभेंदु दा ने बैठक के बाद अपना रुख बताने के लिए कुछ समय मांगा था लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने दूसरी ही तस्वीर पेश करने की कोशिश की। उन्हें यह पसंद नहीं आया और अब सबकुछ खत्म हो गया है।’

रोज नए हथकंडे अपना रही है तृणमूल: भाजपा

इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस रोज नए हथकंडे के साथ सामने आ रही है। अब वह रंगे हाथ पकड़ी गई है। कोई भी सक्षम नेता, तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टी में कभी स्थान नहीं पा सकता।’

गौरतलब है कि नंदीग्राम आंदोलन का चेहरा रहे अधिकारी ने पिछले हफ्ते राज्य के परिवहन, सिंचाई और जलमार्ग मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे अटकलें लगने लगी थीं कि वह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को छोड़ सकते हैं।

पहले भी नाराजगी जता चुके हैं शुभेंदु अधिकारी

कई मौकों पर पार्टी नेतृत्व के प्रति शिकायतों का इजहार कर चुके असंतुष्ट विधायक अधिकारी पूर्वी मेदिनीपुर जिले के शक्तिशाली अधिकारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी क्रमश: तामलुक और कंठी लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं।

अधिकारी का पश्चिमी मेदिनीपुर, बांकुड़ा, पुरुलिया, झाड़ग्राम और बीरभूम के कुछ हिस्सों और अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले के अंतर्गत आने वाली 40-45 विधानसभा सीटों पर खासा प्रभाव है। गौरतलब है कि राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अगले वर्ष अप्रैल-मई में चुनाव होना है।

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