बंगाल: हिंसा पर बोला चुनाव आयोग- गलतफहमी के कारण सीआईएसएफ पर लोगों ने किया हमला फिर हुई गोलीबारी
कूचबिहार में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत के बाद चुनाव आयोग ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट की तलब कर अपने बयान में कहा कि लोगों द्वारा गलतफहमी के कारण सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने के बाद हिंसा हुई।
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान शनिवार को कूचबिहार में हिंसा की बड़ी घटना घटित हुई, जिसमें चार लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग घायल हुए। यह हिंसा सीआईएसएक और आम नागरिकों के बीच सुबह करीब 9.45 पर सीतलकूची विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र संख्या 126 पर हुई। इस घटना को लेकर चुनाव आयोग ने बयान दिया है। आयोग का कहना है कि सीतलकूची विधानसभा सीट के पोलिंग बूथ संख्या 126 पर गोलीबारी की घटना स्थानीय लोगों द्वारा गलतफहमी की वजह से सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने के बाद हुई। आयोग ने सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाए जाने की बात भी कही है।
मतदान केंद्र पर क्या हुआ था ?
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुबह जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) वाले सीतलकूची में मतदान केंद्र के पास मानिक एमडी नाम के एक बीमार लड़के की मदद करने पहंचे तब कुछ स्थानीय लोगों को लगा कि जवान लड़के को पीट रहे हैं। इसी गलतफहमी में वहां 300 से अधिक ग्रामीण जमा हो गए। इसी गलतफहमी के कारण उतेजित भीड़ ने मतदान केंद्र पर घातक हथियारों के साथ हमला कर दिया। इतना ही नहीं, गुस्साई भीड़ ने सुरक्षाबलों पर भी हमला कर दिया और उनके हथियारों को छीनने की कोशिश करने लगे।
भीड़ को काबू करने के लिए सीआईएसएफ ने हवाई फायरिंग की, लेकिन फिर भी लोग नहीं रुके। भीड़ का रौद्र रूप देखकर सीआईएसएफ ने एक्शन लिया और ईवीएम व मतदान से जुड़ी सामिग्री को बचाने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में चार युवकों की मौत हो गई जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों को भी चोंट आईं। बेकाबू भीड़ ने क्यूआरटी वैन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, सीआईएसएफ के एक्शन लेने के बाद भीड़ तितर बितर हो गई, जिसके बाद मतदान कर्मियों को वहां से सुरक्षित बचाया गया। वहीं, घटना को लेकर सीआईएसएफ ने स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराया।
चुनाव आयोग का बयान
चुनाव आयोग ने कहा कि बचाव में सुरक्षाकर्मियों ने पहले हवा में फायरिंग की, लेकिन उससे भीड़ पीछे नहीं हटी। अंत में ईवीएम और अन्य मतदान सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अपनी जान बचाने के लिए मजबूरन सुरक्षाबलों को फायरिंग करनी पड़ी क्योंकि सुरक्षाबलों के पास इसके अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था। परिणामस्वरूप, फायरिंग में जिन लोगों को गोली लगी, उनमें से चार लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार इस हादसे में मरने वालों की पहचान 23 वर्षीय छलमु मिया, 20 वर्षीय जोबेद अली, 28 वर्षीय अमजाद हुसैन और 20 वर्षीय नमीद मिया के तौर पर की गई है। वहीं, घटना में गोली लगने से घायल 50 वर्षीय बिनोय बर्मन, 38 वर्षीय अलोमगिरी, 14 वर्षीय मृणाल हक, 32 वर्षीय देवव्रत दास, 58 वर्षीय दिलीप कुमार, 45 वर्षीय अविजीत और 43 वर्षीय महिला मिनती रॉय घायल हो गई, जिन्हें इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।