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पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव 2019: सीमाई इलाके में नागरिकता पर भिड़ंत

Mon, 06 May 2019 04:41 AM IST
गौरव द्विवेदी रीता तिवारी, अमर उजाला, कोलकाता
रीता तिवारी, अमर उजाला, कोलकाता Published by: गौरव द्विवेदी Updated Mon, 06 May 2019 04:41 AM IST
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West Bengal Lok Sabha Elections 2019: Citizenship confrontation in the border area
लोकसभा चुनाव 2019 (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल में चार चरणों में लोकसभा की 18 सीटों पर भारी मतदान उल्लासित भाजपा अब पांचवें चरण में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) और नागरिकता (संशोधन) विधेयक के हथियार से जंग जीतने के सपने देख रही है। दूसरी ओर ममता बनर्जी भाजपा के इन दोनों हथियारों को लॉलीपॉप करार दे चुकी हैं। इस दौर में छह मई को प्रदेश की जिन सात सीटों पर मतदान होना है, वे सभी पिछली बार तृणमूल कांग्रेस ने जीती थी। लेकिन अब भाजपा को उम्मीद है कि  बांग्लादेश से सटे इलाकों में ये दोनों ही मुद्दे उसके सिर पर जीत का सेहरा बांध देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तक अपनी रैलियों में इन दोनों मुद्दों पर जोर देते रहे हैं। 

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बनगांव : भाजपा की सेंधमारी या अडिग रहेगी तृणमूल

बांग्लदेश सीमा से सटी बनगांव सीट पर मतुआ समुदाय के वोट निर्णायक हैं।  पिछली बार तृणमूल के कपिल कृष्ण ठाकुर जीते थे। तृणमूल सेे ममता ठाकुर और भाजपा से शांतनु ठाकुर लड़ रहे हैं। भाजपा ने इस तबके के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी मतुआ समुदाय की कुलमाता वीणापाणि देवी से आशीर्वाद लिया था। वीणापाणि देवी के निधन के बाद समुदाय में मतभेद हैं।
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हुगली : दूसरी सबसे बड़ी दागी बनाम डॉक्टर

भाजपा ने पूर्व अभिनेत्री लॉकेट चटर्जी को मैदान में उतारा है। उन पर 17 केस हैं जो इस चरण के 668 प्रत्याशियों में दूसरे सर्वाधिक हैं। उनके सामने तृणमूल से डॉ. रत्ना डे नाग हैं जो यहां से दो बार जीत चुकी हैं। भाजपा से पिछली बार लड़े वरिष्ठ पत्रकार चंदन मित्र तीसरे नंबर पर रहे थे। 2014 में रत्ना नाग ने माकपा प्रत्याशी को हराया था।
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आरामबाग : सत्ताधारी की जीत का टूटेगा मिथक?

हुगली जिले की आरामबाग संसदीय सीट पर राज्य के सत्तारुढ़ दल के जीतने का ट्रेंड रहा है। 2009 तक यहां माकपा जीती, 2014 में तृणमूल की जीत हुई। तृणमूल से अपरूपा पोद्दार  फिर इस सीट पर मैदान में हैं। उन्होंने 2014 में माकपा के शक्ति मोहन मलिक को लगभग साढ़े तीन लाख वोटों से हरा सीट पर कब्जा किया था। वर्ष 2004 में माकपा उम्मीदवार अनिल बसु इस सीट पर लगभग 5.97 लाख वोटों के अंतर से जीते थे। तब उन्हें 77.16 फीसदी वोट मिले थे। 

बैरकपुर : तृणमूल के दिनेश त्रिवेदी हैट्रिक की कोशिश में, भाजपा के अर्जुन लगा रहे जोर।
हावड़ा : भाजपा को जीत की आस। तृणमूल प्रत्याशी फुटबॉलर प्रसून दे रहे टक्कर।
उलूबेड़िया : माकपा का गढ़, भाजपा से अभिनेता जय बनर्जी मैदान में।
श्रीरामपुर : तृणमूल से दो बार जीतने वाले कल्याण चटर्जी के सामने भाजपा के देवजीत।

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