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West Bengal: हिंसा के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मुर्शिदाबाद जिले में होगी केंद्रीय बलों की तैनाती

Sat, 12 Apr 2025 07:34 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 12 Apr 2025 07:34 PM IST
सार

Central Forces In Clash-hit Murshidabad: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हिंसा से प्रभावित मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है। बता दें कि, वक्फ कानून के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान जिले के कई इलाकों में हिंसा हुई है और अब तक तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।

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West Bengal High Court Murshidabad violence, deployment of central forces TMC-BJP News in Hindi
कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला- मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बल होंगे तैनात - फोटो : ANI / PTI

विस्तार

पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के विरोध के दौरान भड़की हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। उच्च न्यायालय ने मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है। बता दें कि, केंद्र सरकार की तरफ से वक्फ संशोधन विधेयक को जब संसद में पेश किया गया, उसी वक्त ही राज्य में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। लेकिन जब ये विधेयक संसद से पास होकर कानून बना तो प्रदर्शन हिंसक हो गए। वहीं सूत्रों के मुताबिक कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में अर्द्ध सैनिक बलों की 16 कंपनियां भेजी है।
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यह भी पढ़ें - West Bengal Violence: बंगाल में हिंसा में दो मौतें, 110 गिरफ्तार; मामले का क्या-कब-क्यों-कहां, जानें यहां
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तीन की मौत, 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार
मुर्शिदाबाद जिले में हुई झड़पों में कम से कम तीन लोग मारे गए और हिंसा के सिलसिले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने सामान्य स्थिति बहाल करने में सहायता के लिए मुर्शिदाबाद के प्रभावित क्षेत्रों में सीएपीएफ की तैनाती का आदेश दिया है।
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केंद्र-राज्य से रिपोर्ट तलब, 17 अप्रैल को अगली सुनवाई
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय बल राज्य प्रशासन के साथ समन्वय में काम करेंगे। वहीं अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार और केंद्र दोनों को स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया। जबकि इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख तय की है।

पीठ ने शनिवार को अवकाश के दिन की सुनवाई
मामले में मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की विशेष पीठ गठित की थी। वहीं राज्य के वकील ने अदालत को बताया कि मुर्शिदाबाद के हिंसा प्रभावित सूती, धुलियान और समसेरगंज इलाकों में बीएसएफ की सात कंपनियां तैनात की गई हैं। हालांकि, इस मामले में शुभेंदु अधिकारी के वकील ने आरोप लगाया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बीएसएफ कर्मियों को ठीक से तैनात नहीं किया जा रहा है। जिसके बाद पीठ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को अवकाश के दिन याचिका पर सुनवाई की।

कोर्ट ने राज्य सरकार को दिया था समय
इस मामले में आज जब सुनवाई शुरू हुई तो कोर्ट ने राज्य सरकार को आधे घंटे का समय दिया। केंद्रीय बलों की तैनाती पर उनकी राय मांगी गई। राज्य ने कहा कि केंद्रीय बलों की तैनाती की कोई जरूरत नहीं है। राज्य ने कहा कि राज्य के डीजी राजीव कुमार खुद मुर्शिदाबाद के लिए रवाना हो गए हैं। लेकिन कोर्ट ने आखिरकार केंद्रीय बलों की तैनाती के पक्ष में फैसला सुनाया।

'असली दोषियों की पहचान हो, उन्हें कड़ी सजा मिले'
कोर्ट ने कहा, 'जब इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं, तो कोर्ट आंखें मूंद नहीं सकता। असली दोषियों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए। फिलहाल मुख्य लक्ष्य मुर्शिदाबाद में शांति और सद्भाव बहाल करना है। इसलिए मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश जारी किया गया है। अगर चाहें तो अन्य जगहों पर भी कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों को बुलाया जा सकता है।'

'राज्य में कहीं ऐसी स्थिति बने तो केंद्रीय बलों की हो तैनाती'
कोर्ट ने कहा सूती, समसेरगंज समेत उन सभी इलाकों में जहां हालात अत्यंत तनावपूर्ण हैं, वहां तत्काल केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए। फिलहाल यह आदेश केवल मुर्शिदाबाद जिले के लिए लागू है, लेकिन यदि राज्य के किसी अन्य हिस्से में भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो वहां भी केंद्रीय बलों की तैनाती की जा सकती है। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि केंद्रीय बलों को हरसंभव सहायता मिले।

यहां पढ़ें कलकत्ता हाईकोर्ट का पूरा फैसला:-
https://spiderimg.amarujala.com/assets/applications/2025/04/12/suvendu-adhikari-order-dated-12042025-pil-being-wpa-p153-of-2025-1_67faa22acfdde.pdf

न्यायाधीशों ने लोगों की जान बचाने के लिए कोर्ट खोला - शुभेंदु
हाईकोर्ट से केंद्रीय बलों की तैनाती की खबर आने के बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, यह ममता बनर्जी सरकार की गाल पर चांटा है। छुट्टी के दिन हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने लोगों की जान बचाने के लिए कोर्ट खोला। उन्होंने कहा, हम तब कोर्ट गए जब न ममता सरकार ने और न ही पुलिस ने हमारी बात सुनी, तब हम कोर्ट जाने के लिए मजबूर हुए। कोर्ट ने लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए यह फैसला दिया। हम कोर्ट को प्रणाम करते हैं।


एक घायल ने अस्पताल में तोड़ा दम
मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित इलाकों में झड़प में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। दो लोगों की मौत समसेरगंज में और एक की मौत मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में हुई। समसेरगंज में पिता-पुत्र की मौत की हत्या कर दी गई थी। एक शख्स को घायल होने के बाद मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। वह सूती का रहने वाला था।

बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती हैं ममता- सुकांत मजूमदार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मुर्शिदाबाद में हिंसा को लेकर मचे बवाल के बीच शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हिंदुओं को धमकाने और राज्य को बांग्लादेश बनाने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया। सुकांत ने कहा, ममता बनर्जी के इशारे पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और खामोश बैठी है। लेकिन हिंदू कभी नहीं झुके हैं, और आगे भी लड़ते रहेंगे। हम दिल्ली के संपर्क में हैं और गृह मंत्री को सब कुछ जानकारी है।

केंद्रीय रेल मंत्री को भाजपा ने लिखी चिट्ठी
इस बीच, शनिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान रेलवे संपत्ति पर हुई तोड़फोड़ और हिंसा की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की मांग की। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे एक पत्र में, भाजपा नेता ने मुर्शिदाबाद जिले के कई रेलवे स्टेशनों पर हुई हिंसक घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने पत्र में लिखा, मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि इन तोड़फोड़ की घटनाओं की जांच एनआईए को सौंपी जाए।


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