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West Bengal: ममता ने राज्यपाल को नहीं दिया जवाब, धनखड़ ने कहा- यह सीएम का संवैधानिक कर्तव्य
Thu, 17 Feb 2022 04:18 PM IST
रोमा रागिनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: रोमा रागिनी
Updated Thu, 17 Feb 2022 04:18 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने ममता बनर्जी को राज्यभवन आने के न्योते पर जल्द जवाब देने को कहा है। उन्होंने ट्वीटर पर चिट्टी भी शेयर की है।
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ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राजभवन बुलाया था। अब राज्यपाल ने सीएम से कई मुद्दों पर मांगी गई जानकारी जल्द भेजने को कहा है। धनखड़ ने कहा कि उन्होंने सीएम से जो जानकारी मांगी थी, उसका अब तक जवाब नहीं दिया गया है।
दरअसल, राज्यपाल धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच टकराव की स्थिति है। ममता बनर्जी ने गैर-भाजपा शासित राज्यों के राज्यपालों के अति सक्रियता के खिलाफ एमके स्टालिन से बात की थी। उन्होंने राज्यपाल की सक्रियता की बात कही थी। उन्होंने स्टालिन से बीजेपी विरोधी गठबंधन को मजबूत करने की बात कही थी। जिसका तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी ट्वीट कर समर्थन किया था। उसके बाद बंगाल के राज्यपाल ने पत्र लिखकर 15 फरवरी को ममता बनर्जी को राजभवन आकर बातचीत करने का न्योता दिया था। जिससे कई मुद्दों पर संवैधानिक गतिरोध को टाला जा सके।
राज्यपाल ने इस मामले पर कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से उनके पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है। राज्यपाल ने ट्वीट कर लिखा कि माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संवाद, चर्चा और विचार-विमर्श के लिए उन्हें राजभवन बुलाया गया है। उन्हें अगले सप्ताह जब समय हो राजभवन आकर मिलें। एक संवैधानिक सरकार में बातचीत जरुरी है। जिससे राज्यपाल और सीएम के बीच बन रहे गतिरोध को टाला जा सके।
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राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी को इस पर जल्द जवाब देने को कहा है। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें अभी तक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने 15 फरवरी को भेजे गए पत्र की कॉपी भी ट्वीट की है। राज्यपाल ने कहा कि धारा 167 के तहत मुख्यमंत्री का संवैधानिक कर्तव्य बनता है कि राज्यपाल की ओर से मांगे गई जानकारी का वो जवाब दें। बता दें कि ममता बनर्जी ने राज्यपाल पर कई आरोप लगाते हुए उन्हें ट्वीटर पर ब्लॉक कर दिया था।
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दरअसल, राज्यपाल धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच टकराव की स्थिति है। ममता बनर्जी ने गैर-भाजपा शासित राज्यों के राज्यपालों के अति सक्रियता के खिलाफ एमके स्टालिन से बात की थी। उन्होंने राज्यपाल की सक्रियता की बात कही थी। उन्होंने स्टालिन से बीजेपी विरोधी गठबंधन को मजबूत करने की बात कही थी। जिसका तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी ट्वीट कर समर्थन किया था। उसके बाद बंगाल के राज्यपाल ने पत्र लिखकर 15 फरवरी को ममता बनर्जी को राजभवन आकर बातचीत करने का न्योता दिया था। जिससे कई मुद्दों पर संवैधानिक गतिरोध को टाला जा सके।
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राज्यपाल ने इस मामले पर कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से उनके पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है। राज्यपाल ने ट्वीट कर लिखा कि माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संवाद, चर्चा और विचार-विमर्श के लिए उन्हें राजभवन बुलाया गया है। उन्हें अगले सप्ताह जब समय हो राजभवन आकर मिलें। एक संवैधानिक सरकार में बातचीत जरुरी है। जिससे राज्यपाल और सीएम के बीच बन रहे गतिरोध को टाला जा सके।
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राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी को इस पर जल्द जवाब देने को कहा है। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें अभी तक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने 15 फरवरी को भेजे गए पत्र की कॉपी भी ट्वीट की है। राज्यपाल ने कहा कि धारा 167 के तहत मुख्यमंत्री का संवैधानिक कर्तव्य बनता है कि राज्यपाल की ओर से मांगे गई जानकारी का वो जवाब दें। बता दें कि ममता बनर्जी ने राज्यपाल पर कई आरोप लगाते हुए उन्हें ट्वीटर पर ब्लॉक कर दिया था।