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TMC Martyrs' Day: 'विपक्ष टीएमसी की शहीद दिवस रैली को विफल करने की कोशिश कर रहा है', सीएम ममता का बड़ा आरोप
Sun, 20 Jul 2025 11:25 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:25 PM IST
सार
सीएम ममता बनर्जी ने पार्टी के शहीद दिवस को लेकर विपक्ष पर करारा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष इसे विफल करने का प्रयास कर रहा है, उन्होंने बताया कि अब तक एक लाख से अधिक टीएमसी कार्यकर्ता कोलकाता पहुंच चुके हैं। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी कई ठहरने की जगहों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने एक्स पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई को आगे बढ़ाने की बात दोहराई।
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ममता बनर्जी, सीएम, पश्चिम बंगाल
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली को विफल करने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने इस दिन को तानाशाही के खिलाफ लोकतंत्र की लड़ाई बताया। ममता बनर्जी कोलकाता के एस्प्लानेड इलाके में रैली की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचीं और वहाँ मीडिया से बात की। उन्होंने किसी विपक्षी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन साफ तौर पर भारतीय जनता पार्टी और वाम मोर्चे (सीपीआई एम) की ओर इशारा किया।
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विपक्ष पर जमकर बरसीं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा, 'जब विपक्ष बिना पुलिस अनुमति के रैलियां करता है तो हम उन्हें नहीं रोकते। टीएमसी सभी को विरोध का लोकतांत्रिक अधिकार मानती है। लेकिन जब हमारी रैली में लाखों लोग जुटते हैं, तो विपक्ष घबरा जाता है।' उन्होंने कहा, 'आप समानांतर रैलियां करना चाहते हैं तो जरूर करें, लेकिन जनता हमारे साथ है।'
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शहीद दिवस: लोकतंत्र के लिए कुर्बानी की याद
टीएमसी हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस मनाती है। 1993 में ममता बनर्जी कांग्रेस की युवा नेता थीं और चुनावी सुधार की मांग को लेकर एक रैली का नेतृत्व कर रही थीं। उस दिन पुलिस फायरिंग में 13 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी और करीब 200 लोग घायल हुए थे। उन्होंने कहा, 'उस दिन की मांग थी - 'नो आईडी कार्ड, नो वोट'। हमारी यह लड़ाई आखिरकार रंग लाई और वाममोर्चे को सत्ता से हटना पड़ा।'
सीपीआईएम पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि CPI(M) के शासनकाल (1977-2011) में लोकतंत्र की हत्या हुई। 'लोगों को वोट डालने नहीं दिया जाता था। रैली वाले दिन अपार्टमेंट और हाउसिंग सोसायटियां बंद करा दी जाती थीं ताकि लोग बाहर न निकलें।'
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भाजपा पर भी मुख्यमंत्री का हमला
सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा शासित राज्यों पर बंगाल के निवासियों को बांग्लादेशी बताकर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'लोगों को सिर्फ बंगाली बोलने के लिए रोका और हिरासत में लिया जाता है। हम सबका सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए।'
बाढ़ और केंद्र पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हैं क्योंकि लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और लगातार बारिश भी हो रही है। उन्होंने कहा, 'हमने 5 लाख से ज्यादा तालाब खोदे हैं, 500 चेक डैम बनाए हैं और लोअर दामोदर प्रोजेक्ट शुरू किया है। लेकिन केंद्र सरकार 'घाटाल मास्टर प्लान' पर मदद नहीं कर रही। फिर भी हम इसे तीन साल में पूरा करेंगे।'
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विपक्ष पर जमकर बरसीं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा, 'जब विपक्ष बिना पुलिस अनुमति के रैलियां करता है तो हम उन्हें नहीं रोकते। टीएमसी सभी को विरोध का लोकतांत्रिक अधिकार मानती है। लेकिन जब हमारी रैली में लाखों लोग जुटते हैं, तो विपक्ष घबरा जाता है।' उन्होंने कहा, 'आप समानांतर रैलियां करना चाहते हैं तो जरूर करें, लेकिन जनता हमारे साथ है।'
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शहीद दिवस: लोकतंत्र के लिए कुर्बानी की याद
टीएमसी हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस मनाती है। 1993 में ममता बनर्जी कांग्रेस की युवा नेता थीं और चुनावी सुधार की मांग को लेकर एक रैली का नेतृत्व कर रही थीं। उस दिन पुलिस फायरिंग में 13 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी और करीब 200 लोग घायल हुए थे। उन्होंने कहा, 'उस दिन की मांग थी - 'नो आईडी कार्ड, नो वोट'। हमारी यह लड़ाई आखिरकार रंग लाई और वाममोर्चे को सत्ता से हटना पड़ा।'
सीपीआईएम पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि CPI(M) के शासनकाल (1977-2011) में लोकतंत्र की हत्या हुई। 'लोगों को वोट डालने नहीं दिया जाता था। रैली वाले दिन अपार्टमेंट और हाउसिंग सोसायटियां बंद करा दी जाती थीं ताकि लोग बाहर न निकलें।'
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भाजपा पर भी मुख्यमंत्री का हमला
सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा शासित राज्यों पर बंगाल के निवासियों को बांग्लादेशी बताकर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'लोगों को सिर्फ बंगाली बोलने के लिए रोका और हिरासत में लिया जाता है। हम सबका सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए।'
बाढ़ और केंद्र पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हैं क्योंकि लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और लगातार बारिश भी हो रही है। उन्होंने कहा, 'हमने 5 लाख से ज्यादा तालाब खोदे हैं, 500 चेक डैम बनाए हैं और लोअर दामोदर प्रोजेक्ट शुरू किया है। लेकिन केंद्र सरकार 'घाटाल मास्टर प्लान' पर मदद नहीं कर रही। फिर भी हम इसे तीन साल में पूरा करेंगे।'