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पेगासस मामला: कमेटी बनाने पर बंगाल को नोटिस, ममता सरकार बोली- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने तक नहीं बढ़ेगी जांच
Wed, 25 Aug 2021 02:11 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्रा
Updated Wed, 25 Aug 2021 02:11 PM IST
सार
पेगासस स्पाईवेयर के जरिए जासूसी कराने के मामले पर बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली एक जांच कमेटी का गठन किया था, इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने मांगा था जवाब।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
विस्तार
पश्चिम बंगाल सरकार को पेगासस मामले की जांच के लिए जांच कमेटी गठित करने पर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना पड़ा है। दरअसल, ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। उनके इस कदम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इसी को लेकर बुधवार को बंगाल सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि जब तक पेगासस मामले में दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट फैसला नहीं करता, तब तक बंगाल सरकार द्वारा गठित जांच समिति इस मामले में जांच शुरू नहीं करेगी।
बंगाल सरकार के इस आश्वासन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी गठित करने के खिलाफ दायर याचिकाओं को पेगासस मामले की बाकी याचिकाओं में शामिल कर लिया। इन पर अब अगले हफ्ते सुनवाई तय की गई है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश न्यायामूर्ति मदन बी लोकुर और कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योतिर्मय भट्टाचार्य को जांच आयोग का सदस्य बनाया है। इस आयोग के गठन की घोषणा राज्य सरकार ने पिछले महीने की थी।
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इस आयोग को अंतरराष्ट्रीय मीडिया की उन रिपोर्ट्स की जांच के लिए बनाया गया था, जिसके मुताबिक भारत के 300 से ज्यादा सत्यापित फोन नंबर उस सूची में शामिल थे, जिन्हें पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल कर निगरानी के लिए संभावित रूप से रखा गया था। इनमें कई नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम मिलने की बात भी सामने आई थी।
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बंगाल सरकार के इस आश्वासन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी गठित करने के खिलाफ दायर याचिकाओं को पेगासस मामले की बाकी याचिकाओं में शामिल कर लिया। इन पर अब अगले हफ्ते सुनवाई तय की गई है।
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बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश न्यायामूर्ति मदन बी लोकुर और कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योतिर्मय भट्टाचार्य को जांच आयोग का सदस्य बनाया है। इस आयोग के गठन की घोषणा राज्य सरकार ने पिछले महीने की थी।
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इस आयोग को अंतरराष्ट्रीय मीडिया की उन रिपोर्ट्स की जांच के लिए बनाया गया था, जिसके मुताबिक भारत के 300 से ज्यादा सत्यापित फोन नंबर उस सूची में शामिल थे, जिन्हें पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल कर निगरानी के लिए संभावित रूप से रखा गया था। इनमें कई नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम मिलने की बात भी सामने आई थी।