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Bengal: टीएमसी में अंदरूनी कलह के बीच पूर्व CM ममता बनर्जी ने लिखी 'गिरगिट' कविता, बागियों को दिया सख्त संदेश
Wed, 27 May 2026 11:06 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शिवम गर्ग
Updated Wed, 27 May 2026 11:06 PM IST
सार
टीएमसी में अंदरूनी कलह के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गिरगिट शीर्षक कविता लिखकर पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को परोक्ष संदेश दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
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कविता के सहारे बागियों पर निशाना!
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में चल रहे अंदरूनी विवाद और नेताओं के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक कविता साझा कर राजनीतिक संदेश दिया है। ममता बनर्जी ने बुधवार रात अपने फेसबुक पेज पर बंगाली भाषा में लिखी कविता 'गिरगिट' पोस्ट की, जिसे पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी पर सीधा इशारा माना जा रहा है।
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कविता के जरिए सियासी संदेश
कविता में ममता बनर्जी ने ऐसे लोगों पर निशाना साधा जो अपने स्वार्थ के लिए बार-बार रंग बदलते हैं। कविता की शुरुआती पंक्तियों में उन्होंने लिखा "गिरगिटों से भी ज्यादा खतरनाक वे बहुरूपी लोग हैं, जो अपने स्वार्थ और कमाई के स्रोत बचाने के लिए और तेजी से रंग बदलते हैं।" कविता में आगे कहा गया है कि ऐसे लोग अपने आर्थिक हितों के लिए कुछ ही घंटों में रंग और चरित्र बदल लेते हैं तथा कार्यकर्ताओं और आम लोगों के आत्मसम्मान को बेच देते हैं।
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बागियों को चेतावनी का संकेत
अपने संदेश में ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को उनके कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने लिखा "जैसे रथ के पहिए चलते हैं, वैसे ही तुम्हारे पहिए भी चलेंगे। तुम्हें इसका परिणाम मिलेगा। उस दिन गद्दार समझेंगे कि अमानवीयता और मूल्यहीनता क्या होती है।" उन्होंने इशारों में कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें समय आने पर जवाब मिलेगा।
टीएमसी में बढ़ता असंतोष
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव के बाद से ही टीएमसी में असंतोष की स्थिति बनी हुई है। पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर भी अंदरूनी स्तर पर नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व लगातार संगठन को एकजुट रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने तनाव और बढ़ा दिया है।
टीएमसी सांसद काकोली घोष का सभी पदों से इस्तीफा
तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया हैं। काकोली घोष दस्तीदार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ने लोकसभा सचेतक के पद से हटा दिया था। माना जा रहा है कि पार्टी के इस फैसले के बाद से ही वह नाराज चल रही थीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ रही हैं। वह बंगाल और वहां के लोगों के हित में एक आम कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी से जुड़ी रहेंगी।